बीकानेर (संवाद)। विद्यार्थी मित्रों की सेवा सुरक्षित करने, एकीकरण, समानीकरण, डीपीसी, आरपीएससी से विद्यार्थी मित्रों को प्रभावित करने, अप्रशिक्षित विद्यार्थी मित्रों को पत्राचार पाठ्यऋम से बीएसटीसी, बीएड का प्रशिक्षण देने, ग्रीष्मकालीन अवकाश का मानदेय देने, न्यूनतम मानदेय 7 हजार रुपए प्रतिमाह करने, एक शैक्षणिक सत्र में 15 आकस्मिक अवकाश तथा महिला मित्रों के लिये 6 माह की प्रसुति तथा विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने की सुचारू व्यवस्था करने की मांग को लेकर राजस्थान विद्यार्थी मित्र शिक्षक संघ की तरफ से चलाया जा रहा आंदोलन गुरुवार को महापडाव के रूप में परिवर्तित हो गया। महासचिव हरिप्रसाद व्यास ने बताया कि संपूर्ण राजस्थान के विद्यार्थी मित्र शिक्षा निदेशालय में धरने पर बैठे है और मांगे नहीं माने जाने तक महापडाव डाले रखेंगे। व्यास ने बताया कि अगर राज्य सरकार ने विद्यार्थी मित्र शिक्षकों की मांगों पर जल्द ही ध्यान नहीं दिया तो एक और उग्र आंदोलन का सामना सरकार को करना पडेगा। |