Monday, 23 October 2017

राजस्थान मण्डप को देखने उमडा जनसमूह

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला, २००७

जयपुर, १९ नवम्बर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे २७वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में राजस्थान मण्डप को देखने के लिए भारी संख्या में लोगों के समूह आ रहे हैं। अब तक २ लाख से भी अधिक लोग मण्डप को देखने आ चुके हैं।
मण्डप निदेशक श्री रवि अग्रवाल के अनुसार भारी संख्या में आ रहे लोगों को नियंत्रित करने के लिए मण्डप प्रबन्धकों को काफी मशक्कत करनी पड रही है। राजस्थान की बहुरंगी कला, संस्कृति और समृद्ध इतिहास की पारम्परिक छवि के साथ ही जब लोगो ने कृषि उद्योगों व प्रसंस्करित खाद्य पदार्थो के क्षेत्र में राजस्थान की अग्रणी छवि को देखा तो वे मुग्ध हो गए।
जहां मण्डप में प्रवेश करते ही लोगों की नजर टोंक की सुनहरी हवेली की सुन्दर प्रतिकृति पर पडी तो वे गौरवशाली इतिहास में खो गए, वहीं बाहरी दीवारों पर पिछवाई शैली में की गई कृष्ण लीला की पेटिंग्स ने भी उनके मन-मस्तिष्क पर अमिट प्रभाव छोडा। लोगों में टोंक की सुनहरी हवेली के पास खडे होकर फोटो खिंचवाने का उत्साह देखा गया।
राजस्थान की प्रसिद्ध हस्तशिल्प की विभिन्न स्टॉल्स जैसे मार्बल  व चंदन पर कारीगरी के नमूनों को खरीदने के लिए लोगों में होड मची रही। लोगों का अपार जनसमूह लोक कलाकारों, कालबेलियों और लोक गायकों की ओर से भी आकर्षित हो रहा है।
मण्डप में आने वाले दर्शकों के लिए राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लेना भी कम मोहक नहीं है। दाल-बाटी-चूरमा, कैर-सांगरी की सब्जी, बाजरे की खिचडी, चूर्ण, गजक आदि की खुशबू के मध्य तो लगा, मानो राजस्थान का हृदय स्पंदन कर रहा है।