Tuesday, 12 December 2017

मुख्यमंत्री द्वारा सूरसागर झील के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण

सूरसागर का उद्घाटन होने के साथ ही उसके मध्य स्थापित रगीन फव्वारें से जल की धारा ने ऊंचाई तय करते ही जनता ने करतल ध्वनि के साथ मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

बीकानेर, मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा है कि सूरसागर झील के सौन्दर्य एवं इस क्षेत्र के षुद्ध पर्यावरण के लिए जरूरी है कि इसमे गंदा पानी नहीं छोडे। 
राजे ने गुरूवार को बीकानेर की ऐतिहासिक सूरसागर झील  के ६ करोड की लागत से हुए जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यकरण कार्य के लोकार्पण  के बाद जनता की ओर मुखातिब होकर यह बात कही। उन्होंने हजारों की जनता के बीच सूरसागर को हर नजरिये से देखा और  अधिकारियों से कहा कि इसके किनारे कॉफी हाउस ऐसी जगह बनना चाहिए, जिससे षैलानी जूनागढ के सौन्दर्य को निहार सके। उन्होंने सूर सागर में पहुंच रहे पानी और उसकी निकासी की अधिकारियों से जानकारी ली। सूरसागर का उद्घाटन होने के साथ ही उसके मध्य स्थापित रगीन फव्वारें से जल की धारा ने ऊंचाई तय करते ही जनता ने करतल  ध्वनि के साथ मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।
 मुख्यमंत्री ने सूरसागर के किनारे चलकर जनता से मिलकर कहा कि अगर इसमें गंदगी छोडी गई तो फाईन लगया जायेगा। उन्होंने सूरसागर के कौने पर बने घाट पर नारियल बधारा और वहां खडे होकर अधिकारियों को दिषा-निर्देष दिये और कहा कि नगर विकास न्यास को पाबन्द किया जाये कि इसकी सीढयों पर गंदगी न हो सके। मुख्यमंत्री ने सूरसागर की सीढयों से उतरकर कुछ देर के लिए  घाट पर भी बैठी।
 मुख्यमंत्री के यहां पहुंचते ही हजारों की संख्या में एकत्रित भीड ने उनका गर्मजोषी के साथ  अभिवादन  किया और मानों वे कह रहे थे कि उनके प्रयास से ही उन्हें गंदगीभरे माहौल से छुटकारा मिला है। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच पहुंची कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। 
  इस अवसर पर आबकारी एवं पर्यटन मंत्री देवी सिंह भाटी,राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष मानिक चन्द सुराना, राज्य जन अभाव अभियोग निराकरण के अध्यक्ष एस.एन.गुप्ता, आर.यू.आई डी.पी के निदेषक करणी सिंह राठौड सहित प्रषासन एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

Sursagar Lake - Jheel   Sursagar