Wednesday, 18 October 2017

गोइन्का पुरस्कार समारोह एवं सम्मान समारोह संपन्न

डाॅ. काशीनाथ अंबलगे जी को उनकी अनुसृजित कृति \"सुमित्रानंदन पंत अवरा कवितेगळू\" के लिए पुरस्कृत किया गया।

जैन ग्रप आॅफ इंस्टिट्यूशन्स के चेयरमैन डाॅ. चेनराज राॅयचंद जी की अध्यक्षता में गुलबर्गा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार कमला गोइन्का फाउण्डेशन द्वारा घोषित इक्कीस हजार राशि का "पिताश्री गोपीराम गोइन्का हिन्दी कन्नड़ अनुवाद पुरस्कार" से डाॅ. काशीनाथ अंबलगे जी को उनकी अनुसृजित कृति "सुमित्रानंदन पंत अवरा कवितेगळू" के लिए पुरस्कृत किया गया।
संग-संग "गोइन्का कन्नड़ साहित्य सम्मान" से धारवाड़ की सुप्रसिद्ध कन्नड़ साहित्यकार एवं कर्नाटक साहित्य अकादमी की नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रो. मालती पट्टणशेट्टी जी को नवाजा गया। कर्नाटक के वरिष्ठ हिन्दी सेवी श्री रंगनाथराव राघवेन्द्र निडगुंदि जी को "गोइन्का हिन्दी साहित्य सम्मान" से सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर साहित्येतर क्षेत्र के सम्मान "दक्षिण ध्वजधारी सम्मान" से कर्नाटक की सिरमौर प्रतिष्ठित समाज-सेवी धर्मस्थला की श्रीमती हेमावती वी. हेगडे जी को सम्मानित किया गया।
पुरस्कार समारोह दिनांक 6 अप्रैल को 'भारतीय विद्या भवन' बेंगलुरु में आयोजित था। इस समारोह के मुख्य अतिथि कार्पोरेशन बैंक (मेंगलुरु) के सहायक महाप्रबंधक डाॅ. जयन्ती प्रसाद नौटियाल जी थे। समारोह का संचालन डाॅ. आदित्य शुक्ल जी ने किया।
पुरस्कार समारोह के अंत में एक अखिल भारतीय कवि-सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। जिसमें कवि सम्राट  आशकरण अटल जी के संग-संग श्री सुभाष काबरा, श्याम गोइन्कामुकेश गौतम, पूरण पंकज तथा बेंगलूरु के ख्याति प्राप्त कवि डाॅ. आदित्य शुक्ल ने अपनी कविताओं से बेंगलुरू के साहित्य-रसिकों को मंत्र-मुग्ध किया।