Wednesday, 18 October 2017

राजस्थान की बहुरंगी छटा से रंगा राजपथ

नई दिल्ली के राजपथ पर दिखा शौर्य, प्रगति, कला व संस्कृति का मनोरम नजारा:

राजस्थान की बहुरंगी छटा से रंगा राजपथ

नई दिल्ली, 67 वां गणतंत्रा दिवस पर देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित गणतंत्रा दिवस परेड समारोह में एक ओर जहां दुनियां के सबसे अधिक विविधताओं वाले देश भारत की बहुमूल्य संस्कृति का अनेकता में एकता का भव्य नजारा राजपथ पर देखने को मिली, वहीं परेड समारोह में राजस्थान की बहुरंगी छटा ने भी राजपथ को राजस्थानी संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। राजस्थान की ऐतिहासिक झांकी हवामहल के साथ ही शिक्षा भारती स्कूल, द्वारका के स्कूली छात्रों द्वारा प्रस्तुत किये गये रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह में दर्शकों का मन मोह लिया। 


राजपथ पर बिखरी राजस्थान की बहुरंगी झलक
 नई दिल्ली में रायसिना हिल्स पर स्थित भव्य राष्ट्रपति भवन की तलहटी में विजय चौक से शुरू होकर राजपथ पर देश के शौर्य, प्रगति, कला और संस्कृति की शानदार प्रस्तुति देने वाली गणतंत्रा दिवस परेड में इस बार राज्य सरकार की झॉंकियों में राजस्थान का प्रतिनिधित्व विश्व प्रसिद्ध ’’हवामहल’’की झॉंकी ने किया। हवामहल को ‘‘पैलेस ऑफ विंड’’ के नाम से भी जाना जाता है। इस ऐतिहासिक कृत्ति को जयपुर के महाराजा सवाई प्रताप सिंह जी ने 1799 ई. में बनवाया था। कृष्ण भक्त होने के कारण ही महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने इसे श्री कृष्ण के मुकुट की आकृत्ति में बनवाया। पांच मंजिला इस विशाल इमारत की ऊंचाई 50 फीट है। जिसमें 953 छोटी खिड़कियां हैं, जिन्हें ‘झरोखे’ कहा जाता है। राजपूत और मुगल स्थापत्य कला के सुन्दर सम्मिश्रण से निर्मित इस अति उत्कृष्ट इमारत को निर्मित करने वाले वास्तुकार ‘लालचन्द्र उस्ता’ थे। हवामहल देशी-विदेशी पर्यटकों में अत्यन्त लोकप्रिय है।
परेड में इस वर्ष भी चटख राजस्थानी रंगों से सजे धजे और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डस में स्थान बनाने वाले दुनिया के एक मात्रा ऊॅंट बैंड (कैमल बैंड) की छटा देखते ही बनी। 1986-87 में स्थापित हुआ यह ऊंट बैंड दस्ता सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ.) के जवानों से सुसज्जित था।  इस दस्ते का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर श्री फूलाराम राणा ने किया। दुनिया के इस अनूठे और अद्वितीय कैमल बैंड द्वारा ‘‘ हम है सीमा सुरक्षा बल.........’’ गीत के साथ राजपथ पर छोड़ी राष्ट्रभक्ति की धुनों ने सभी को मंत्रामुग्ध कर दिया। कैमल बैंड दस्ते के साथ ही रेगिस्तान का जहाज माने जाने वाले ऊॅंटों का राजस्थान-गुजरात के परिवेश में सुसज्जित ‘ऊॅंट परेड दस्ता’ शामिल था, जिसका नेतृत्व डिप्टी कमाण्डर कुलदीप जे. चौधरी ने किया। ऊॅंटों पर सवार सीमा सुरक्षा बल के जांबाज जवानों ने सलामी मंच को सलामी दी और राजपथ पर शान से निकले। दर्शकों में दोनांे दस्ते बहुत ही कौतूहल एवं आकर्षण का केन्द्र रहे।
समारोह में मुख्य सलामी मंच पर इस वर्ष गणतंत्रा दिवस समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रास्वां ओलांद के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी, प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी और अन्य कई गणमान्य अतिथिगणों ने करतल ध्वनि से परेड का हौंसला बढ़ाया। 

राजपथ पर गणतंत्रा दिवस परेड में जयपुर से पहुॅचे 61वीं कैलेवरी घुड़सवार दस्ता भी शान से राजपथ से गुजरा।