Wednesday, 21 August 2019
khabarexpress:Local to Global NEWS
  2814 view   Add Comment

ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना

जिले में डूंगरपुर पंचायत समिति अन्तर्गत स्वीकृत कार्यों के श्रम मद में डेढ गुना तक की स्वीकृतियां जारी की गई हैं।

डूंगरपुर २० दिसंबर/ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिशासी अभियंता अशोक जैन ने स्पष्ट किया है कि समय पर रोजगार देना एवं पांच किलोमीटर के अन्दर रोजगार देने की योजना की मूल भावना के अनुसार ही जिले में डूंगरपुर पंचायत समिति अन्तर्गत स्वीकृत कार्यों के श्रम मद में डेढ गुना तक की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। 
उन्होंने बताया कि कुछ ग्राम पंचायतों में स्वीकृतियां डेढ गुना से ज्यादा है उसका मूल कारण योजना से संबट्ठ विभागों के विस्तृत कार्यक्षेत्र के अनुरूप अधिक कार्य स्वीकृत होना ही है।
उन्होंने श्रम मद में डेढ गुना तक स्वीकृतियां देने के पीछे जिम्मेदार अन्य कारकों को स्पष्ट करते हुए बताया कि बरसात में तालाब भर जाने पर स्वीकृत तालाब कार्य, जहां पर पानी भरने से कार्य नहीं हो सकता, के बदले अन्य कार्य आवश्यक थे तथा व्यक्तिगत लाभार्थी योजना में लाभार्थी की जमीन पर फसल खडी होने से कार्य करवाना संभव नहीं होने से भी अन्य कार्य को स्वीकृत करवाया गया है। इसके अलावा अन्य कार्यकारी विभागों द्वारा भी स्वीकृत कार्यों के नहीं करवाये जाने के कारण उनके स्थान पर अन्य विभागों को कार्य की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग को कुल ७३८३.७५ लाख के कार्य स्वीकृत हैं व विभाग द्वारा अब तक मात्र २११७.४८ लाख रूपया खर्च किया गया है और मार्च २००८ तक विभाग अनुमानित यदि कुल खर्च २६०० लाख रूपया करता है तो भी ४७८३.७५ लाख के स्वीकृत कार्य लोक निर्माण विभाग इस वर्ष पूर्ण नहीं कर सकेगा।
जैन ने स्पष्ट किया है कि श्रम मद में भुगतान परिवारों द्वारा किए गए कार्य से ही होता है न कि स्वीकृति के अनुसार इसलिये किसी भी स्तर पर अनियमितता की संभावना नहीं रहती है। इसी प्रकार श्रम मद में कम स्वीकृतियां भी किसी भी पंचायत समिति में नहीं है। आसपुर में १०८ प्रतिशत, बिछीवाडा में ११६ प्रतिशत, डूंगरपुर में १२९ प्रतिशत, सागवाडा में ११६ प्रतिशत तथा सीमलवाडा पंचायत समिति में १०३ प्रतिशत स्वीकृतियां जारी की गई हैं। 
जैन ने बताया कि योजना के तहत जिला स्तर से कार्य बाटने का किसी भी स्तर पर प्रश्ान् नहीं है क्योंकि गांव में कार्य का चयन ग्राम सभा करती है तदनुसार एक्शन प्लान बनता है जो कि पंचायत समिति व जिला परिषद में अनुमोदित होता है व एक्शन प्लान के अनुसार ही कार्य के प्रस्ताव पंचायत समिति के तकनीकी स्टाफ द्वारा बनाए जाते है और जिला कार्यालय में भेजे जाते है जिसके अनुसार स्वीकृतियां जारी की जाती हैं।

Share this news

Post your comment