Monday, 23 October 2017

खाद्य सुरक्षा क्रांतिकारी योजना

आमजन को सस्ता व पौष्टिक आहार उपलब्ध हो

बीकानेर। महापौर भवानी शंकर शर्मा ने कहा है कि गरीबी और कुपोषण से पीडि़त आमजन के  लिए क्रांतिकारी योजना के रूप में खाद्य सुरक्षा अधिनियम,2013 का तोहफा राज्य सरकार ने दिया  है। ऐसा तोहफा वही सरकार दे सकती  है,जो आमजन की पीड़ा को समझ और महसूस कर  सकती है।

महापौर बुधवार को जिला प्रशासन एवं पंचायत समिति बीकानेर के संयुक्त तत्तावधान  में आयोजित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत ’खाद्यान्न वितरण’ शुभारंभ समारोह में  मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। पंचायत समिति परिसर में आयोजित इस समारोह में जिला  कलक्टर  आरती डोगरा,मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ओम प्रकाश,जिला रसद  अधिकारी नरेन्द्र सिंह राजपुरोहित, उपखण्ड अधिकारी अनुपमा जोरवाल उपस्थित थे। 
महापौर शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करके  क्रांतिकारी कदम उठाया है। यह कोई साधारण बात नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक  गहलोत ने अपने कार्यकाल में व्यक्ति की गरिमा को कायम रखते हुए सामाजिक सुरक्षा प्रदान  करने वाली अनेक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में यह आवश्यक है कि  आमजन को सस्ता व पौष्टिक आहार उपलब्ध हो। यह योजना इस दिशा में क्रांतिकारी कदम है।  उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना के बाद यह योजना सबसे महत्वपूर्ण  योजना है,जिससे 70 प्रतिशत ग्रामीण जनता लाभान्वित होगी। पंचायत राज जनप्रतिनिधियों का  दायित्व है कि इसका लाभ आमजन को पूरी पारदर्शिता के साथ दिलाएं। 
इस अवसर पर पंचायत समिति प्रधान भोमराज आर्य ने  खाद्य सुरक्षा योजना की  प्रभावी क्रियान्विति पर जोर दिया और कहा कि जनप्रतिनिधि,अधिकारी व कर्मचारियों के समन्वित  प्रयासों से इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल  दिया और कहा कि गांवों में चौपाल आयोजित करके,आमजन को इसकी जानकारी देनी चाहिए।  उन्होंने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार ने गरीब एवं गांव के विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं  लागू करके उनकी गरिमा को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए  गांधीवादी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विचार और उनकी भावना को हमें जमीन से जुड़े व्यक्ति  तक पहुंचाना है। 
जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश ने अधिनियम की जानकारी  देते हुए  कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बीपीएल,स्टेट  बीपीएल,अन्त्योदय परिवार,अन्नपूर्णा के लाभार्थियों सहित अनेक पेंशनधारी,मुख्यमंत्री जीवन  रक्षाकोष के लाभार्थियों,समस्त सरकारी हॉस्टल के अन्त:वासी,निर्माण श्रमिक,लघु एवं सीमान्त  कृषक सहित अनेक निर्धन एवं निराश्रित श्रेणी के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जन  साधारण को गरिमामय जीवन व्यतीत करने के लिए सस्ती दर पात्र श्रेणी के परिवारों को 25 किलो  गेहूॅं 2 रूपये किलो की दर से दिया जायेगा।  
इस अवसर पर जिला रसद अधिकारी नरेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने कहा कि राज्य  सरकार की मंशा के अनुरूप विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक पूरी मुस्तैदी के साथ योजना की  क्रियान्विति करेंगे। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि ग्रामीण क्षेत्र की उचित मूल्य की  दुकानों पर अपनी उपस्थिति में योजना के तहत कवर हुए परिवारों को खाद्यान्न का वितरण  करवाएं। अगर तीन माह तक जनप्रतिनिधि अपनी उपस्थिति में खाद्यान्न वितरण करवाते हंै, तो  आमजन को इस योजना की पूरी जानकारी मिल जायेगी और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक  हो जायेंगे। 
इस अवसर पर विकास अधिकारी ऋतु राज, नापासर सरपंच घनश्याम  आसोपा,नौरंगदेसर सरपंच चम्पालाल गेदर,रिडमलसर सरपंच,राज्य सरकार की खाद्य सलाहकार  समिति के सदस्य जियाउर रहमान आरीफ,एडवोकेट मुखराम,नाल सरपंच श्रीराम रामावत सहित  ग्रामीण उपस्थित थे । संचालन रवि पुरोहित ने किया। 
प्रतीकात्मक रूप से हुआ गेहूॅं का वितरण
 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बीकानेर पंचायत समिति परिसर में बुधवार को हुए खाद्य  वितरण समारोह में महापौर भवानी शंकर शर्मा और पंचायत समिति के प्रधान भोमराज आर्य ने  प्रतीकात्मक रूप  से ग्राम पंचायत रिड़मलसर,उदयरामसर,उदासर के योजना के पात्र परिवारों को  2 रूपये की दर से गेहॅूं का वितरण किया। सबसे पहले ग्राम पंचायत रिड़मलसर के विकलांग  दुलाराम को महापौर शर्मा ने 25 किलो गेहूॅं का थैला प्रदान किया।  उन्होंने  नौरंगदेसर,रिड़मलसर,उदासर ग्राम पंचायत के 21-21 पात्र परिवारों को गेहॅंू के थैले प्रतीकात्मक  रूप से प्रदान किए। 

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