Friday, 19 April 2019
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20 मिनट मे आॅपरेशन सर्च पूरा

भारत और रूस संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास इन्द्रा 2015 समाप्त

बीकानेर, पिछले दस दिनों से महाजन फील्ड फायरिंग मे चल रहे भारत-रूसी सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास इन्द्रा-2015  का आज बुधवार 18 नवम्बर को समापन हो गया।

सेना की पश्चिमि कमान के तहत एशिया के सबसे बड़े और सर्वश्रेष्ठ श्रेणी मे प्रतिष्ठित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज    बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले की सीमाओं मे आता है। इन्द्रा-2015 की शुरूआत 08 नवम्बर 2015 को हुई थी जिसमें दोनों देशों के सैन्य दलों ने प्रशिक्षण पर ध्यान केन्द्रित किया तथा एक दूसरे की कार्य शैली को समझने का प्रयास किया। 

अभ्यास का आखिरी पड़ाव भी इसी रेंज मे आयोजित किया गया जिसमें दोनो देशों की संयुक्त सेनाओं ने संयुक्त राष्ट्र संघ के अन्तर्गत एक तीसरे राष्ट्र की सरकार को आतंकवाद से लड़ने में सहयोग दिया।  


गौरतलब है कि दोनों, भारत और रूस भी आज आतंकवाद की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।  युद्धाभ्यास के दौरान यह देख कर आश्वासन हुआ कि न सिर्फ दोनों देशों की चुनौतियाँ एक समान हैं, बल्कि उन चुनौतियों से लड़ने का तरीका भी समान है।
Chetak Helicopter during Indra-2015 Terrorist Search Operation at
इस युद्धाभ्यास के समापन समारोह से पहले सेन्य अधिकारियों और मीडियाकर्मीयों के समक्ष काल्पनिक रूप से बसाये गये गांव मे एक बंधक छुड़ाने की ड्रिल का प्रदर्षन हुआ।  
इस अभ्यास के दौरान दोनो देशों की जवानों ने गांव को चारों तरफ से घेरते हुए आंतकवादियों को मार गिराया।  आंतकवादियों को घेरने की प्रक्रिया पैराशुट से उतरे जवानों से शुरू हुई और तथा सेना के चेतक हेलिकाॅप्टर से  भी जवान उतरते गये।  चारों तरफ से घेरने के बाद सेना ने नवीनतम तकनीक ड्राॅन और उसमे लगे कैमरों की मदद से गांव के मकानों मे छुपे आंतकवादियों के ठिकानों का पता लगाया।
 
कैमरों से आंतकवादियों के ठिकानों पर लगातार नजर रखते हुए धीरे धीरे जवान आगे बढ़ते गए। जैसे आंतकवादियों को सेना के आने की भनक लगती है तो फायरिंग शुरू हो जाती है, एक बार फायरिंग शुरू हो जाने के बाद सेना द्वारा चैतरफा  फायरिंक से मात्र कुछ ही मिनटों मे मकान मे छुपे तीन आंतकी ढेर हो जाते है और एक आंतकी भागकर दुसरे मकान मे छिपने मे कामयाब हो जाता है। लेकिन वो हरकत कैमरे मे कैद हो जाती है, संचार माध्यमों के माध्यम से मिल रहे दिशा निर्देशों से कदम ताल मिलाकर दोनो सेनाओं के जवानों ने उसक आतंकी का पिछा जारी रखा और मौका देखते ही उस पर हमला बोलते हुए ढेर कर दिया।

इस कार्यवाही के दौरान ग्रामीण अपने घरों मे छुपे रहे ।  दुसरे मकान मे छुपे आंतक ने भाग ने मौका देखकर भागने की कोशिश की लेकिन मकान से बाहर निकलते ही गोलियों की बौछार उस पर हो गई।  20 मिनट की इस कार्यवाही मे 10वें मिनट से फायरींग और बम्ब गिरने शुरू हुए जो अंत तक जारी रहे। 

सभी आंतकियों को मार देने की आश्वासत के बाद डाॅग स्क्वाॅड द्वारा, अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर मशीने से बम्ब निरोधी दस्ते ने पुरे गांव  का परीक्षण किया।  स्थिति पुर्णतया नियंत्रण मे होने के बाद ग्रामीणों से बाहर आने की अपील की।

सेना ने घायल ग्रामीण को हाथों हाथ उपचार किया तथा गम्भीर रूप से घायल सेना के जवान और ग्रामीणों को त्वरित कार्यवाही करते हुए एम्बुलेंस से अस्पताल भी पंहुचाने का अभ्यास किया।

इस दौरान रक्षा प्रवक्ता कर्नल मनीष ओझा ने मीडियाकर्मीयों को इस युद्धाभ्यास की जानकारी दी।

Memorabilia event during Indra 2015दो सप्ताह के कडे़ प्रशिक्षण के बाद यह युद्धाभ्यास एक उर्जावान समापन समारोह के साथ समाप्त हुआ जिसमें दोनों देशों के सैन्य दलों ने अपनी संस्कृति और प्रतिभा का परिचय दिया।  

समापन समारोह को भारतीय सेना की ओर से युद्ध सेवा, सेना मेडल और विशेष सेवा मेडल प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल शौकीन चैहान तथा रूस की ओर से वरिष्ठ सैन्य अधिकरी सर्गेई लिगेटिन ने परेड का निरिक्षण किया तथा अपना उद्धोदन भी दिया। अपने उद्बोधन के पश्चात दोनों अधिकारियों ने युद्धाभ्यास मे भाग लेने वाले विभिन्न अधिकारियों और जवानों को विशेष स्मृति चिन्ह भेंट किये।

समापन समारोह के अन्त मे दोनो सैन्य अधिकारियों ने एक दुसरे को भी इस युद्धाभ्यास की स्मृति हेतु आकर्षक चिन्ह भेंट किये।कार्यक्रम समाप्ति के बाद भारत और रूस के जवानों ने एक दुसरे के साथ फोटो लेने के दृश्य भी दिखाई दिये।

इन्द्रा-2015 भारत और रूस की सेनाओं के बीच नियमित रूप से आयोजित होने वाले युद्धाभ्यासों का ही एक हिस्सा था।  इस युद्धाभ्यास से पुनः यह तथ्य प्रबल रूप से सामने आया है कि संयुक्त प्रयास और आपसी समझ से न सिर्फ सफलता की सम्भावनाएँ ज्यादा हैं, अपितु यही दोनो देशों के हित में है।

 

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