Saturday, 24 August 2019
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काम एक समान, वेतन असमान

राजस्थान अधीनस्थ लेख संवर्ग के वेतनमान की विषमता को दूर करने की मांग

बीकानेर, राजस्थान एकाउण्टेंट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में एक शिष्टमंडल ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर राजस्थान अधीनस्थ लेख संवर्ग के वेतनमान की विषमता को दूर करने की मांग की। शिष्टमंडल ने अवगत कराया कि राजस्थान सरकार के वित्तीय प्रशासन एवं राज्य के उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन में राजस्थान अधीनस्थ लेखा सेवा का योगदान बहुत ही अहम है तथा अधीनस्थ लेखा के कार्मिक उक्त उत्तरदायित्व को निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे है परंतु दिनांक 1.1.1996 से केन्द्रीय कर्मचारियों को 5वें वेतन आयोग के लागू होने की दिनंाक से ही अधीनस्थ लेखा सेवा के कर्मचारी अधिकारी केन्द्र के समान वेतनमानों में पिछड रहे है। पांचवें वेतन के अनुसार केन्द्र सरकार के लेखाकर्मियों को वेतनमान 1996 से दिया गया जबकि राज्य सरकार में पांचवें वेतन आयोग 1.9.1996 से लागू किया गया तथा केन्द्र सरकार से कम वेतनमान दिया गया। छठे वेतन आयोग में केन्द्र सरकार के आदेशानुसार 13.11.2009 के अनुसार जो कार्मिक पांचवें दिन आयोग में वेतनमान प्राप्त कर रहे थे उन्हें छठे वेतन आयोग ग्रेड पे 4200 के स्थान पर 4600 देने के आदेश जारी किए जबकि राज्य सरकार में पांचवें वेतन आयोग में वेतनमान 6500-10500 में वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को छठे वेतन में ग्रेड पे 4200 ही स्वीकृत किया गया। इसी तरह बीमा सुपरवाइजर, हैड ड्राफ्ट्समैन, वाणिज्य कर निरीक्षक एवं रेंजर प्रथम से भी वेतनमान कम कर दिये गये है। अतः अधीनस्थ लेखा संवर्ग के कार्मिकों का 1.9.1996 से केन्द्र के पदों के समान वेतनमान स्वीकृत कर वेतन असमानता दूर कर संवर्ग को राहत प्रदान करें। शिष्टमंडल में जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, महासचिव सत्यदेव शर्मा, विनोद जोशी, रणजीतसिंह राठौड, पुरुषोत्तम पारीक, पवन बंशीवाला तथा सत्यनारायण शर्मा शामिल थे। 

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