Tuesday, 12 December 2017

शिक्षक संगठनो ने राज्य व्यापी आन्दोलन

राज्य के प्रत्येक जिलो में जिला कलॅक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए शुरूआत कर दी है।

राज्य के शिक्षकों एवं षिक्षा अधिकारियो के छठे वेतन आयोग की अभिशंषाओं के अनुसार केन्द्र के समान वेतन भत्तो का लाभ देने की मॉग को लेकर राज्य के प्रमुख शिक्षक संगठनो ने राज्य व्यापी आन्दोलन की राज्य के प्रत्येक जिलो में जिला कलॅक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए शुरूआत कर दी है। आज के आन्दोलन में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय),राजस्थान शिक्षक संघ(शेखावत), राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद(रेसा),राजस्थान प्राथमिक शिक्षा सेवा परिषद(रीसा),राजस्थान शिक्षक संघ(प्र्रगतिशील),राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के शिक्षक प्रतिनिधि साझा मंच राजस्थान शिक्षक-शिक्षा अधिकारी सयुक्त संघर्ष समिति के बैनर पर आन्दोलन में सम्मिलित थे।

राज्य व्यापी आन्दोलन के क्रम में आज बीकानेर जिले के शिक्षक संगठनो के प्रतिनिधियो ने जिला कलॅक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलॅक्टर,बीकानेर को दिया तथा ज्ञापन में मॉग की गयी है कि राज्य के शिक्षकों व शिक्षा अधिकारियो को चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार किये वायदे के अनुसार केन्द्र के समान हुबहु वेतनमान दिये जाय। प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश व्यास ने कहा कि एसीपी, पे ग्रेड में सशोंधन करते हुए 01.07.13 से प्रभावी कर इससे शिक्षको को कोई फायदा नही देने का कुचक्र चलाया गया है  वही वेतन स्थिरीकरण करने के बाद सशोंधित पे ग्रेड समकक्ष करने के आदेश कर शिक्षकों को मिलने वाले बचे खुचे लाभ से वचिंत कर रही है आन्दोलन के माध्यम से सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते सरकार ने आदेशो में सशोंधन नही किया तो इसके गभ्भीर परिणाम भुगतने के लिए सरकार तैयार रहें।

शिक्षक संघ शेखावत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भॅवर पुरोहित ने कहा कि विभाग में कार्यरत शिक्षक वर्गेा में बिना किसी आधार व औचित्य के मनमाने तरीके से चुनावी दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर देय पे ग्रेड का निर्धारण कर बहलाने का प्रयास किया है शिक्षक सरकार के बहकावे में आने वाला नही है।सरकार शिक्षकों के हितो पर कुठाराघात करने का कुचक्र चला रही है जिसे राज्य के शिक्षक शिक्षा अधिकारी तोडने की ताकत रखते है। सरकार ने समय रहते शिक्षकों के वेतनमान के सन्दर्भ में विचार नही किया तो समय आने पर शिक्षक अपने आप विचार करवा देगा।राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद रेसा के प्रदेशाध्यक्ष अरूण शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की भावनाओं का अहसास कराने के लिए शिक्षक वर्ग संघर्ष के लिए कमर कस कर तैयार हो गया है। उन्होने कहा कि एकता व शक्ति का अहसास सता को कराते रहे, इतिहास साक्षी है कि जिस जिसने अपने अस्तित्व को दर्शाया उसने हमेशा कुछ न कुछ पाया ही है।

रेसा के विजयशंकर आचार्य  कहा राष्ट्र निर्माताओं में भेदभाव किसी भी स्तर पर सहन नही किया जायेगा। कि सभी को एकजुट होकर सकल्पित भाव से सघंर्ष करना होगा तभी सरकार को अहसास हो सकेगा।शिक्षक संघ राष्ट्रीय के रवि आचार्य ने  कहा कि शिक्षकों के अस्तित्व की लडाई है अस्तित्व के लिए सरकार से संघर्ष करने की आवष्यकता है सघर्ष से ही सरकार को झुकाया जा सकता है और सरकार स्वंय शिक्षकों को सघंर्ष के लिए बाध्य कर रही है जिसका जबाब भी शिक्षक आन्दोलन कर रहा है।राजस्थान प्राथमिक शिक्षा सेवा परिषद रीसा के अख्तर अली ने कहा कि  सरकार केन्द्र के समान वेतनमान देने की अपनी घोषणा की क्रियान्विति को लेकर गभ्भीर नही है इसी कारण से शिक्षकों व शिक्षा अधिकारियो ने साझा मंच के द्वारा आन्दोलन के माध्यम से अपनी ताकत को दिखाने हेतु कमर कस ली है। जागरूक बन कर अपने हको को लेने के लिए जगना होगा तभी हक मिल सकेगें।प्रगतिशील के जिलाध्यक्ष सईद अहमद ने कहा कि सरकार ने केन्द्र के समान वेतनमान देने की घोषणा की क्रियान्विति नही कर शिक्षकों के साथ छल किया है। सरकार को सरकार की भाषा में समझाने के लिए शिक्षक वर्ग सकल्पित है।जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश विष्नोई ने कहा कि शिक्षकों को वेतनमान के नाम पर आपसे में फूट  डालकर शिक्षको की शक्ति को कम करने के प्रयास सरकार कर रही है जिसका जबाब शिक्षक अपने आप दे देगा।शेखावत के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सारस्वत ने कहा कि 4800 रू पे ग्रेड से घटाकर 4600रू कर 10 वर्ष पर व्याख्याताओ को मिलने वाले लाभ को आधा कर दिया है वही 10 वर्ष में पूर्व में देय लाभ को ही 20 वर्ष पर कर आम जन के सामने शिक्षकों को केन्द्रीय वेतनमान देने की बात कहकर बदनाम कर रही है।रेसा के जिलाध्यक्ष तरूण गौड ने कहा कि शिक्षक शिक्षा अधिकारी सरकार द्वारा किये गये अपने वादो की क्रियान्विति करवाने हेतु आन्दोलन के माध्यम से जगाने का कार्य कर रहे है ताकि शिक्षक व शिक्षा अधिकारी में फैल रहा असन्तोष कम हो सके।

शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिलामंत्री कन्हैयालाल छींपा ने कहा कि भटनागर समिति की रिर्पोट के अनुसार आधे अधुरे  वेतनमान देने की घोषणा कर छलावा करते हुए राज्य के कार्मिकों में दरार डालने का प्रयास सरकार ने किया है जिसे राज्य के कार्मिक सहन नही करेगे तथा सरकार के भुलावे में नही आने वाले है।शिक्षक नेता चन्द्रशेखर हर्ष ने कहा कि शिक्षकों व शिक्षा अधिकारियों को आन्दोलन में सकंल्पित भाव से आहुति देनी होगी तभी समस्याओ का निराकरण हो सकेगा। उन्हाने कहा कि शिक्षकों ने अपने अस्तित्व की लडाई सरकार से लडने के लिए जयपुर की सडको पर अपनी शक्ति का अहसास कराने की ठान ली।राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद रेसा के जिलामहामंत्री सजंय सैगर ने कहा कि सरकार पाचवे वेतनमान की विसंगतियो को दूर नही कर पायी है अपितु इस वेतनमान में फिर नयी विसंगतियो को जन्म देकर शिक्षक वर्ग को आन्दोलन के लिए उकसा रही है शेखावत के जिलामंत्री पृथ्वी लेघा ने कहा कि शिक्षक व शिक्षा अधिकारियों के असन्तोष को कम करने का प्रयास सरकार ने नही किया तो सरकार से आर पार की लडाई  लडने के लिए शिक्षक वर्ग तैयार है।रेसा के उमाशंकर किराडू ने कहा कि शिक्षकेां व अधिकारियों के हितो व वेतनमान को लेकर सरकार केवल कागजी घोषणाएॅ करने मे लगी हुयी है कागजी घोषणाओं को क्रियान्विति में परिवर्तन करवाने के लिए शिक्षक-शिक्षा अधिकारी ने अपनी कमर कस ली है।

शेखावत के नगरमंत्री संजय पुरोहित, ने आन्दोलन के माध्यम से सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते सरकार ने आदेशो में सशोंधन नही किया तो इसके गभ्भीर परिणाम भुगतने के लिए सरकार तैयार रहें।राष्ट्रीय के जिला संगठन मंत्री ओमप्रकाश रोडा ने कहा कि सरकार ने नये शिक्षको को एसीपी नही देकर नये पुराने शिक्षकों में वर्ग भेद कर शिक्षको को अलग अलग कर शक्ति को कुचलने का प्रयास कर रही है जिसमें वह सफल नही होगी।शेखावत की प्रदेश महिला मंत्री लक्ष्मीपाल ने कहा कि शिक्षकों व शिक्षा अधिकारियों के धैर्य को कमजोरी मानने की गल्ती सरकार कर रही है जिसका अहसास सरकार को अपने आप हो जायेगा।शेखावत संगठन की भगवानी चौधरी ने शिक्षक व शिक्षा अधिकारियों को एक मंच पर आकर सघंर्ष करने को सरकार के लिए चुनौती बताया।शेखावत के रेवन्तराम गोदारा कहा कि वर्तमान में केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा जारी वेतनमान व ग्रेड पे में भारी अन्तर को बताते हुए कहा कि वर्तमान में तृतीय श्रेणी के अध्यापक को लगभग 10000/-, द्वितीय श्रेणी के अध्यापक को  5000/-,व्याख्याता को करीब 7000/- तथा प्रधानाचार्य को करीब 12000/- से अधिक का आर्थिक नुकसान प्रतिमाह हो रहा है। सभा को दिनेश आचार्य,ज्ञानेष्वर सोनी कैलाशदान,महेश शर्मा,अशोक शर्मा,शिवकुमार व्यास,सुभाष गोदारा, राजेश गोस्वामी,अजय चौपडा, किशनदान चारण,केैलाश वSष्णव,राजेन्द्र व्यास,सूरेन्द्र भाटी,छैलािसंह,रवि शमार्,बबीता विष्नोई, आदि अनेकानेक नेताओ ने कहा सरकार वादो को क्रियान्विति में बदलने के आदेश जारी कर शिक्षकों के असन्तोष को कम करे। संचालन शिक्षक नेता ओमप्रकाश रोडा ने किया।

 

 

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