Sunday, 15 December 2019
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सामाजिक समरसता बढाने एवं नैतिक पतन रोकने में पत्राकार अहम भूमिका निभायें - संसदीय सचिव और प्रभारी सूचना एवं जनसम्पर्क

पांच पत्राकार राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित

जयपुर, १६ नवम्बर। संसदीय सचिव और सूचना एवं जनसम्फ विभाग के प्रभारी श्री भवानी सिंह राजावत ने मीडिया का आह्वान किया है कि सामाजिक समरसता बढाने एवं नैतिक पतन को रोकने में अपनी अहम् भूमिका निभायें। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रा आज जनजीवन का प्रमुख अंग बन गया है, ऐसे में पत्राकार समाज हित को सर्वोपरि मानकर दायित्व निर्वहन करते हुए समाज को दिशा दें।
श्री राजावत गुरूवार को यहां पिंकसिटी प्रेस क्लब में सूचना एवं जनसम्फ विभाग की ओर से आयोजित समारोह में राज्य सरकार की ओर से स्थापित किये गये नंदकिशोर पारीक पत्राकारिता एवं जनसम्फ, पन्नाधाय पत्राकारिता, बिशन सिंह शेखावत ग्रामीण पत्राकारिता एवं फोटो पत्राकारिता पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे।
समारोह में दैनिक महानगर टाइम्स, जयपुर के संपादक श्री गोपाल शर्मा को नंद किशोर पारीक पत्राकारिता पुरस्कार, राज्य संदर्भ केन्द्र, राष्ट्रीय साक्षरता मिशन, जयपुर के कार्यक्रम अधिकारी (प्रचार, प्रसार एवं जनसम्फ) श्री वीरेश दत्त माथुर को नंदकिशोर पारीक जनसम्फ पुरस्कार, दैनिक भास्कर की सुश्री लता खंडेलवाल को महिला मीडियाकर्मी के रूप में पन्नाधाय पत्राकारिता पुरस्कार, ग्राम राजियासर तहसील सूरतगढ जिला श्रीगंगानगर के दैनिक भास्कर के संवाददाता श्री नानूराम तिवाडी को बिशन सिंह शेखावत ग्रामीण पत्राकारिता एवं राजस्थान पत्रिाका के प्रेस फोटोग्राफर श्री अजय सोलोमन को बिशन सिंह शेखावत फोटो पत्राकारिता पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सभी पत्राकारों को इक्कीस-इक्कीस हजार रुपये नकद, प्रशस्ति पत्रा, शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित समारोह में पत्राकारों को सम्मानित करने के लिए सूचना एवं जनसंफ विभाग को बधाई देते हुए श्री राजावत ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान होना एक शुभ कार्य है। उन्होंने सम्मानित पत्राकारों को अपनी ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने राज्य स्तर पर एक शीर्ष पुरस्कार शुरू करने, व्यंग्यकारों एवं कार्टूनिस्टों को शामिल करने तथा पुरस्कार राशि बढाने पर सहमति व्यक्त करते हुए बताया कि राज्य सरकार इस बारे में आये सुझावों पर विचार करेगी।
उन्होंने मीडिया में तेजी से आये बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्द्धा के दौर में पत्राकारों के लिए कर्तव्य की कसौटी पर खरा उतरना निश्चय ही चुनौती भरा कार्य है, लेकिन आत्म चिंतन से हम अपने दायित्वों के प्रति अधिक सजग होकर समाज की सेवा कर सकते हैं। श्री राजावत ने कहा कि पत्राकारिता के क्षेत्रा में
विकृति आई है और मिशन भाव दूर हुआ है, ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी भूमिका का पुनर्निर्धारण करें। उन्होंने कहा कि पत्राकारिता आज लोकतंत्रा के प्रमुख स्तम्भ के रूप में उभर रहा है और समाज उसे आशा भरी नजरों से देख रहा है। संसदीय सचिव ने कहा कि पत्राकार सकारात्मक सोच और यथार्थ के धरातल पर व्यवस्था में सुधार का अवसर देने में सार्थक भूमिका निभा सकते हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ पत्राकार श्री महेश श्रीवास्तव ने पत्राकारिता के क्षेत्रा में आए तेजी से बदलाव पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी के बाद जहां मिशन भाव था वहां आज बाजारवाद का प्रभाव बढने लगा है। संपादक जैसे संस्थान का स्थान सीमित हो गया है, वहीं कामना एवं कमनीयता का विस्तार हमें यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि कहीं हम मूल्यों एवं मर्यादाओं का तो उल्लंघन नहीं कर रहे हैं।
