Sunday, 21 July 2019
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अच्छी भूमिका अच्छी ही होती है चाहे वो नायक की हो या खलनायक की - अरुणोदय सिंह

फ़िल्म ''सिकंदर'' से अपने अभिनय की शुरुआत करने वाले अभिनेता अरुणोदय सिंह इन दिनों बहुत व्यस्त चल रहे हैं

फ़िल्म ''सिकंदर'' से अपने अभिनय की शुरुआत करने वाले अभिनेता अरुणोदय सिंह इन दिनों बहुत व्यस्त चल रहे हैं क्योंकि उनकी एक नयी फ़िल्म ''एक बुरा आदमी'' की शूटिंग  पिछले दिनों उदयपुर में हो रही थी. इसके अलावा आजकल उनकी चर्चा की एक वजह यह भी है कि वो ऐश्वर्या रॉय बच्चन के साथ अभिनय कर रहे हैं मधुर भंडारकर की  फ़िल्म ''हीरोइन'' में. फ़िल्म ''सिकंदर'' में आतंकवादी की भूमिका अभिनीत करने के बाद अरुणोदय ने आयशा, यह साली जिन्दगी, मिर्च आदि कई फिल्मों में अभिनय किया. उदयपुर में उनसे विस्तृत बातचीत हुई प्रस्तुत हैं कुछ मुख्य अंश –          

 
·         अपनी फ़िल्म ''एक बुरा आदमी'' के बारे में बताइए ?  
इस फ़िल्म की कहानी पोलिटिकल थ्रिलर पर आधारित है. मैं मुन्ना सिद्दीकी नाम के युवक की भूमिका में हूँ जो कि एक अच्छे मुस्लिम परिवार का नालायक बेटा है. उसे लगता है कि असली पॉवर बस एक राजनेता के पास होती है और वो भी  इस पॉवर को हासिल करना चाहता है उसे भी बड़ा आदमी बनना है. निर्मात्री जैना मस्तुरा की इस फ़िल्म में मेरे साथ रघुबीर यादव, यशपाल शर्मा, किट्टू गिडवानी व नई अभिनेत्री अंगीरा हैं जो कि मेरे अपोजिट हैं. फ़िल्म के निर्देशक हैं इशराक शाह.  
 
·         आपके साथ इस फ़िल्म में रघुबीर यादव ने भी अभिनय किया है, कैसा रहा उनके साथ काम करना?
बहुत  ही अच्छा, मजा आया उनके साथ काम करने में, साथ में बहुत कुछ सीखा भी अभिनय के बारे में, जो की एक्टिंग कोर्स के दौरान भी नही सीख सका था.
 
·         फिर एक बार ''एक बुरा आदमी'' कब तक बुरे आदमी की भूमिकाये करेगें?
हसंते हुए अरुणोदय कहते हैं जब तक लोग अच्छे इंसान की भूमिका नही देते. वैसे यह फ़िल्म कुछ अलग तरह की फ़िल्म है इसमें मैं बुरा आदमी नही बना हूँ. बल्कि यह फ़िल्म दिखाती है कि हर अच्छे इंसान के अन्दर एक बुरा इंसान भी छिपा होता है. मेरे मुताबिक अच्छी भूमिका अच्छी ही होती है चाहे वो नायक की हो या खलनायक की, दर्शक उस भूमिका को कितना पसंद करते हैं यह भी निर्भर करता है.
 
·         आपने अभी तक जितनी भी फ़िल्में की हैं, सभी अलग लीक पर थी और दर्शकों, विशेषकर महिला दर्शकों ने आपको पसंद भी किया, लेकिन क्या नाच गाने वाली फिल्मों में अभिनय करना पसंद नही करते?
मुझे लगता है कि मैं जिस तरह की भूमिकाये कर रहा हूँ मैं वो भूमिकाये ही ज्यादा अच्छे से कर सकता हूँ. जिन दर्शको ने भी मुझे पसंद किया मैं उनका शुक्रगुजार हूँ. वैसे बहुत सारे अभिनेता नाच गाने वाली फ़िल्में कर रहे हैं एक मेरे नही करने से क्या फर्क पड़ता है. और मुझे लगता है की मुझे कुछ अलग हट कर ही फ़िल्में करनी चाहिए. वैसे मैंने कोई सीमा रेखा नही बनाई की ऐसी फ़िल्में नही करूंगा, ऐसी करूंगा. अभी तो मेरी शुरुआत है जैसी - जैसी  फिल्मे मुझे मिलेगीं मैं उनमे काम करूंगा.
 
·         आपकी फिल्मों में किसिंग सीन जरुर होते हैं क्या कुछ ख़ास वजह है इसकी ?
ऐसा नही है कि ऐसे सीन मेरी ही फिल्मों में होते हैं, आज हर दूसरी फिल्मों में ऐसे सीन होते हैं.
 
·         कहीं आप दूसरे इमरान हाशमी तो नही बन रहे?
 नही, मैं पहला अरुणोदय सिंह हूँ और वही रहूँगा.
 
·         आप क्या सोचकर कोई भी फ़िल्म साइन करते हैं, आपने यह फ़िल्म क्या सोच कर करना पसंद की जबकि इस फ़िल्म के निर्देशक इशराक भी नये हैं ?
फ़िल्म की कहानी मेरे दिल को छूनी चाहिए बस. जब इशराक ने मुझे ''एक बुरा आदमी'' की कहानी सुनाई तो मुझे बहुत पसंद आयी और मैंने तुरंत ही हाँ कर दी. इशराक गुलज़ार साहेब जैसे निर्देशक के सहायक रह चुके हैं, इशराक काम भी बहुत अच्छा कर रहे हैं.
 
·         अभी आप ऐश्वर्या रॉय बच्चन के साथ काम कर रहे हैं, तो क्या किसी तरह का कोई प्रेशर महसूस कर रहे हैं ?
नही, बिल्कुल भी नही, हम साथ काम कर रहे हैं कोई जंग थोड़े ही लड़ने वाले हैं, प्रेशर की बजाए मैं तो बहुत खुश हूँ कि मैं उनके साथ काम करने वाला हूँ.  वैसे आपको बता दूं इस फ़िल्म में मेरी अलग तरह की भूमिका है इस फ़िल्म से आप सभी की यह शिकायत भी दूर होने वाली है कि मैं कुछ अलग भूमिका क्यों नही करता.
 
·         इसके अलावा किन फिल्मों में अभिनय कर रहे हैं ?
विवेक अग्निहोत्री की फ़िल्म ''बुद्ध इन ट्रैफिक जाम'' में मैं काम कर रहा हूँ इसमें मेरे साथ अनुपम खेर, माही गिल भी हैं. यह फ़िल्म भी पोलिटिकल थ्रिलर पर ही है.  -       मीनाक्षी शर्मा

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