Tuesday, 12 December 2017

बतायें स्वस्थ जीवन जीने की कला

आपदा काल में जनता द्वारा धैर्य रखने व उपरोक्त परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करने की सलाह दी

बीकानेर। स्थानीय श्री जैन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में  'आपदा प्रबन्धन में जनता की भूमिका डे-केयर सर्जरी, प्राचीन भारतीय चिकित्सा व शल्य चिकित्सा, स्वस्थ जीवन जीने की कला आदि विभिन्न विषय पर व्याख्यान माला अयोजित हुई। व्याख्यान माला के प्रमुख वक्ता ''बोम्बे हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन तथा बीकानेर मूल के डॉ. मानमल बेगानी थे। डॉ. बेगानी ने पिछले वर्षों में भारत आई विभिन्न आपदाओं के बारे में बताया जिसमें हाल ही में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा का भी जिक्र किया। डॉ. बेगानी ने इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं में जन-सहभागिता, आपदा पीडि़त व्यक्तियों को दी जाने वाली चिकित्सा सुविधाएं, आपदा काल में जनता द्वारा धैर्य रखने व उपरोक्त  परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करने की सलाह दी।अपने स्वास्थ्य विषयक व्याख्यान माला में डॉ. बेगानी ने एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ  विभिन्न पद्धतियों की भी जानकारी दी। डॉ. बेगानी ने आयुर्वेद विषय पर जानकारी देते हुए आयुर्वेद के इतिहास, प्रमुख औषधियों आदि के गुणों एवं उपयोगिताओं पर चर्चा की।  स्वस्थ जीवन जीने की कला के अंतर्गत डॉ. बेगानी ने स्वस्थ जीवन सूत्रों को बताया तथा विषय संबंधी सामग्री भी वितरित की। कार्यक्रम महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री विजय कुमार कोचर, उपाध्यक्ष श्री निहालचंद कोचर तथा महामंत्री श्री नरेन्द्र कुमार कोचर उपस्थित थे। महाविद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से डॉ. बेगानी का माल्यार्पण व शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की व्याख्याताओं सुश्री मीनाक्षी बोथरा व सुश्री रीतिका श्रीमाली ने किया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. लक्ष्मीनारायण खत्री ने डॉ. बेगानी व समस्त आगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। 

Nihal chand    Minakshi bothra   ritika shrimali   Laxminarayan Khatri