Thursday, 14 December 2017

58.12 बीघा भूमि राजकीय भूमि घोषित की गई

अवैध खनन के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत खाजूवाला भूमि को राजकीय भूमि घोषित

बीकानेर, अवैध खनन के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत खाजूवाला की लगभग 58.12 बीघा भूमि को राजकीय भूमि घोषित करते हुए खातेदारों की खातेदारी निरस्त की गई है।  उपखण्ड अधिकारी मदन लाल सियाग ने बताया कि भूमिधारी तहसीलदार राजस्व खाजूवाला द्वारा कईं वाद धारा 175, 177 आरटीए के अंतर्गत पेश किए थे। जिनमें से कुछ वादों को सहायक कलक्टर एवं आवंटन अधिकारी न्यायालय खाजूवाला द्वारा धारा 175, 177 आरटीए तथा सहपठित धारा राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 की धरा 177 और उपनिवेशन अधिनियम 1954 की धारा 11 व 14, उपनिवेशन अधिनियम 1954 के अ्रंतर्गत निर्मित शर्तें 1955 की शर्त संख्या 7,20, 23 और सिविल प्रक्रिया की संहिता की धारा 151 की शक्तियों के अनुसरण में तहसील खाजूवाला की लगभग लगभग 58.12 बीघा कमाण्ड अथवा अनकमांड भूमि को राजकीय भूमि घोषित करते हुए खातेदारों की खातेदारी निरस्त की गई है, जिन्होंने अपनी आंवटनशुदा अथवा खातेदार शुदा भूमि पर अवैध रूप से जिप्सम निकाला है। खातेदारी निरस्त होने वाली भूमि जिप्सम क्षेत्रा के चक 10 डीडब्ल्यूडी, 40 केजेडी ए, 15 केएचएम के अंतर्गत आती है। यह कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा अवैध खनन के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत की गई हे। उल्लेखनीय है कि सहायक कलक्टर एवं आवंटन अधिकारी खाजूवाला द्वारा 14 फरवरी 2014 को दस प्रकरणों में 207.18 बीघा भूमि का आवंटन खारिज किया गया था।