Friday, 20 October 2017

चारों तरफ छाया है परीक्षा का नशा

शहर में इन दिनों युवाओं पर परिक्षा का नशा छाया हुआ है। विश्वविद्यालय व माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परिक्षाऍं शुरू हो चुकी है साथ ही आठवीं कक्षा के भी बोर्ड एक्जाम चालू हो चुके हैं। परिक्षाओं के इस माहौल में जहां चारों तरफ एक्जाम का माहौल है वहीं शहर में युवाओं की चहलकदमी नजर नहीं आ रही है। जहां देखो वही परिक्षा की बातें ही सुनाई दे रही है। एक साथी दूसरे साथी से यही पूछता नजर आ रहा है कि रात को कितने बजे आना है। ये साथी साथ बैठकर रात को पढाई करते हैं। रात भर पढने के बाद ये लोग साथ में ही परिक्षा देने जाते हैं और बाद में प्रश्न मिलाते हैं। एक बात जो इन दिनों में ज्यादा देखने को मिल रही है वह है मंदिरों में भीड।परिक्षा का माहौल हो और भगवान की याद न आए ऐसा कैसे हो सकता है। भगवान के मंदिर में इन दिनों भीड रहती है। शहर के बडा गणेश जी मंदिर, हरोलाई हनुमान मंदिर, नारसिंह हनुमान मंदिर, इक्कीसीया गणेश मंदिर, गढ गणेश मंदिर में युवाओं की भीड शाम ढलते ही देखने को मिलती है। मंदिरों की दिवारों पर रोल नम्बर लिख कर परिक्षार्थी निशिचंत हो जाते हैं कि अब भगवान के पाले में गेंद है। कुछ लडकों ने तो प्रत्येक पेपर अलग अलग देवताओं को दे रखे हैं कि गणेश जी सामाजिक विज्ञान देखेंगे और हनुमान जी अंग्रेजी का पेपर। इस तरह भगवान पर भरोसा इन दिनों ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। परिक्षार्थीयों की यह आस्था उनका आत्मबल बढाने में काफी सहयोग देती है। दूसरी बात यह है कि रात को लगभग हर दूसरे घर में लाईटें जलती नजर आएंगी। रात रात भर जागकर परीक्षा के दिनों में पढाई करने का आनन्द कुछ अलग ही है। मित्रों की यह मंडली आम तौर पर तो साथ होती है तब धमाचौकडी करती है लेकिन यह एक ऐसा समय है जब सारे मिलकर पढते हैं। इनके अभिभावक भी इन दिनों चितिंत है कि बेटे के एक्जाम है रात को उठकर माँ या चाची इन्हें चाय बना कर अवश्य देती है। जो नौजवान घर वालों को परेशान नहीं करते वे या तो खुद ही चाय बना लेते हैं या शहर की कुछ उन दुकानों पर नजर आते है जो रात भर खुली रहती है। ये दुकानदार भी इनका समय जाया नहीं करते और जल्दी ही फ्री कर देते हैं। शहर की जान ये युवा इन दिनों अपना भविष्य संवारने मे लगे हैं। किस को कितना फल मिलेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इतना अवश्य है कि मेहनत करने में इन दिनों कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता।