Thursday, 19 October 2017

फोटो एवं पेन्टिंग प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ

वागडी साहित्य ने किया प्रबुद्धजन को आकर्षित

डूंगरपुर २१ नवंबर/वागड महोत्सव के उद्घाटन समारोह दौरान स्थानीय लक्ष्मण मैदान में लगाई गई फोटो , पेन्टिंग तथा वागडी साहित्य प्रदर्शनी का उद्घाटन केबिनेट मंत्री कनकमल कटारा ने किया।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के संयोजन में आयोजित इस प्रदर्शनी का केबिनेट मंत्री कटारा ने वाग्देवी सरस्वती की छवि के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर एवं फीता काटकर शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में डूंगरपुर जिले के छायाकारों द्वारा जिले में विभिन्न विषयों से संबंधित छायाचित्र का आकर्षक ढंग से प्रस्तुतीकरण किया। इसके अतिरिक्त इसमें शहर के कई चित्रकारों ने भी अपनी कलाकृतियां प्रस्तुत की।
फोटो प्रदर्शनी में डूंगरपुर के प्राकृतिक सौन्दर्य, लोक जीवन, संस्कृति, स्थापत्य, उत्सवों एवं ग्राम्यांचल के परिवेश का जीवन्त प्रदर्शन करने वाले छायाचित्र सभी के आकर्षण का केन्द्र रहे। विभिन्न फोटोग्राफरों द्वारा डूंगरपुर से संबंधित चित्रों को देखकर हर किसी ने यहां की नैसर्गिक सुन्दरता की प्रशंसा की। फोटो गैलेरी में चार विभिन्न शीर्षकों डूंगरपुर, द गिफ्ट ऑफ नेचर, स्टाईल्स एण्ड इमोशन्स, लाईफ स्टाईल के माध्यम से छायाचित्रों को दर्शाया गया था। इसके अतिरिक्त ‘वागड एज आई सी‘ विषयान्तर्गत कमलेश शर्मा के डूंगरपुर के प्रकृति सौन्दर्य, पक्षियों की विभिन्न मुद्राएं, मिड डे मिल सहित कई मनमोहक छायाचित्र सभी के आकर्षण का केन्द्र रहे। यहां पर दुर्गाशंकर गामोट ने विभिन्न फोटोग्राफ्स से सबंधित विषय वस्तु एवं तथ्यों की जानकारी उपलब्ध कराई।
पेटिंग प्रदर्शनी में शहर के विभिन्न चित्रकारों द्वारा अलग-अलग प्रकार से सृजित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। इसमें चित्रकार एवं कॉपरेटीव बैंक के प्रबन्ध निदेशक लोकेश गांधी एवं रचना गांधी के ग्लास पेंटिंग जिसमें जूना महल एवं रॉयल बंगाल टाईगर के आकर्षक चित्र ग्लास पेंटिंग के रूप में प्रदर्शित किये गये। इसी दीर्घा में विमी पुरोहित एवं लोकेन्द्र नाथ पुरोहित द्वारा बनाए गये विभिन्न चित्र यथा जूना महल में चित्रित कृतियों की प्रतिकृतियां, बादल महल, एक ही कपडे पर फेब्रिक कलर से बनी कृष्ण लीलाओं के विभिन्न प्रसंगों के चित्र, अश्वारूढ तरूणी के साथ सोनिक श्रीमाल द्वारा प्रदर्शित विभिन्न प्रकार के बेसिक डिजाईन्स व तरूणेश जोशी के वागड शैली में सांस्कृतिक परिवेश एवं लोकजीवन को प्रदर्शित करते चित्रों का अवलोकन बडी तादाद में आमजनों ने किया। 
इस अवसर पर वागडी साहित्य प्रदर्शनी का भी आयोजन भी किया गया। प्रदर्शनी में वागडी केफोटो, पेन्टिंग एवं वागडी साहित्य प्रदर्शनी का उद्घाटन करते केबिनेट मंत्री कनकमल कटारा व प्रदर्शनी का अवलोकन करते अतिथि। विख्यात साहित्यकार जयप्रकाश पण्ड्या, ज्योतिपुंज का वागडी महाकाव्य गोविन्द गुरू का चोपडा के अतिरिक्त वागडी गद्य, पद्य, नाटक, काव्य, अनुदित साहित्य एवं हाल ही नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित कहानी संग्र्रह तीन बीसी पार जिसमें वागडी कहानी भी सम्मिलित है भी प्रदर्शित की गई। यहां पर वागडी साहित्यकार दिनेश पंचाल ने आगन्तुकों को विभिन्न जानकारियां उपलब्ध कराई।
इसके अलावा यहां पर बैंक ऑफ बडौदा द्वारा भी एक विशाल प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रदर्शनी में बैंक की विभिन्न योजनाओं के साथ ही ग्रामीण समुदाय के ज्ञान संवितरण, समस्या समाधान एवं क्रेडिट काउंसलिंग केन्द्र के रूप में स्थापित बडौदा ग्रामीण परामर्श केन्द्र के बारे में जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक टीसी महावर, डूंगरपुर प्रोजेक्ट के एमएल बडीवाल समेत बैंक अधिकारियों ने जानकारी प्रदान की।
समस्त प्रदर्शनियों का मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री कटारा, जिला कलक्टर नीरज के. पवन, जिला पुलिस अधीक्षक विजेन्द्र झाला, अतिरिक्त जिला कलक्टर टी. आर. जोशी, नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी, हीरालाल भील, सुशीला भील, गजेन्द्रसिंह चौहान सहित कई अतिथियों ने अवलोकन किया।

बैण्ड ने बजाई राजस्थानी लोकधुन
समारोह के दौरान विभिन्न अवसरों पर राजस्थान पुलिस एवं एम बी सी बेण्ड ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर राजस्थानी लोकधुनों की स्वर लहरियों के माध्यम से वातावरण में मिठास घोली। एम बी सी बेण्ड के दल द्वारा राजस्थान के लोक गीतों पर आधारित रचना गोरबंध, पणिहारी, ईडुणी, काजलियो आदि बजाकर वातावरण को सुरमयी कर दिया।