Saturday, 24 August 2019
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उद्योग आयुक्त के सामने रखी मांगे

राजस्थान वूलन इण्डस्ट्रीज एसोसियशन ने रखी ऊन उद्योग की समस्याऐं

बीकानेर, उद्योग आयुक्त विनोद अजमेरा के आज बीकानेर आने पर राजस्थान वूलन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन स्वागत करते हुए वुलन इण्डस्ट्रीज की समस्या निराकरण की मांग की।


आयुक्त को जानकारी देते हुए इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष कमल कल्ला ने बताया कि त्ॅप्। प्रदेश की एक सक्रिय एवं प्रमुख औधोगिक प्रतिनिधि है जोकि 5000 करोड़ से अधिक निर्यात करने वाले कालीन उद्योग का भरोसेमंद सप्लायर है । प्रदेश का ऊन उद्योग मूलतः ग्रामीण विकास, महिला रोजगार, हस्तकरघा उद्योग से आरम्भ हो कर लघु उद्योग का रूप लेकर अपने अनुभव के माध्यम से अर्न्तराष्ट्रीय बाजार में राष्ट की साख बनाने का कार्य कर रहा है । प्रदेश में निर्माण हो रहे वूलन ब्लेण्डेंड धागे के कारण भारत को अच्छी मात्रा में विदेशी मुद्रा प्राप्त हो रही है। 
एसोसियेषन अध्यक्ष कल्ला ने आयुक्त को बताया कि ऊन उद्योग का यह स्वरूप लगभग 50 वर्ष पुराना है । तेजी से बढ रहे ग्लोबलाईजेशन के इस दौर में एक सकारात्मक परिर्वतन बीकानेर के इस परम्परागत उद्योग की दशा बदल सकता है । जैसा कि आप जानते है कि विश्व अर्थव्यवस्था भारत को सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में देखती है यही कारण है कि भारत का घरेलू मार्केट अब गलीचे का आयात करने लगा है । उपरोक्त उत्पाद मशीन से निर्मित होते है, जबकि मौजूदा ऊन उद्योग अधिकतर हस्त निर्मित गलीचे का निर्माण करने वाली इकायों को धागा उपलब्ध करवा रहा है । ऐसी स्थिति में उद्योग विभाग सक्रियता से इस महत्वकांक्षी वूलन एवं कार्पेट क्लस्टर परियोजना में अपना योगदान देता है तो बीकानेर के ऊन व्यवसायी अपने लम्बे अनुभव का उपयोग करते हुए भारत की जनता को सस्ते व उच्च गुणवता युक्त गलीचे देने में सक्षम होगें  एवं भविष्य में इनके निर्यात की सम्भावनाएं भी प्रबल है । इससे एक तरफ जहॉं विदेशी मुद्रा का बाहर जाना कम होगा वही प्रदेश में रोजगार एवं राजस्व नये अवसर भी खुलेगंे । क्लस्टर के दो चरणों का कार्य पूरा हो चुका है । अतः आपसे निवेदन है कि राज्य स्तरीय टैक्सटाईल कमेटी के माध्यम से कॉमन फैसिलिटी सेन्टर की स्वीकृति जारी करने की कृपा करें ताकि इस योजना को गति मिल सकें । 
कल्ला ने कहा कि क्लस्टर को स्थापित करने हेतु भूमि एक महत्वपूर्ण पक्ष है इसके लिए यदि गजनेर रोड स्थित ऊन वर्गीकरण केन्द्र की खाली पड़ी भूमि को आवंटित किया जाता है तो भौगोलिक एवं व्यवहारिक दृष्टि से अनूकूल सिद्ध होगी । इसी क्रम में निवेदन है कि पूर्व में भी जिला उद्योग केन्द्र, बीकानेर ने ग्रामीण हॉट एवं इंजिनियरिंग कॉलेज में सेरामिक लैब को अपने नाम से आवंटित करवा कर अन्य एजेन्सी को उपयोग हेतु प्रदान की थी इसी तर्ज पर यदि क्लस्टर के लिए बनने वाले एस पी वी को उपरोक्त भूमि उपयोग में लेने हेतु आदेश जारी कर दिया जाये तो इस महत्वकांशी योजना को समय पर चालू किया जा सकता है। 
