Friday, 20 October 2017

गंदगी और पान की पीक  देख नाराज हुए  पवन

अतिरिक्त मिषन निदेषक नीरज के पवन ने आज भी किया पीबीएम अस्पताल और गजनेर सामुमदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण, भामाषाह स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा

गंदगी और पान की पीक  देख नाराज हुए  पवन

बीकानेर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिषन के अतिरिक्त मिषन निदेषक डा. नीरज के पवन ने आज पीबीएम अस्पताल का दोबारा निरीक्षण किया और भामाषाह स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्र्तगत ज्यादा से ज्यादा लोगो को लाभान्वित करने के लिये आवष्यक दिषा निर्देष दिए। डा.  पवन ने भामाषाह स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल को निर्देष दिए कि इस योजना के अन्र्तगत अगर किसी व्यक्ति के पास संबंधित दस्तावेज नही है परंतु वो इस योजना का पात्र है तो संबंधित चिकित्सा अधिकारी उसे प्रमाणित कर उसे इस योजना का लाभ देना सुनिष्चित करेगा ताकि दस्तावेज के अभाव में योजना का पात्र व्यक्ति कैसलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित ना रहे। अतिरिक्त मिषन निदेषक के निर्देषो के बाद पीबीएम अस्पताल में इंडोर में भर्ती मरीजो को स्वास्थ्य मार्गदर्षको द्वारा उनके वार्ड में जाकर उनके राषन काड्र्र और अन्य दस्तावेजो से पता किया गया कि अगर वे योजना के पात्र है तो उन्हे इस योजना के अन्र्तगत कैसलैस इलाज दिया जायें। डा.  पवन ने कहा कि आमजन को चिकित्सा सेवा में लगने वाले खर्च को कम करने और उन्हे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाये देने के लिये ही योजना का शुभारंभ किया गया है और स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की ये जिम्मेदारी है कि इसके पात्र व्यक्तियो को योजना का लाभ मिले। योजना के अन्र्तगत इलाज के लिए कैशलेस सुविधाएं एवं न्यूनतम 24 घंटे की अस्पताल भर्ती सुरक्षा भी उपलब्ध रहेंगी। प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष सामान्य बीमारीयों हेतु 30 हजार का बीमा उपलब्ध कराने के साथ ही चिन्हित गंभीर बीमारियों हेतु 3 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवाया जायेगा। चिन्हित बीमारी हेतु आवष्यक भर्ती के अतिरिक्त पूर्व 7 दिन तथा पश्चात् के 15 दिन की चिकित्सा भी कवर होगी। हदय रोग तथा अत्यधिक आघात की स्थिति में 100 से 500 रूपए तक का यात्रा भता भी बीमा राषि में शामिल होगा। भ्रमण के दौरान अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल डा.  जी एल मीणा, सीएमएचओ डा.  देवेन्द्र चैधरी, डा.  देवेन्द्र अग्रवाल, डा.  के के वर्मा, आरसीएचओ डा.  रमेष गुप्ता, आईईसी कोर्डिनेडर नवलकिषोर व्यास भी साथ थे। 

पीबीएम अस्पताल में गंदगी और पान की पीक को देखकर हुए नाराज
पीबीएम अस्पताल में वार्डो में भ्रमण के दौरान दीवारो पर पान की पीक, खुले तार, दीवारो पर उडे रंग और गंदगी देखकर अतिरिक्त मिषन निदेषक ने बेहद नाराजगी जताई और कहा कि जनप्रतिनिधियो और प्रषासनिक अधिकारियोे द्वारा बार बार दिये गए निर्देषो के बावजूद अस्पताल परिसर में गंदगी का होना बेहद गंभीर है। उन्होने मौके पर ही पीडब्लयूडी के अधिकारीयो से फोन पर बात कर कल से ही अस्पताल परिसर में रिपेयरिंग और दीवारो पर रंग रोगन करने के लिये कहा, साथ ही अस्पताल प्रषासन को ये निर्देष किए कि पूरे अस्पताल में साफ सफाई का विषेष ध्यान रखा जाये, दीवारो पर लगे पान के पीको को मिटाने के लिये वहां नियमित रूप से रंग रोगन करवाया जाये। खुले तारो की सही तरीके से वायरिंग की जायें, स्विच, पंखे, बल्ब, उपकरण आदि चीजोे में सफाई का ध्यान रखा जाये। और वार्डो में परदें, चद्ददरें और अन्य जगहो को स्वच्छ रखा जाये। अस्पताल मे काम आ रहे रेडीएंट वार्मर के लिये अलग से एमसीबी लगवाई जाये ताकि किसी प्रकार का कोई हादसा नही हो। प्रत्येक टाॅयलेट में भीं साफ सफाई का विषेष ध्यान दिया जाये और वहां मग और साबुन की व्यवस्था हो। इन छोटी छोटी कमियोे को दूर किया जाये जिससे मरीजो और उनके रिष्तेदारो के लिये आदर्ष वातावरण तैयार हो सके। 

गजनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और मानसिक रोग अस्पताल को सराहा
अतिरिक्त मिषन निदेषक ने आज गजनेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया और वहां की साफ सफाई, सुव्यवस्थित लैब और लेबर रूम को सराहते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को इस व्यवस्था को निरंतर बनाये रखने के निर्देष दिए। नेषनल हैल्थ मिषन के अन्तर्गत चल रही केन्द्र पर चली रही स्वास्थ्य योजनाओ की समीक्षा भी नीरज के पवन ने की और आवष्यक दिषा निर्देष दिए। पीबीएम अस्पताल परिसर में बने मानसिक रोग निदान अस्पताल का भी नीरज के पवन ने निरीक्षण किया। डा.  के के वर्मा ने संचालित हो रही गतिविधियो की जानकारी दी। अतिरिक्त मिषन निदेषक ने परिसर और वार्ड का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओ की सराहना की। 
 

नीरज के पवन   पीबीएम अस्पताल