Wednesday, 18 October 2017

वसुंधरा ने पेश किया आय व्यय का लेखा जोखा

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज विधानसभा पटल पर आज राज्य का वित्तिय बजट रखा। इस बजट में प्रत्येक वर्ग को खुश करने का प्रयास किया गया हैं। इस प्रकार इस बजट मे आने वाले चुनावों की आहट साफ दिखायी दे रही है। बजट मे जहा रोजगार के अवसर बढाने की योजना पेश की गयी है वही प्रतापगढ को नया जिला बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना मे देश मे पहले नंबर पर है, वही वसुंधरा राजे १२ करोड रू अलग से बजट मे रखे है।

(1)
- राज्य में वेट से पिछले वर्ष की तुलना में २० प्रतिशत राजस्व में वृद्धि होने का अनुमान।
- राज्य में वेट ‘‘धनलक्ष्मी‘‘ नाम से एक योजना आगामी वित्तीय वर्ष में प्रारम्भ की जाएगी। इसके तहत १०० रूपये या १०० रूपये से अधिक के वेट इन्वायस पर लाटरी के जरिये पुरूस्कार दिए जाएंगे।
- घोषणा पत्र प्रस्तुत करने की अवधि ३० जून २००७ तक बढाई गई।
- कम्पनियों द्वारा प्रोफिट एण्ड लॉस अकाउन्ट वर्ष समाप्ति के नौ माह एवं अन्य द्वारा छः माह में पेश करने की सुविधा।
- पेटोल पम्प डीलर्स द्वारा बेचे जाने वाले लुब्रीकेन्ट, यलो क्लोथ एवं फैन-बेल्ट की बिक्री पर कम्पोजिशन स्कीम।
- कषि में प्रयुक्त स्प्रेयर्स के पार्टस एवं एसेसरीज करमुक्त।
- सब्जियों, जडीबुटियों एवं औषधीय पौधों पर मण्डी शुल्क १.६ प्रतिशत से घटा कर ०.५ प्रतिशत।
- सब्जियों पर आढत से ६ प्रतिशत से घटा कर ३ प्रतिशत।
- बिना सिली हुई बेड-शीटस करमुक्त।
- छातें एवं उनके पार्टस व एसेसरीज पर सीएसटी माफ।
- सभी प्रकार के केमिकल्स की वेट दर ४ प्रतिशत।
- जिलेटिन एवं इससे बने कैपसुल की वेट दर १२.५ प्रतिशत से घटा
  कर ४ प्रतिशत।
- toulene, o-xylene, mix-xylene पर वेट दर १२.५ प्रतिशत से घटा कर ४ प्रतिशत।
- रतनजोत एवं इससे विर्निमित बायो डीजल कर मुक्त।
- दालों पर वेट की कर दर ३१ मार्च २००८ तक एक प्रतिशत।

(२)
- केवीआईसी में रजिस्टर्ड ग्रामोद्योग इकाईयां जिनकों ३१ मार्च २००६ तक बिक्री कर मुक्ति का लाभ प्राप्त था, को वेट से ३१ मार्च २००८ तक कर मुक्ति का लाभ।
- निर्यात में प्रयुक्त पैंकिंग मैटेरियल पर इनपुट टेक्स क्रेडिट उपलब्ध।
- सोने एवं चांदी के वर्क की कर दर १२.५ प्रतिशत से घटा कर एक प्रतिशत।
- oven label tapes, elastics, nylone tapes and laces कर मुक्त।
- हेलमेट कर मुक्त।
- राज्य में खरीदे गए पुराने मोटर वाहनों की बिक्री पर केवल मूल्य वद्धि पर ही ४ प्रतिशत कर।
- स्वयं सहायता समूहों द्वारा हस्तनिर्मित वस्तुएं कर मुक्त।
- पार्टी, समारोह आदि के लिए दिए जाने वाले स्थलों बैंक्वेट हाल, मैरिज पैलेस आदि पर विलासिता कर प्रभावी।
- ग्वार, ग्वार-गम एवं ग्वार की दालें प्रवेश कर से मुक्त।
- PP/HDPE woven fabric पर ४ प्रतिशत प्रवेश कर प्रभावी।
- सिनेमाओं पर मनोंरंजन कर ५० प्रतिशत से घटा कर ३५ प्रतिशत।
- पर्यटन को बढावा देने हेतु मान्यता प्राप्त टयूर ऑपरेटर्स द्वारा संचालित पर्यटक अनुज्ञा पत्र पर चलने वाले वाहनों पर देय विशेष पथ कर में ५० प्रतिशत     की छूट।
- भारवाहनों पर कर युक्तिसंगत ।
- ऐसे कषकों जिनकी कषि भूमि अवाप्त की गई हो, के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कषि भूमि छः माह में क्रय करने पर उस पर देय स्टाम्प शुल्क में ५० प्रतिशत की  छूट।
- संबंधियों के पक्ष में निष्पादित दान पत्र पर देय स्टाम्प शुल्क में ५० प्रतिशत की छूट।

