Tuesday, 12 December 2017

ऊंट उत्सव का सतरंगी आगाज

शोभायात्रा निकाली, ऊंटो ने दिखाए करतब

बीकानेर, 19वें अन्तर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव का सतरंगी आगाज रविवार से हुआ। तीन दिवसीय उत्सव का सांस्कृतिक कार्यक्रमो व ऊंटो के नायब करतबो के साथ मनमोहक शुभारभ्भ हुआ। जिला कलेक्टर डॉ पृथ्वीराज ने ढोल पर थाप लगाकर ऊंट उत्सव का उद्घाटन किया। उद्घाटन अवसर पर शांति के प्रतीक कपोत व रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोडे गए। इस अवसर पर महारानी किशोरी देवी बालिका विद्यालय की छात्राओ ने राजस्थानी नृत्य की प्रस्तुति दी। ऊंट उत्सव के पहले दिन डॉ करणी सिंह स्टेडियम पूरी तरह से राजस्थानी लोक संस्कृति के रंगो में डूबा रहा। लोक कलाकारो की प्रस्तुतियो ने राजस्थान की संस्कृति की अद्भूत क्षटा बिखेरी। ऊंट उत्सव के उद्घाटन अवसर पर स्थानीय दर्शको के साथ देशी-विदेशी सैलानी भी भव्य शुभारभ के साक्षी बने। ऊंट उत्सव के पहले दिन मिस मरवण, मि बीकाणा प्रतियोगिताऐं आयोजित हुई। मिस मरबण प्रतियोगिता में नवयुवतियो ने पारम्पारिक राजस्थानी वेशभूषाओ के साथ प्रस्तुति देकर राजस्थान की लोकगाथा का बरखान किया। मि बीकाणा प्रतियोगिता में मूंछो पर ताव देते, हाथो में तलवार लिये, पारम्पारिक वेशभूषा व आभूषणो से सहजे रौबिलो ने एक के बाद एक मंच पर शानदार प्रस्तुति दी। रौबिले रणबांकुरे गिरधर व्यास ने १५ फीट लम्बी मंछो का प्रदर्शन किया।


शोभायत्रा में गूंजे राजस्थानी गीत 
ऊंट उत्सव के उद्घाटन से पूर्व फोर्ट स्कूल से डॉ करणी सिंह स्टेडियम तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सेना के बैण्ड की मधुर धुनो, बाडमेर व बालोतरा के लोक कलाकारो द्वारा गैर नृत्य, सजे-धजे ऊंटो पर सवार रौबिले रणबांकुरी, राजस्थानी वेशभूषाओ में सजी-धजी स्कूली छात्राऐ, लोक नृत्यो की प्रस्तुतिया देते लोक कलाकार, गंगा रिसाले के दो ऊंटो के साथ सिर पर रखे मंगल कलश के साथ बलिकाऐ भी शामिल हुई। घोडा गाडी पर बैठे सैलानी शोभायात्रा की शोभा बढाते रहे। शोभायात्रा को देखने के लिए सडक दोनो और शहरवासी खडे रहे। शोभायात्रा करणी सिंह स्टेडियम पंहुचकर सम्पन्न हुई। 


ऊंटो ने दिखाऐ करतब  
ऊंटो उत्सव के पहले दिन ऊंटो की विभिन्न प्रतियोगिताऐ आयोजित हुई। प्रतियोगिताओ के दौरान ऊंटो ने एक बार के बाद एक अद्भुत करतब दिखाकर उपस्थित दर्शको का मन मोह लिया। सजे-धजे ऊंटो ने ढोल की थाप पर नृत्य, पैरो को ऊपर उठना, प्रणाम करना, मुंह से नोट व माला उठाना आदी के नजारे प्रस्तुत किए। ऊंट की प्रतियोगिता में मदस्त हुए ऊंटो के नृत्य से दर्शक रोमांचित हो उठे। ऊंटो की फर कंटिग प्रतियोगिता में ऊंट पालको ने ऊंटो के शरिर पर फर में उत्कृष्ट चित्रकारी अंकित की । गर्दन, पेंट, पैरो, पूंछ पर कलामत्क फर कंटिग की गई। ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता में मह से पूंछ तक कपडो, आभूषणो से सजे गोरबंद ऊटो ने प्रतियोगिता में भाग लिया। 


अव्यवस्थाओ के चलते हुई भगदड
ऊंट उत्सव के उद्घाटन अवसर पर अव्यवस्थाओ का आलम रहा। मंच तक आमजन की पंहुच के चलते स्थानीय ही नही देशी-विदेशी मेहमान भी परेशान होते रहे। सार्वाधिक अव्यवस्था ऊंट नृत्य के दौरान हुई। जब लगभग अधिंकाश दर्शक दीर्घा छोडकर मैदान में पंहुच गए। अतिरिक्त पंलिस अधीक्षक सतीश जांगड व सी ओ सिटी को दर्शको को हटाने के लिए प्रयास करना पडा। इसी दौरान अनियंत्रित हुई भीड को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पडा। परन्तु इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। 


लाडेरा में होंगे विभिन्न आयोजन 
अन्तर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन बीकानेर से 45 कि मी दर लाडेरा गांव में विभिन्न कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इससे पूर्व जगदेव वाला से लाडेरा मेला स्थल तक कैमल सफारी का आयोजन होगा। तत्पश्चात ग्रामीण कुश्ती, कब्बडी, महिला मटका फोड, धोरा दौड प्रतियोगिताओ आयोजन होगे। सांयकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जसनाथ सम्प्रदाय का अग्नि नृत्य आयोजित होगा।               

 

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