Friday, 20 October 2017

बीकानेर में  नाटको का महाकुंभ 12 मार्च से

मुम्बई, भोपाल, चण्डीगढ, गोवा सहित देश के प्रख्यात नाट््य दलो के नाटक होंगे मंचित

बीकानेर में  नाटको का महाकुंभ 12 मार्च से

बीकानेर। अनुराग कला केन्द्र, सुनहरी छबीली फाउंडेशन, हंसराज डागा चैरीटेबल ट्रस्ट और राजूवास, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में बीकानेर में 12 से 14 मार्च तक बीकानेर नेशनल थिएटर फेस्टिवल आयोजित किया जायेगा। फेस्टिवल में देश व प्रदेश के 150 से ज्यादा रंगकर्मी हंसा गेस्ट हाउस में जुटेंगे और वर्तमान रंगकर्म के परिदृष्य, समस्याओ और सिनेरियो पर देश के विख्यात रंग निर्देशकों और लेखको के साथ प्रतिदिन चर्चा करेंगे। समारोह के दौरान प्रतिदिन तीन नाटको का मंचन वेटयनरी सभागार, टाउन हाॅल और हंसा गेस्ट हाउस के सभागार में किया जायेगा और प्रतिदिन रात को लोक-नाट्यो की प्रस्तुतियां भी प्रस्तावित है। नाट्य मंचन के लिये मुम्बई, गोवा, भोपाल, चण्डीगढ आदि राज्यो के प्रसिद्व नाट्य दल आयेंगे और अपनी प्रस्तुतियों से बीकानेर के रंग-दर्शको को आनंदित करेंगे। 
आयोजन समिति के सचिव कलानुरागी अशोक गुप्ता ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान भारतीय रंगमंच के प्रख्यात सख्शियत स्व. दिनेश ठाकुर की संस्था अंक द्वारा अशोक मिश्रा के निर्दशन में नाटक अटके भटके अटके सुर का मंचन भी होगा। नाटक अटके भटके अटके सुर में देश की प्रख्यात रंगनेत्री प्रीता माथुर और अभिनेता अमन गुप्ता अभिनय करेंगे। नाटक के निर्देशक अशोक मिश्रा राष्ट्रीय नाट्य विधालय से स्नातक है और वेलडन अब्बा, समर, नसीम, बवंडर और वैलकम टू सज्जनपुर जैसी फिल्मों में पटकथा, संवाद व गीत लिख चुके है। पटकथा लेखन के लिये अशोक मिश्रा को दो बार राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है और भारतीय टेलीविजन के सुनहरे दौर के धारावाहिक भारत एक खोज के लेखक भी रहे है। समारोह में उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद के सहयोग से भोपाल के रंगनिर्देशक अनूप जोशी के निर्देशन विजय तेंदुलकर के लिखे नाटक प्लीज मत जाओ का मंचन किया जायेगा। रंगमंच के सभी तकनीकी पहलूओ में प्रशिक्षित अनूप जोशी के नाटको का तीन बार एनएसडी के भारत रंग महोत्सव में मंचन हो चुका है। समारोह में पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर के सहयोग से मुम्बई विश्वविधालय के एकेडमी आॅफ थिएटर आट्र्स के निदेशक डा0 मंगेश के निर्देशन में मराठी लोकनाट्य तमाशा का मंचन किया जायेगा। लोक नाटय तमाशा भारत का बेहतरीन लोकनाट्य है जिसका मंचन महाराष्ट्र के 27 प्रतिभाशाली कलाकार समारोह में करेंगे। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक क्षेत्र, पटियाला के सहयोग से चण्डीगढ की प्रसिद्व रंगनिर्देशक सुखमणि के निर्देशन में सेवा(बमअं) ड्रामा रेपेट्री के द्वारा नाटक रोमियो-जूलियट एण्ड सेवन क्लाॅन्स का मंचन किया जायेगा। इस नाटक की निर्देशक सुखमणि क्लाॅन्स थिएटर, पपेट थिएटर, कम्यूनिटी थिएटर में प्रशिक्षित है और इसके लिये पूरे देश में विख्यात है। सुुखमणि के नाटको का प्रदर्शन कई राष्ट्रीय और अन्र्तराष्ट्रीय समारोह में हो चुका है। फेस्टिवल में मुम्बई के एबीएसएस ग्रुप द्वारा भी दो नाटको का मंचन किया जायेगा। मुम्बई के प्रसिद्व अभिनय गुरू राजेन्द्र तिवाडी के निर्देशन में नाटक कजरी और पति चाहिए का मंचन समारोह में किया जायेगा। हंसराज डागा ने बताया कि समारोह में गोवा के सबसे पुराने नाट्य दल हंस थिएटर ग्रुप द्वारा गोवा के प्रसिद्व रंग निर्देशक विजय नायक के निर्देशक में नाटक ताबूत ंिजंदगी का मंचन किया जायेगा। इसके अलावा समारोह में बीकानेर के भी दो नाटको का मंचन किया जायेगा और बीकानेर की लोक-संस्कृति और वैभव से अतिथियो का परिचय करवाया जायेगा।  
आयोजन समिति के अध्यक्ष हंसराज डागा ने बताया कि फेस्टिवल के सफल आयोजन के लिये एक परामर्श मण्डल और एक आयोजन समिति बनाई गई है। परामर्श मण्डल में बीकानेर के वरिष्ठ संगीतज्ञ डा. मुरारी शर्मा, हेमंत डागा, राकेश चावला, अरूण गुप्ता, एस डी चैहान और लक्ष्मीनारायण सोनी को शामिल किया गया है।

आयोजन समिति में बीकानेर के संगीतज्ञ असित-अमित गोस्वामी, कथाकार संजय पुरोहित, रंगकर्मी रवि शुक्ल, नवलकिशोर व्यास, विकास शर्मा, राजशेखर शर्मा, दिनेश रंगा, सुनील जोशी, अशोक व्यास, के के रंगा को शामिल किया गया है। तीन दिन में होने वाले सभी नाट्य मंचन का प्रभारी युवा रंगकर्मी नवलकिशोर व्यास को बनाया गया है और प्रतिदिन होने वाले सेमिनार व परिचर्चा के प्रभारी डा. मुरारी शर्मा होंगे।

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