(३)
- जयपुर की भांति राज्य के अन्य समस्त जिलों में "Anywhere registration" की सुविधा।
- भूमि कर की दरें संशोधितः
व रॉक फास्पेट धारक भूमियों पर सौ रूपये प्रति वर्गमीटर
व शीशा, जस्ता एवं तांबा धारक भूमियों पर दस रूपये प्रति
वर्गमीटर
व लाईम स्टोन्स धारक भूमियों पर चार रूपये प्रति वर्गमीटर
व सेण्ड स्टोन धारक भूमियों पर दस पैसा प्रति वर्गमीटर
- जयपुर और यूआईटी वालें सभी कस्बों में लीज-होल्ड भूमि को फ्री-होल्ड भूमि में रूपान्तरण की सुविधा।
- कोर्ट फीस का सुसंगतीकरण।
- कर रियायतों एवं कर प्रस्तावों का राजस्व प्रभाव शून्य होगा।

(४)
१९९१-९२ के पश्चात पहली बार राजस्व खाते में आधिक्य। २००६-०७ में राजस्व आधिक्य ९६.४५ करोड अनुमानित। यह राजस्व आधिक्य ७०० करोड. रूपये के अतिरिक्त पेंशन दायित्व ;सेवानिवत्तियाँ इसी वर्ष शुरू हुईद्ध एवं ६०० करोड. के महंगाई भत्तों की किश्तों के बावजूद ।
- राजकोषीय घाटा २००६-०७ में जीएसडीपी का ३.५८ प्रतिशतः २००५-०६ में राजकोषीय घाटा ४.१५ प्रतिशत था।
- राज्य को २००५-०६ व २००६-०७ के लिए भारत सरकार की ऋण माफी योजना के अंतर्गत पात्रता।
- फरवरी, २००४ के बाद कोई ओवर-डाफट नहीं लिया।
- २००६-०७ में लिया सारा कर्जा पूंजीगत सम्पदाओं के सजन में उपयोग लिया।
- एफआरबीएम अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन से राजस्थान विकास एवं गरीबी उन्मूलन फण्ड बनाया जाएगा और फण्ड में २००६-०७ में १०० करोड व २००७-०८ में २०० करोड स्थानान्तरण प्रस्तावित।
- योजना आकार २००६-०७ में ८७५५ करोड व २००७-०८ में १२,८२० करोड सम्भावित।

