बीकानेर, विश्व की कुल आबादी में लगभग आधी संख्या महिलाओं की है। किसी महिला को प्रशिक्षित करने का मतलब सम्पूर्ण परिवार को प्रशिक्षित करने जैसा होता है। प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध तथा आर्थिक मंदी की स्थिति में महिलाऍ अतुलनीय भुमिका का निवर्हन कर सकती है। विश्व की लगभग सभी अर्थव्यवस्थाओं में महिला उद्यमियों की उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। नये युग की बदलती चुनौतियों एवं अवसरों ने महिलाओं को नौकरी करने के स्थान पर नौकरी प्रदाता बना दिया हैं । आज महिलाऍ डिजाइनर्स, इंटीरियर डेकारेटर्स, एक्सपोर्टर, पब्लिशर, गारमेंट आदि के साथ नये व्यवसायों को तलाश कर आर्थिक साझेदार बन रही है। यद्यपि उद्यमिता के क्षैत्र में पुरुषों का बोलबाला है लेकिन विकसित राष्ट्रों में महिलाओं को भी योग्य एवं जिम्मेदार घटक के रुम में मान्यता मिल रही है। उक्त विचार महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकरी देवानंद ने ईश्वर आईडियल सोसायटी फोर ह्यूमन वेलफेयर एण्ड रिसर्च संस्थान बीकानेर द्वारा आयोजित तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रायोजित प्रियदर्शिनी आदर्श स्वयं सहायता समूह योजना अंतर्गत प्रबंधकीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि रखें।
देवानंद ने महिला प्रतिभागियों को प्रबंधन के सूत्र बताते हुए कहा कि वे अपने समय तथा बुद्धि का निवेश सही क्षैत्रों में करे। कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि के रुप में बोलते हुए राजकुमार डावरा ने कहा कि महिलाऍ अपने अस्तित्व का मूल्य समझे। डावरा के अनुसार महिलाऍ आत्वविश्वास की कमी, सामाजिक सांस्कृतिक बाध्यताओं, मोटीवेशन की कमी, व्यवसाय प्रशासन संबंधित ज्ञान के अभाव, वित्तीय पहलुओं के प्रति अनभिज्ञता तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अभाव में उद्यमिता से वंचित रह जाती है । डावरा ने कहा कि उच्च शिक्षित, तकनीकी रुप से समृद्ध तथा पेशेवर महिलाओं को स्वयं का व्यवसाय स्थापना हेतु उत्साहित करना चाहिये। महिलाओं की अज्ञात क्षमताओं को पहचान कर उनकों प्रशिक्षण द्वारा परिष्कृत किया जा सकता है जिसके प्रयोग से औद्योगिक उत्पादकता को बढाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अन्य विशिष्ठ अतिथि के रुप में बोलते हुए प्रचेता विजय लक्ष्मी जोशी ने कहा कि एक योग्य वातावरण का निर्माण कर ही महिलाओं की व्यवसाय में भागीदारी को बढया जा सकता है जिसके लिए परिवार, समाज, विद्यालयों तथा सरकार को जिम्मेदारी उठानी होगी। जोशी के अनुसार महिलाऍ इको फे्रंडली टैक्नोलॉजी, बॉयों टैक्नोलॉजी, आई.टी. इनेबल्ड इंटरप्राइजेज, इवेंट मेनेजमेंट, टूरिज्म मेनेजमेंट, टेलीकम्यूनिकेशन, प्लास्टिक मेटेरियल्स, वर्मी कल्चर, मिनरल वॉटर, हर्बल, हेल्थ केयर, फूड फट एवं वेजीटेबल प्रोसेसिंग आदि व्यवसायों मे आसानी से सफलता अर्जित कर सकती है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सचिव कमल किशोर किराडू ने कहा कि यह कार्यक्रम आगामी तीन दिनों तक चलेगा जिसमें विषय विशेषज्ञ व्यवसाय प्रबंध, समय प्रबंधन, विपणन प्रबंध, संगठनात्मक व्यवहार, वित्तीय प्रबंध, बैंकिंग व्यवहार प्रबंध तथा मानव संशासन प्रबंध आदि विषयों पर व्याख्यान देंगे। |