श्रीवास्तव ने कहा कि मीडिया आज सर्वव्यापी हो गया है, उसने संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था यहां तक की जीवन शैली को भी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि चिंता यह हो रही है कि मीडिया सर्वव्यापी बनने के साथ कहीं सर्वग्रासी नहीं बन जाये। उन्होंने कहा कि पूंजी के प्रवेश ने पत्राकारों की चिंतनशीलता, पुरूषार्थ एवं वीरता को प्रभावित किया है, ऐसे में जरूरी है कि हम यह संकल्प लें कि पत्राकारिता की पवित्राता पर आंच नहीं आने देंगे।
उन्होंने कहा कि पत्राकारिता के क्षेत्रा में चुनौतियां बहुत हैं। यह विचार आवश्यक है कि भावों एवं विचारों क प्रकट करने में तो हम असमर्थ नहीं हैं। हमें यह सोचना होगा कि हम कहां हैं। श्री श्रीवास्तव ने राज्य सरकार की ओर से शुरू किये गये सम्मान समारोह को अच्छी शुरूआत बताते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अनुभव यह बताता है कि राजस्थान में पत्राकारिता का स्तर ऊंचा है। उन्होंने सम्मानित पत्राकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ मीडियाकर्मी श्री प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि मीडिया के विस्तार के साथ हमारे सामने अनेक चुनौतियां खडी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पत्राकारिता का स्वरूप भी बदला है। श्री सिंह ने हरियाणा के एक गांव में खड्डे में गिरे बालक प्रिंस का जिक्र करते हुए कहा कि मीडिया के कारण ही उस घटना का अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारण हो सका और लोगों का ध्यान खींच पाये। उन्होंने बताया कि इस घटना में प्रशासन को जागरूक एवं संवेदनशील बनाने में मीडिया सहायक बन सका।
प्रमुख शासन सचिव, सूचना एवं जनसंफ श्री वी.एस. सिंह ने प्रशासन एवं पत्राकारों के बीच सम्बन्धों का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान में जो आपसी विश्वास है वह धरोहर के रूप में है। उन्होंने वरिष्ठ पत्राकारों के अनुभवों के आधार पर पुरस्कार समारोह को विस्तृत स्वरूप देने की जरूरत बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस सोच को आगे बढाने का प्रयास करेगी।
स्वागत भाषण में सूचना एवं जनसम्फ निदेशक डॉ. अमर सिंह राठौड ने कहा कि मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे की घोषणा के अनुरूप बिशनसिंह शेखावत के नाम से दो पुरस्कार शुरू किये गये हैं। उन्होंने बताया कि पुरस्कारों के चयन में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनी रहे इसके लिए निश्चित प्रक्रिया एवं मानदंड बनाये गये हैं तथा वरिष्ठ पत्राकारों के निर्णायक मंडल में राज्य सरकार की किसी प्रकार की दखल नहीं रखी गई है।
उन्होंने कहा कि राशि से आंकलन नहीं कर व्यक्ति के कृतित्व के आधार पर पुरस्कार देने का प्रयास किया गया है ताकि प्रतिष्ठा एवं निष्पक्षता बनी रहे और योग्यतम व्यक्ति ही चयनित हो। डॉ. राठौड ने कहा कि निर्णायक के सामने व्यक्तित्व, व्यक्ति अथवा संस्थान का विचार नहीं होता केवल कृतित्व पर ही विचार कर चयन किया जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित समारोह में सम्मानित पत्राकारों को विभाग की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
दैनिक महानगर टाइम्स के संपादक एवं नंद किशोर पारीक पत्राकारिता पुरस्कार से सम्मानित श्री गोपाल शर्मा तथा बिशनसिंह शेखावत फोटो पत्राकारिता पुरस्कार विजेता श्री अजय सोलोमन ने पत्राकारिता जीवन के अनुभव सुनाते हुए बताया कि इस मार्ग में अनेक चुनौतियां एवं संकट हैं। उन्होंने स्व. नंद किशोर पारीक एवं स्व. बिशन सिंह शेखावत के पत्राकारिता क्षेत्रा में दिये गये योगदान का स्मरण किया।
इससे पहले डॉ. अमर सिंह राठौड ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। प्रेस सलाहकार श्री ब्रजेश शर्मा, प्रेस अटैची श्री महेन्द्र भारद्वाज, संयुक्त निदेशक श्री गोपाल शर्मा, उपनिदेशक जनसंफ सर्वश्री डॉ. देवदत्त शर्मा एवं फारूक आफरीदी ने अतिथियों को शॉल ओढाया तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किये। धन्यवाद अतिरिक्त निदेशक जनसम्फ श्री राम अवतार बुनकर ने दिया। कार्यक्रम का संचालन सूचना एवं जनसम्फ अधिकारी श्री प्रभात गोस्वामी ने किया।
इस अवसर पर स्व. नंदकिशोर पारीक एवं स्व. बिशन सिंह शेखावत के परिवार जन, पत्राकार, लेखक एवं गणमान्य नागरिक बडी संख्या में उपस्थित थे।

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