(५)
- महिलाओं के लिए २०११ तक निम्न लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ‘‘मुख्यमंत्री का पंाच-सूत्रीय‘‘ कार्यक्रमः
व बालिका शिक्षा में शत प्रतिशत नामांकन
व बाल विवाह समाप्त करना।
व सभी महिलाओं को संस्थानिक प्रसव की सुविधा
व जन्म दर को २१ प्रति हजार तक लाना
व प्रति जिले में अगले तीन वर्षो तक १,००० महिलाओं के लिए रोजगार सृजित करना।
- सभी महिला वाली एक बटालियन ‘‘हाडी रानी आर्मस कोरप्स‘‘ के नाम से गठित की जाएगी।
- पुलिस में महिलाओं के लिए ३० प्रतिशत आरक्षण पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाएगा।
- २००० नए आंगनबाडी भवनों का निर्माण किया जाएगा।
- १५०० नए आंगनबाडी केन्द्र खोलें जाएंगें।
- डेयरी बूथ एवं पार्लरस का आवंटन केवल महिलाओं को।
- पुत्र रहित दम्पत्तियों द्वारा अधिकतम दो बालिकाओं के जन्म के पश्चात ‘‘टर्मिनल मेथड्स‘‘ अपनाने पर प्रति बेटी १०,००० रूपये की एफडीआर।
- ग्रामीण क्षेत्रों में दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर माध्यमिक स्कूल होने पर प्रत्येक बालिका को ३०० रूपये में नई साईकिल दी जाएगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में माध्यमिक स्कूल यदि पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर हो तो प्रत्येक बालिका को पांच रूपये प्रति स्कूल दिवस की दर से टांसपोर्ट वाउचर।
- महिलाओं के नहाने की सुविधा हेतु घाट निर्माण के लिए ‘‘निर्मल घाट योजना‘‘ ।

(६)
- बीस करोड. की लागत से एक लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए राजस्थान लाइव्लीहूड मिशन के माध्यम से एक विशेष कार्यक्रम।
- पहिए पर कम्प्यूटर शिक्षाः कम्प्यूटर सहित एक बस प्रत्येक जिले में उपलब्ध करवाई जाएगी। बस एवं कम्प्यूटर्स की लागत का ७५ प्रतिशत सरकार द्वारा वहन।
- लघु औद्योगिक इकाईयों के लिए एक नये पैकेज की घोषणा शीघ्र।
- असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकारी कर्मचारियों की सीपीएफ स्कीम की तर्ज पर ‘‘विश्वकर्मा अंशदायी पेंशन योजना‘‘।
- रोजगार कार्यालय में पंजीकृत स्नातकों को बेरोजगारी भत्ताः
लडकों को ४०० रूपये, लडकियों को ५०० रूपये एवं निःशक्त को ६०० रूपये प्रति माह।
- आर्थिक रूप से पिछडे वर्गो की पहचान करने एवं उनकी आवश्यकतओं का आंकलन करने के लिए एक ‘‘आर्थिक पिछडा वर्ग आयोग‘‘ का गठन।
- आठवीं कक्षा तक के बच्चों हेतु सभी पंचायत समितियों में मिड-डे मील योजना शुरू। भारत सरकार केवल शैक्षणिक रूप से पिछडी पंचायत समितियों में ही यह कार्यक्रम चलाएगी। अन्य सभी पंचायत समितियों में कार्यक्रम की पूरी लागत सहित शैक्षणिक रूप से पिछडी पंचायत समितियों में भी अपना अंशदान राज्य सरकार
देगी।
- १५०० उच्च प्राथमिक विद्यालय माध्यमिक विद्यालयों में व ६०० माध्यमिक विद्यालय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में क्रमोन्नत किए जाएंगे।
- १२,३०० अध्यापकों की भर्ती की जाएगीं
- मदरसों में शिक्षा के आधानुकीकरण हेतु २ करोड ५० लाख का अनुदान।

