Sunday, 22 October 2017

हिन्दु धर्म ही प्राचानी धर्म - विशोकानन्द

रातीघाटी युद्व की रणनीति बेमिसाल - शेखावत

बीकानेर, श्रीधनीनाथ गिरि मठ पंच मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी विशोकानंद भारती ने कहा कि इतिहास और पौराणिक तथ्यों के आधापर हिन्दु धर्म ही मूल धर्म है और इतिहास को सही रूप से समझना जरूरी है। इससे सद्भावना, भाईचारा, प्रेम व अपनत्व की भावना पैदा होती है। उन्होने कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली एवं वीरता से भरा हुआ है। भारत का इतिहास गरिमामय है। भारत का इतिहास भगवान नारायण से शुरू होता है जो करोडो वर्षो से चला आ रहा है। उन्होने कहा कि इतिहास एक औषधि है। इसको ठीक से पढना, जानना एवं उसमें डूबना जरूरी है जो अपने इतिहास को अच्छी तरह से जान गया उसमे से हिंसा व भेदभाव की सोच हट जाएगी। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ कल्याण सिंह शेखावत ने कहा है कि भारत का इतिहास भारतीयों ने नही दूसरों ने लिखा। उनके इतिहास लेखन का उद्देश्य भारतीयों में हीनता भाव रखने की मंशा थी। गौरव  गाथाओं का इतिहास से मिटाया गया। बुधवार को रातीघाटी विजय दिवस समारोह के अवसर पर अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हीनता का भाव गुलामी की और ले जाता है। रातीघाटी युद्ध पर उन्होने कहा कि भारतीय इतिहास में यह युद्ध बेमिसाल है। रातीघाटी युद्ध में राव जैतसी की युद्ध हिन्दु-मुसलमानों का नही अपितु धरती प्रेम, सांस्कृतिक गौरव का युद्ध था। राव जैतसी ने जन जन को जोडकर कामरान से युद्ध लडा व विजय प्राप्त की। डॉ. शरद हेबालकर ने भारत के इतिहास को विभिन्न देशों की यात्रा के माध्यम से क्रमबद्ध रूप से उपस्थित जनों के समक्ष रखा। बिग्रेडियर जगमाल सिंह राठौड ने कहा कि भारत का इतिहास वीरता, शौर्यता से भरा हुआ है। सही इतिहास को सामने लाने की जरूरत है। रातीघाटी शोध एवं विकास समिति के जानकी नारायण श्रीमाली ने रातीघाआी युद्ध पर प्रकाश डाला।

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