Wednesday, 18 October 2017

हॉलीवुड फिल्म: स्टार डस्ट

ब्रिटेन का विकसित वर्तमान और इतिहास कितना भी चौंकाने वाला हो पर आज भी उसके साथ ऐसे कितने ही ऐसे मिथक भी जुडे हैं जो न केवल हमे डरा सकते हैं

दो टूक: ब्रिटेन का विकसित वर्तमान और इतिहास कितना भी चौंकाने वाला हो पर आज भी उसके साथ ऐसे कितने ही ऐसे मिथक भी जुडे हैं जो न केवल हमे डरा सकते हैं बल्कि एक ऐसी दुनिया में भी ले जा सकते हैं जो रहस्यों से भरी है।
कहानी: फिल्म की कहानी ब्रिटेन के करीब चार सौ साल पहले के एक ऐसे काल्पनिक कस्बे की है जिसकी चारदीवारी से बाहर जाना मना है लेकिन एक दिन जब एक युवक डंस्टन थ्रोव .?नैथलिन पार्कर ) मना करने के बावजूद उसके पार चला जाता है तो न केवल उस कस्बे का भाग्य पलट जाता है बल्कि वहाँ रहने वाले लोगों के लिए भी एक नयी दुनिया के रास्ते तो खुल जाते हैं मगर वे रास्ते जिन खतरों और रहस्यों और राजा के साथ प्रजा के रिश्तों की भी जिस नयी परिभाशा और खुलासों से जुडे हैं वही इस फिल्म के एक बेहतर फिल्म होने की प्रमाणिकता भी है। डंस्टन की मुलाकात दीवार के बाहर एक युवती उना (केट मेगोनिन से होती है। दोनों में प्रेम होता हैं और कुछ महिनों बाद जब उना वापस लौटती है तो उसकी गोद में एक बच्चा ट्रिस्टन (चार्ली कॉक्स) होता है और यही वह बच्चा है जो बडा होकर न केवल दीवार के भीतर रह रही विक्टोरिया (सिएना मिलर) से प्रेम करता है बल्कि एक पूर्व समुद्री लुटेरे कैप्टेन शेक्सपीयर (रॉबर्ट डी नीरो) की मदद से दीवार के भीतर रह रहे लोगों की नयी दुनिया का प्रतीक भी बनता है। पूरी फिल्म कल्पनाओं के एक ऐसे फंतासी युग की कहानी है जो बच्चों को ही नहीं बल्कि बड़ों के लिए भी रोमांच और सिहरन का पर्याय साबित हो सकती है।
अभिनय निर्देशन: दरअसल यह परीकथा जैसी फिल्म है और दुनिया भर में प्रदर्शन के बाद से हीचर्चा में रही है। इसकी वजह है कि यह काल्पनिक ही सही पर ब्रिटेन के ऐसे रहस्यमय मिथक को टटोलने का प्रयास भी करती है जो उसके विरासती राज से भी जुड़ा है साथ ही इसकी कहानी को एक नया अंदाज दिया गया है। इससे पहले भी सिंडे्रला सरीखी जो फिल्में बनी है उनमें पात्रों की अधिकता के चलते यह तय कर पाना खासा मुश्किल रहा है कि किस पात्र और चरित्र की चर्चा की जाए ताकि फिल्म में काम करने वाले सितारों की अभिनय प्रतिभा का मूल्याकंन किया जा सके पर यह फिल्म इस मामले में थोडी सी अलग है और अपने पात्रों की अधिकता के बावजूद वह रॉबर्ट डी नीरो की संक्षिप्त भूमिका के अलावा चार्ली कॉक्स के अभिनय की वजह से सिएना मिलर ओर क्लेयर डेंस के पात्र भी महत्वपूर्ण बन गए हैं। जहाँ तक फिल्म के काल समय और परिदृश्य की बात है तो इसके सेट्स और कलात्मकता की भव्यता चकित करने वाली है। गहरे हरे और लाल रंगो के अलावा भूरे रंग के परिदृश्य वाली यह फिल्म जरूर देखें।