(७)
- सैनिक स्कूल, चित्तौडगढ के लिए छात्रवत्तियों की राशि में बढोतरी। वर्तमान २७७५ - ९१०० रूपये की छात्रवत्ति को बढा कर ६००० - १५००० रूपये की रेन्ज में किया जाएगा।
- संस्कत शिक्षा के लिए १६ नये वेद विद्यालय व संस्कृत विश्वविद्यालय को ढाई करोड की कॉरपस ग्रान्ट।
- कोटा में एक अन्तर्राष्टीय स्तर के एक स्टूडेन्टस कल्चरल सेन्टर की स्थापना।
- ७००० से अधिक जनसंख्या वाले सभी ३३८ गांवों में खेल मैदान एवं सामान हेतु सहायता।
- एक नई स्टेडियम नीति के तहत तहसील, जिलें एवं सम्भागीय स्तर तक एक स्टेन्डर्ड टाईप डिजायन के अनुसार अगले तीन वर्षो में स्टेडियमों का निर्माण।
- प्रत्येक जनजाति क्षेत्रीय पंचायत समिति में खेल प्रतिभाओं की पहचान एवं विकास के लिए ग्रामीण युवा केन्द्रों की स्थापना।
- जयपुर में एक महिला बास्केटबाल अकादमी की स्थापना।
- सीकर में पीपीपी के आधार पर एक स्पोर्टस स्कूल की स्थापना।
- नेशनल एवं इन्टरनेशनल स्तर पर पदक जीतने पर ईनामी राशि की वर्तमान ५०,००० रूपये की सीमा को बढा कर टूर्नामेंट के स्तर अनुसार अधिकतम १५ लाख तक बढाया जाएगा।
- एक चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत राज्य की ३६५ चिकित्सा सुविधाओं को २४ घण्टे चलाया जाएगा।
- ७५०० एएनएम/जीएनएम की नियुक्ति।
-१०० नई एम्बूलेंसेज एवं ५२ नई मोबाईल चिकित्सा इकाईयां।
- सभी सातों सम्भागीय मुख्यालयों पर मोबाईल सर्जीकल इकाईयों की स्थापना ः वर्तमान में केवल तीन इकाईयां - जयपुर, उदयपुर एवं जोधपुर में।
- १३० नए उप केन्द्र व ३० नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना।

(८)
- १५ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में क्रमोन्नत किया जाएगा।
- बाडमेर, डूंगरपुर एवं झालावाड में तीन नए जीएनएम नर्सिंग कॉलेज की स्थापना।
- पैरा मेडिकल काउन्सिल स्थापित की जाएगी।
- बीओओ पद्धति के आधार पर दो नए टोमा अस्पतालों की स्थापना।
- मानसरोवर में बन रहे नए अस्पताल को बोम्बे हास्पिटल जैसे स्थापित अ स्पतालों की साझेदारी से चलाया जाएगा।
- २० नई आयुर्वेदिक डिस्पेन्सरीज के लिए भवन निर्माण।
- ३० नई आयुर्वेदिक एवं होम्यापैथिक डिस्पेन्सरीज खोली जाएगी। १० नई यूनानी डिस्पेन्सरीज भी खोली जाएगी।
- भारत सरकार द्वारा १७.३६ लाख की कत्रिम सीमा निर्धारण के कारण बीपीएल परिवारों के नये सर्वे में छूटे परिवारों का राज्य सरकार द्वारा अपनाया जाएगा व उन्हें गेंहू, बीपीएल मेडिकेयर कार्ड एवं मुख्यमंत्री जीवन रक्षा योजना के लाभ जारी रहेंगे।
- बीपीएल लाईन से लगे पांच लाख एपीएल परिवारों की लडकियों की मदद हेतु दसवीं, ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर दो हजार रूपया प्रति वर्ष की एफडीआर। स्नातक होने पर पैसा निकाला जा सकेगा।
- विधवा एवं निःशक्त व्यक्तियों की पेंशन राशि २५० रूपये प्रति माह से बढा कर ४०० रूपये प्रति माह।
- विधवाओं के बच्चों को भी पालनहार योजना में शामिल किया जाएगा एवं ६७५ रूपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी।
- पेंशन के लिए पात्र विधवाओं द्वारा शादी करने पर राज्य की ओर से १५,००० रूपये का उपहार।
- निःशक्त व्यक्ति को पेंशन के विकल्प में अपना स्वयं का कार्य शुरू करने के लिए १५,००० रूपये की एकजाई सहायता।
- शेष सभी २६ जिलों में जुवनाईल होम्स की स्थापना।

(९)
- सभी सम्भागीय मुख्यालयों पर बालघरों की स्थापना, जहां पर गोद लेने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
- एससी/एसटी के बैकलाग को घटा कर २१,००० से पिछले तीन साल में १०,००० किया गया।
- अम्बेडकर पीठ एवं पार्क की स्थापना।
- राजस्थान सामाजिक क्षेत्र वाईबीलिटी गेप फण्डिंग योजना प्रारम्भ की जाएगी।
- जनजाति क्षेत्रों में एसटी के लिए ४५ प्रतिशत व एससी के लिए ५ प्रतिशत के विशेष आरक्षण का प्रावधान राज्य सेवाओं को छोडकर शेष सभी सेवाओं और पदों पर लागू।
- ५ नए आश्रम छात्रावासों की स्थापना।
- १५० नए माँ-बाडी केन्द्रों की स्थापना एवं भवन निर्माण।
- जनजाति क्षेत्रों में बीपीएल परिवारों की झोंपडी जलने पर क्षतिपूर्ति की राशि २,५०० रूपये से बढा कर १०,००० रूपये। गैर बीपीएल परिवारों के लिए ५,००० रूपये।
- बेणेश्वर धाम के जीर्णोद्धार एवं सुधार हेतु दो करोड का प्रावधान।
- गुरू गोलवलकर जनसहभागिता योजना का आवंटन ५ करोड से बढा कर ६० करोड।
- आदर्श ग्राम योजना में १०० नए गांवों का चयन होगा।
- मगरा, डांग एवं मेवात क्षेत्रों के विकास कार्यक्रम का बजट बढा कर पांच करोड प्रति बोर्ड किया जाएगा।
- रतनजोत के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सात रूपये प्रति किलोग्राम की घोषणा।
- ‘‘निर्मल ग्राम‘‘ पुरूस्कार जीतने वाली पंचायतों को एक लाख रूपये की उनके क्षेत्र विकास हेतु पुरूस्कार।
- प्रत्येक जिले को जिला योजना कार्यक्रम द्वारा चिन्हित परियोजनाओं के लिए एक करोड की पूंजीगत सहायता।

(१०)
- जिला प्रमुख का मानदेय तीन हजार रूपये प्रति माह से बढा कर चार हजार रूपये, प्रधान का दो हजार रूपये से दो हजार छः सौ और सरपंच का चार सौ रूपये प्रति माह से छः रूपये प्रति माह।
- राजस्थान इनोवेशन फाउण्डेशन की तीन करोड के कारपस के साथ स्थापना।
- कषि में पीएचडी करने वाली लडकियों को दस हजार रूपये का विशेष अनुदान।
- राजफैड खाद की खरीद एवं भंडारण हेतु एक रिवाल्विंग फण्ड की स्थापना करेगा ताकि मौसमी शार्टजेस का सामना करने हेतु, बफर स्टाक किया जा सके।
- नर्सरी निगमन अधिनियम बनाया जाएगा।
- थारपारकर, राठी, गिर और कांकरेज ब्रीडस की नस्ल सुधार हेतु ब्रीडिंग फार्म की स्थापना।
- गौ सेवा आयोग को दो करोड रूपये का अनुदान।
- २८५ पशु डिस्पेन्सरियों को पशु चिकित्सालयों में अगले दो वर्षो में क्रमोन्नत किया जाएगा।
- जनजाति क्षेत्रों में जेएफएम योजनान्तर्गत ४० हजार हेक्टेयर क्षेत्र में क्लोजर्स बनाए जाएंगे।
- राजस्थान की ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का ३६.८६ प्रतिशत उर्जा पर व्यय किया जाएगा। २००८ में राजस्थान में पावर सरप्लस होना सम्भावित।
- ४०० केवी के तीन नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
- २०० केवी के भी तीन नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
- १३२ केवी के १२ नये सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
- श्यामाप्रसाद मुखर्जी विजय ज्योति फीडर सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत पहले फेज में ४,६७५ फीडर्स का सुधार कार्यक्रम।