Wednesday, 21 August 2019
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हैण्डीक्राफ्ट टैराकोटा/क्ले उत्पाद प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

श्रीकोलायत मे स्थापित हुआ चाईना क्ले फर्नेंस सेन्टर

बीकानेर, जय भैरव वेलफेयर सोसायटी, बीकानेर द्वारा संचालित सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम योजनान्तर्गत राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित  प्रशिक्षण सेन्टर चाईना क्ले फर्नेस सेन्टर कोटडी फांटा, श्रीकोलायत, बीकानेर  में हैण्डीक्राफ्ट टेराकोटा/क्ले उत्पाद का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट विक्रम सांखला, उपखण्ड अधिकारी रण सिंह एवं उपनिदेशक उद्योग, पे्रमसिंह राठौड़ ने किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट विक्रम सांखला द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम में आने वाले विभिन्न प्रकार के शिल्प उत्पादन बनाने की विधि, उनको पकाने व ग्लेजिंग आदि एवं प्रयोग में आने वाले चाईना क्ले, रेड क्ले, खडि़या मिट्टी, पिली मिट्टी, जिप्सम, क्ले, पीओपी, मोड्स, आदि के बारे में युवाओं को जानकारी प्रदान की तथा इन उत्पादों को पूरे राजस्थान में माॅर्केट से जोडने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। साथ ही न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री विक्रम जी सांखला ने बताया कि इस तरह प्रशिक्षण कार्यक्रमों से बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए नई दिशा मिलेगी। 
इस अवसर पर श्रीकोलायत विधायक माननीय भंवर सिंह भाटी ने इस प्रकार के मिट्टी से बने उत्पादों को रोजगार से जोड़ने के लिए कहा तथा साथ ही यह भी कहा कि यदि किसी भी बेरोजगार युवाओं को किसी प्रकार की यदि समस्या आती है तो वे उन्हें सुलझाने के लिए भरपूर प्रयास करेंगे। माननीय विधायक महोदय ने समय-समय पर सरकार से जुड़ी इस प्रकार की योजनाओं को बेजरोगारों हेतु एक सरायहनीय प्रयास बताया ताकि बेरोजगार वर्ग इस प्रकार के प्रशिक्षणों से लाभान्वित हों तथा स्वरोजगार की ओर अग्रसित हो। 
Terracotta handicraft Trainning Center in Kolaya, Bikaner
विशिष्ट अतिथि उपनिदेशक उद्योग, पे्रमसिंह राठौड ने इस अवसर पर युवाओं को बताया कि कोलायत क्षेत्र की मिट्टी से बनाने वाले लोगों को नई तकनीक व ज्ञान मिलेगा, लोगों की आय के साधन बढ़ेगें तथा बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्र का विकास होगा। इस सेन्टर में स्थानीय मिट्यिों एवं क्ले का मिश्रण कर विभिन्न प्रकार के उपयोगी बर्तन, ज्वैलरी, खिलौने आदि बनाए जाएगें। उन्होंने बताया कि संस्था के नियुक्त सिरेमिक इंजीनियरों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को कुम्हार व अन्य पुस्तैनी मिट्टी का कार्य करने वाले कामगरों व हस्तशिल्पियों को बाजार की मांग को देखते हुए श्रेष्ठ मिट्टी के बर्तन बनाने एवं उनके तकनीकी कौशल व बौद्धिक विकास होगा जिससे वे बेहतर कार्य कर सकेगें। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपखण्ड अधिकारी रण सिंह जी ने बताया कि इस सेन्टर से हमें घर-घर में कुटीर व लघु उद्योग स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले को स्वयं सहायता समूह का गठन किया जाए एवं उनके उत्पाद बनाने के लिए ऋण के रूप में आर्थिक मदद की जाएगी तथा उत्पादों के बेहतर विपणन की समुचित व्यवस्था की जाएगी। 
इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित राजस्थान कौशल एवं आजिविका विकास निगम, बीकानेर के सलाहकार ओमप्रकाश व्यास ने बताया कि यह पूरे राजस्थान का एकमात्र कार्यक्रम है जिससे बीकानेर ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान के बेरोजगार युवकों को स्वरोजगार उपलब्ध हो पाएगा तथा बीकानेर जिला सलाहकार  अशोक कुमार देवड़ा ने बताया कि यह बेरोजगार युवकों के लिए एक प्रकार से स्वरोजगार उत्पन्न करने में मददगार साबित होगा तथा श्रीकोलायत क्षेत्र के स्थानीय लोग कोलायत की मिट्टी से बने उत्पादों को बाजार में सीधे ही बेच सकेगंे। 

Rajasthan Trade Directory - Rajb2b.com

 संस्था निदेशक धर्मेन्द्र छंगाणी ने बताया कि राजस्थान कौशल एवं आजिविका विकास निगम द्वारा संस्था को स्थानिय क्षेत्र के इस वर्ष 900 युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर चलेगा तथा यहा से प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार के जोडा जायेगा। इस सेंटर में मिट्टी के बर्तनों की रंगाई, फिनिसिंग एवं ग्लेजिंग व कला पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पारम्परिक तकनीक व कौशल व आधुनिक तकनीक के मेल से ग्रामीण हस्तशिल्पियों को लाभ मिलेगा। उन्होने बताया कि हम मिशन के रूप में कार्य करते हुए इसकी विशिष्टताओं को आप लोगों तक पहुचाएंगें। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञ के रूप में अन्य गेस्ट फैकल्टी की भी सेवाएं भी ली जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में निरंतर कलैण्डर तैयार कर आयोजित किये जायेगें ताकि इससे बीकानेर ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान को फायदा मिलेगा। इस तरह के मिट्टी के उत्पाद प्लास्टिक डिस्पोजल के स्थान पर एक बेहतर विकल्प है।  
 

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