Friday, 20 October 2017

ज्योत प्रज्ज्वलित, तुलसी विवाह कल

जिस प्रकार देवी लक्ष्मी, भगवान विष्णु को प्रिय

बीकानेर। सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार जिस प्रकार देवी लक्ष्मी, भगवान विष्णु को प्रिय है एवं जिस प्रकार लक्ष्मी को विष्णु जैसा वर मिला उसी प्रकार उसको भी मिले।  इसी कामना को लेकर विवाहित महिलाओं एवं युवतियों द्वारा त्रिदिवसीय तुलसी तेला व्रत शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। व्रतधारी महिलाओं ने नंगे पैर पारम्परिक वस्त्रों एवं आभूषणों से सुसज्जित होकर विभिन्न देव मन्दिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चनाएं की व अपने घर-परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया। तुलसी व्रत के दूसरे दिन परम्परानुसार व्रतधारी महिलाओं ने वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा वेदमंत्रों से की गई पूजा-अर्चना के बाद अखण्ड ज्योत प्रज्जवलित की। मान्यता है कि ज्योत प्रज्ज्वलन के बाद व्रतधारी महिलाऐ व्रत की समाप्ति से पूर्व व्रत तोड़ नहीं सकती है।
तुलसी सालगराम विवाह रविवार को : तुलसी तेला व्रत की पूर्णाहुति के अवसर पर रविवार रात्रि को तुलसी-सालगराम (विष्णु) का विवाह विधि-विधान पूर्वक कराया जाएगा। घरों-मन्दिरों मे हर्षोल्लास के साथ महिलाऐं इस विवाह में शामिल होगी। महिलाऐं तुलसी विवाह के दौरान स्वर्ग, रजत आभूषणों के साथ वस्त्र, सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री भी भेंट करेगी। अनेकों स्थानों पर विवाह के दौरान श्रद्धालुओं का बारातियों की तरह स्वागत किया जाएगा।


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