Wednesday, 13 December 2017

सीवियर वाईवेक्स मलेरिया पर शोध शुरू

थाईलैण्ड का दल पहुचा बीकानेर, एक माह तक होगा शोध

बीकानेर। मलेरिया पीएफ के जान लेवा होने के साथ-साथ बीकानेर में मलेरिया पी.वी.भी खतरनाक रूप धारण कर चुका है। इसी सीवियर वाईवेक्स मलेरिया पर शोध करने के लिए थाईलैण्ड के दो सदस्य रिसर्च दल बीकानेर पहुचा। मेडिकल कालेज में शोध दल के सदस्यो केमोले्रट सिलमुट व डा.रेपिफन आर.माउडे ने बताया कि आधुनिक उपकरणो के साथ एक माह बीकानेर में रूककर यह के रोगियो में मलेरिया वाईवेक्स के कारण आ रही जटिलताओ का अध्ययन करेंगे। शोध के दौरान पीबीएम अस्पताल के मलेरिया वार्ड में भर्ती मरीजो पर अध्ययन के साथ-साथ मलेरिया हाई रिस्क ग्रामीण क्षेत्रो में भी पहुचकर पी.वी रोगियो पर शोध कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। शोध दल के सदस्यो के अनुसार बार्सिलोना, ब्राजील, सीवियर वाईवेक्स मलेरिया इन बीकानेर (भारत)  प्रोजेक्ट के तहत बीकानेर में सीवियर वाईवेक्स मलेरिया पर रिसर्च करेंगे। शोध दल के सदस्यो के अनुसार शोध का उद्वेश्य वईवेक्स मलेरिया में आ रही गंभीरताओ व जटिलताओ को दुनिया के सामने लाना हैं। इस दिशा में बीकानेर में शुरूआत काफी महत्वपूर्व हैं। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार बीकानेर में मलेरिया  वाईवेक्स रोगियो की संख्या काफी हैं। तथा जटिलताऐं भी अधिक हैं। शोध के दौरान मेडिकल कालेज की टीम के साथ शोध कर मलेरिया वाईवेक्स पर गहन अध्ययन किया जाएगा। 

मलेरिया वार्ड एवं रिसर्च सेंटर पहुची टीम

सीवियर मलेरिया वाईवेक्स पर शोध करने पहुची थाईलैण्ड की टीम पीबीएम के मलेरिया वार्ड में पहुची। मेडिकल कालेज उप-प्राचार्य डा.के.सी.नायक ने वार्ड में भर्ती मलेरिया रोगियो की जानकारी दी। शोध दल ने मलेरिया पी.वी. के साथ अन्य रोग से ग्रसित रोगियो में गहरी रूची दिखाई। वार्ड में भर्ती रोगियो की केस हिस्ट्री जानकर दल मलेरिया रिसर्च सेन्टर पहुचा। डा.नायक ने बीकानेर में मलेरिया पीएफ, पीवी रोगियो की अब तक की स्थिति, मौते, किए जा रहे कार्य, उपचार, हाईरिस्क आदि क्षेत्रो के बारे में जानकारी दी।

 

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