Sunday, 22 October 2017

धरती धोरां री ने कम्बोडिया में धूम

7वां अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में लोकप्रिय

बीकानेर ।  वीणा समूह द्वारा तैयार किये गए लोकप्रिय गीत ‘धरती धोरां री‘ ने कम्बोडिया में धूम मचाई। अवसर था 7वां अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में लोकप्रिय मासिक पत्रिका ‘‘स्वर सरिता‘‘ के जून माह के जल संस्कृति विषेषांक एवं राजस्थान के लोकप्रिय गीतों की वीसीडी ‘कलर फुल म्यूजिक राजस्थान‘ के विमोचन का। ज्ञातव्य है कि स्वर सरिता कला- संस्कृति व साहित्य को समर्पित मासिक पत्रिका है जिसमें साहित्य, गीत संगीत की विभिन्न विधाओं के बारे में उपयोगी एवं ज्ञानवर्द्धक लेखों का संकलन किया जाता है। इस अवसर पर सीडी का विमोचन करते हुये रायपुर के पुर्व राजा समुद्र सिंह ने कहा कि वीणा समूह ने राजस्थान की संस्कृति के साथ-साथ भारतीय संस्कृति को भी जीवित रखने का अनुकरणीय कार्य किया है। समूह द्वारा तैयार किये गये गीतो से भारतीय संस्कृति की पहचान विदेशो में बेठै विदेषीयो को भी हो रही है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण समारोह में बेठे सभी सम्भागियों ने देखा। ‘‘धरती धोरां री‘‘ गीत का विडियो प्रदर्षन आरम्भ होते ही सभी गौरवान्वित होकर झुमने लग गये। उन्होने वीणा समूह के उज्जवल भविष्य की कामना भी की। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान के पूर्व जनसम्पर्क निदेषक डां अमर सिंह राठौड़ ने कहा कि वीणा समूह ने राजस्थानी अलबमों के माध्यम से राजस्थान को एक अलग पहचान दिलाई । कम्पनी के प्रबन्ध निदेषक हेमजीत मालू ने बताया कि वीणा समूह का उद्देष्य राजस्थान की संस्कृति से आमजन को परिचित करवाना है। मालू ने बताया कि समूह द्वारा किये गये अलबम ‘‘घूमर‘‘, धरती धोरां री, एवं राजस्थानी परम्पराओं एवं संस्कृति के शुभ अवसरों पर महिलाओं द्वारा गाये जाने वाले गीतों के अलबम  ‘गीत सम्मेलन‘ ‘‘विवाह गीत राजस्थानी‘‘ सहित सैकडों अलबम निकाले हंै जिन्हें राजस्थान से बाहर रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों के साथ-साथ गैर राजस्थानियों का भी भरपूर सहयोग मिला है एवं वीणा समूह द्वारा राजस्थान की माटी के संगीत को जन-जन तक पंहुचाने के इस महत्वपूर्ण कार्य हेतु उन्होंने आभार भी व्यक्त किया है। सातवां अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन 15 से 23 जून तक कम्बोडिया के अंगकोर शहर में आयोजित हुआ जिसमें भारत एवं अन्य देषों के 82 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राजस्थान के 11 हिन्दी प्रतिनिधियों ने षिरकत की जिनमें राजस्थान के पूर्व जनसम्पर्क निदेषक डां अमर सिंह राठौड़, वीणा समूह के प्रबन्ध निदेषक हेमजीत मालू, साहित्यकार देवकिषन पुरोहित, राजेष अग्रवाल, स्वामी षिवज्योतिषानन्द जिज्ञासु, श्रीमती पुष्पा गोस्वामी, कल्याण सिंह राजावत, साहित्य अकादमी की पूर्व अध्यक्ष डां अजीत गुप्ता, मेजर रतन जांगीड़, नृत्यांगना चित्रा जांगीड़, हरिष नवल, जयप्रकाष मानस, ने विभिन्न विचार सभाओं में विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंटकर वीणा समूह के प्रबन्ध निदेषक हेमजीत मालू को सम्मानित भी किया। जयपुर पहंुचने पर किया स्वागत- थाईलेण्ड , कम्बोडिया, वियतनाम, में आयोजित 7वें अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन मे भाग लेकर एवं तीन देषों के विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर भारतीय संस्कृति एवं हिन्दी की प्रतिष्ठा को प्रसारित कर जयपुर लौटने पर स्वागत किया गया।