Saturday, 24 August 2019
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रिक्त पदों पर विधवा एवं परित्यक्ताओं को मानदेय पर लगाया जाएगा

सात हजार प्राथमिक विद्यालय क्रमोन्नत होंगे

जयपुर, १९ नवम्बर। शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए रिक्त पडे अध्यापकों के पदों पर अप्रशिक्षित परित्यक्ता या विधवा महिलाओं को मानदेय के आधार पदस्थापित किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश की ६ हजार ८०० प्राथमिक विद्यालयों को अतिशीघ्र ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में क्रमोन्नत किया जाएगा।
श्री देवनानी सोमवार को सचिवालय स्थित अपने कक्ष में प्रमुख शासन सचिव (शिक्षा) श्री सुधीर भार्गव के साथ प्रदेश में शिक्षा विभाग से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद के दिशा निर्देशानुसार विशेष वर्ग की अप्रशिक्षित महिलाओं को तृतीय श्रेणी शिक्षिकाओं के रूप में २००० से २५०० रुपये प्रतिमाह मानदेय के आधार पर पद स्थापित किया जाने का सरकार ने निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि मानदेय आधारित इन शिक्षिकाओं को आगामी तीन वर्षों में बी.एस.टी.सी. या बी.एड. शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा। तत्पश्चात् ही उन्हें सेवा में नियमित करते हुए तृतीय वेतन श्रृंखला दी जाएगी।
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि पूर्व में नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षिकाओं के मामलों में शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेने के पश्चात् उनकी अप्रशिक्षण सेवा अवधि को नियमित सेवा अवधि माना जाएगा।
श्री देवनानी ने बताया कि हाल ही में लोक सेवा आयोग से चयनित एवं नियुक्ति प्रतिक्षार्थ बी.एड. आशार्थियों को प्राथमिक विद्यालयों के क्रमोन्नति पश्चात् वहां पद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान विषय के प्रति प्रतिबद्ध है तथा शीघ्र ही प्रदेश के ४०० विद्यालयों में विज्ञान संकाय खोलने का निर्णय लिया है।
बैठक में शिक्षा राज्य मंत्री ने श्री भार्गव से अब तक किए गए स्थानान्तरणों व परिवेदनाओं के निष्पादन की अनुपालना, विद्यालय क्रमोन्नति, निजी बी.एड. विद्यालयों को प्राप्त राशि हस्तान्तरण, अनुदानित विद्यालयों, शिक्षक संघों की मांगों तथा शिक्षक पदोन्नति प्रकरणों बाबत भी विस्तार से चर्चा की।

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