Monday, 23 October 2017

धधकते अंगारों पर थिरकते पांव,  आतिशबाजी के साथ ऊंट उत्सव संपन्न

देशी विदेशी पर्यटकों ने लिया आनन्द

धधकते अंगारों पर थिरकते पांव,  आतिशबाजी के साथ ऊंट उत्सव संपन्न

बीकानेर, धधकते अंगारों पर जसनाथी स प्रदाय की ओर से प्रस्तुति अग्रि नृत्य तथा नायाब आतिशबाजी के साथ 23वां ऊंट उत्सव रविवार को सार्दुल क्लब मैदान में संपन्न हुआ। देशी विदेशी पर्यटकों ने रोचक, मनोरंजक तथा लोक संस्कृति से ओत प्रोत प्रतियोगिताओं व प्रस्तुतियों की सराहना की। 

सांस्कृतिक कार्यक्रम में बीकानेर की   तरुणा शेखावत व पार्टी ने राजस्थानी लोकनृत्य से उपस्थित लोगों को करतल ध्वनि के लिए मजबूर कर दिया। इन कलाकारों ने घूमर व कालबेलिया सहित विभिन्न गीतों के साथ चिताकर्षक भाव भंगिमाओं के साथ नृत्य किया।

हरियाणा के कलाकारों ने हरियाणवी होली व ब ब लहरी लोक नृत्य, पंजाब के कलाकारों ंने लोक नृत्य भंगड़ा, गुजरात के कलाकारों ने गरबा रास पेश कर सराहना लूंटी । चूरू की मनीषा शांडिल्य ने लोकगीत, उतराखंड के कलाकारों ने गढवाली लोकनृत्य प्रस्तुत किया।  

जसनाथजी महाराज की स्तुति व वंदना के अग्रि नृत्य को मालासर के महंत रुघनाथ सिद्ध एवं पार्टी ने पेश किया। करीब चार क्विंटल खेजड़ी की लकड़ी केअंगारों पर जगदीश नाथ, पुरख नाथ, मेघनाथ, तपसी नाथ, किशन नाथ, ऊदनाथ व गौरी शंकर ने नृत्य किया। नर्तकों ने अंगारों को मुंह में रखा तथा नंगे पैरों से फूलों की तरह उछाला। पूर्व में मयूरपंख  युक्त भगवा ध्वज स्थापित कर जसनाथजी व अग्रि की आरती की गई तथा उसमें नारियल होमा गया। नृत्य में तुलसी राम, किसना राम, श्रवण नाथ व जगदीश नाथ ने पार परिक शैली में जसनाथजी की स्तुति  'सत गुरु सिवरों मोवणा, जिण गुरु संवार उपायाÓे सुनाया तब एक-के बाद एक नर्तक अग्रि से अटखेलियां करने लगे। नृत्य में नगाड़ा वादन मानाराम कर रहे थे। नगाड़े की चाल व थाप पर नर्तकों के पांव की गति भी बढ रही थी। कार्यक्रम का संचालन रविन्द्र हर्ष, संजय पुरोहित,ज्योति प्रकाश रंगा व किशोर सिंह राजपुरोहित ने किया।