Tuesday, 24 October 2017

ऊंट उत्सव का अगाज कल से

बीकानेर अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का अगाज कल से करणी सिंह स्टेडियम में होगा। उत्सव के आयोजन को लेकर डा. करणींसह स्टेडियम और लाडेरां के धोरों पर तैयारिया जोरों पर है उत्सव की तैयारियां को लेकर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के साथ साथ पर्यटन व्यवसायी भी विशेष रूचि दिखा रहे है। वही लडकियां मिस मरवण बनने के लिए प्रशिक्षण ले रही है। उधर पर्यटन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष ऊंट उत्सव के आयोजन को नया पन देने के लिए प्रयास किया जाता रहा है। इस बार विभाग ने राजस्थानी लोक कलाकारों के साथ साथ  देश के उत्तर मध्य क्षेत्रों के लोक कलाकारों को बुलाया गया है । इस उत्सव के दौरान 30 व 31 दिसम्बर को मणिपुर,  पंजाब,छतीसगढ, व हरियाणा के लोक कलाकर भी अपने अपने क्षेत्र के लोकगीत व लोकनृत्य की प्रस्तुती देंगे। मणिपुर के कलाकार मार्शल आर्ट, रास पुंग चोलम व ढो चोलम पंजाब के कलाकार भंगडा नृत्य हरियाणा के घुमर तथा भाग व छत्तीसगढ के कलाकार पंडवानी नृत्य प्रस्तुत करेंगे। उत्तर मध्य क्षेत्र के कलाकारों के अलावा राजस्थान के करीब डेढ सौ लोक कलाकार ऊंट उत्सव में भाग लेंगें। इस बार विदेशी सैलानियों को बीकानेर से लाडेरां तक धोरों पर कैमल सफारी करवाने की योजना बनाई है। जिला उद्योग केन्द्र भी उत्सव के दौरान हस्तशिल्प के उत्पादों के उत्पादों का बाजार लगाएगा वही नागौर से ग्रामीण लाडेरां में ऊंट की साज सज्जा का समान भी बेचने आएंगे। गाँव के धोरों पर आयोजित होने वाले ऊंट उत्सव में कई विदेशी जोडे भारतीय रीति रीवाज के साथ शादी भी करेंगे। सिर्फ इतान ही नही सर्द रात में धोरों के बीच राजस्थानी लोक संस्कति को एक मंच पर साकार करने की तैयारी भी हो चुकी है। ऊंटों के साथ घोडों की भी दौड होगी।

 

camel festival