बीकानेर का उद्योग जगत अपनी तमाम मांगों के बवजूद पिछले 5 वर्षो में एक भी बड़ी योजना को पूरा नही कर पाया । जिले के औधोगिक विकास में सरकार से किसी प्रकार का सहयोग नहंी मिल पाया । हम लगातार पिछड़ रहे है जबकि इससे पूर्व जिले में श्रेष्ठ औधोगिक वातवरण का निर्माण किया जा चुका था । इस प्रकार बीकानेर की औधोगिक गति को पुनः दिशा देने के लिए ड्राई पोर्ट का चालू होना नितान्त आवश्यक है । इसका लाभ ऊन उद्योग के अलावा सेरामिक, खाद्य पदार्थ हैण्डीक्राट सहित घरेलू उपयोग की वस्तुओं को होगा । इससे पूरे संभाग की औधोगिक एव व्यपारिक गतिविधियों को बल मिलेगा । उल्लेखनिय है कि इस संदर्भ में केन्द्र सरकार का स्वीकृत धन राज्य सरकार को मिल चुका है, राज्य सरकार ने जिला कलेक्टर एवं रीको को भी राशि आवंटित कर दी है । यहां तक कि प्रदूषण विभाग की सम्मति संचालन भी जारी कि जा चूकि है, फिर भी प्रशासनिक सिथिलता के कारण ड्राई पोर्ट मूर्त रूप  नहीं ले पाया है अतः ऊन उद्योग की भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए प्ब्क् ब्नउ सवहपेजपब च्ंता को  अतिशिघ्र गति प्रदान करें ।  
कल्ला ने आयुक्त से कहा कि एसोसिएशन आपसे व्यवसाय में बढोतरी के साथ ही इस उद्योग से जुडे हजारों कामगारों के भविष्य को लेकर एक विशेष आग्रह कर रहा है।दुनिया में हो रहे नित नए परिवर्तन और औद्योगिक प्रतिस्पर्द्वा के लिए व्यापारी, उद्यमी, एक्सपोर्टर सहित समूचे वर्ग को सहयोगी की जरूरत महसूस होती है। सरकारी योजनाओं और इस वर्ग के बीच एक सेतू की आवश्यकता है। कल्ला ने एक काउंसर अधिकारी का पद सृजित करने की मांग करते हुए कहा कि सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी की तरह यह काउंसलर सरकारी योजनाओं के बारे में उद्यमियों और कामगारों को बता सके। इनकी समस्याओं के बारे में सरकार को बता सके। विशेष आग्रह है कि इसमें बीजेएमसी योग्यता प्राप्त व्यक्ति को अवसर दिया जाए। साथ ही उसे बीकानेर के सभी उद्योगों के बारे में और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी हो। इस काउंसलर के सहयोग से उद्योग विभाग के लक्ष्य प्राप्त करना आसान होगा। बजट पूर्व और बजट पश्चात मीटिंग भी कर सके ताकि सरकार को पूरा फीडबेक मिल सके। यह काउंसर नाबार्ड व अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग कर सके। उम्मीद है आप काउंसलर का पद सृजित करके प्रदेश उद्योग एवं व्यापार को बढावा देने में सहयोग देंगे।
कल्ला ने अन्य मांगों को भी आयुक्त के सामने रखते हुए कहा कि वूलन उद्योग को सॉट लोन  की सुविधा, ऊन उद्योग की पुरानी तकनीक को अपग्रेड करने के लिए विशेष पैकेज , प्रदेश में भेड पालन व्को यवसाय का दर्जा, राज्य सरकार द्वारा वस्त्र मंत्रालय बनाया जाए, रानी बाजार एवं पूगल रोड स्थित ऊन मिलों को रिको इंडस्टीयल एरिया में पुर्नस्थापित की जाये।
 

Kamal Kalla, IAS Vinod Ajmer, Rajasthan Wool Industries Association, RWIA,

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