Thursday, 14 December 2017

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को चंबल नदी पर पुल बनाने की मंजूरी प्रदान की

राष्ट्रीय राजमार्ग-एक पर चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य क्षेत्रा में आने वाले बूंदी जिले के मखीड़ा गांव के निकट चंबल नदी पर पुल बनाने की इजाजत

 नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार द्वारा दायर की गई एक सिविल याचिका को मंजूर करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-एक पर चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य क्षेत्रा में आने वाले बूंदी जिले के मखीड़ा गांव के निकट चंबल नदी पर पुल बनाने की इजाजत दी है।

 
यह पुल बनने से बूंदी-कोटा और झालावाड़ क्षेत्रा के लोगों को सुगम यातायात से काफी राहत मिलेगी। राज्य सरकार ने इस पुल के निर्माण के लिए राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से पूर्व में ही मंजूरी प्राप्त कर ली थी।
 
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिपति बी सुदर्शन रेड्डी, एसएस नीनजार एवं आरएम लोढ़ा की खंडपीठ ने याचिका की सुनवाई करने के बाद यह स्वीकृति दी। राजस्थान सरकार की ओर से इस मामले में अतिरिक्त महाधिवक्ता डॉं. मनीष सिंघवी ने पैरवी की।
 
सड़क निर्माण की मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने बाड़मेर जिले के डेजर्ट नेशनल पार्क के दक्षिणी भाग में प्रधानमंत्र  ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली एक सड़क का निर्माण की स्वीकृति भी दी है। राज्य सरकार ने इसके लिए भी राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से पूर्व स्वीकृति ली थी और सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेश कर सड़क निर्माण की इजाजत देने का अनुरोध किया था।
 
उच्चतम न्यायालय न्यायाधिपति बी.सुदर्शन रेड्डी, एस.एस.नीनजार एवं आर.एम.लोढ़ा की खंडपीठ ने इस मामलें की सुनवाई कर राज्य सरकार को वांछित सड़क निर्माण की मंजूरी प्रदान की है। इससे ‘समद का पार’ गांव और क्षेत्रवासियों को निकटवर्ती पंचायत मुख्यालय, गदरा रोड स्थित रेलवे स्टेशन बिजवाल मार्केट सेंटर, सब तहसील, हॉस्पीटल, सीनियर हॉयर सेकण्डरी स्कूल आदि तक आने जाने में काफी राहत मिल सकेगी। इस मामले में भी राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता डॉं. मनीष सिंघवी ने पैरवी की थी।

Chambal River   Supreme Court   Advocate Manish Singhavi