Wednesday, 13 December 2017

वकीलों ने किया न्यायिक कार्यों का बहिष्कार

हायर एज्यूकेशन एवं रिसर्च बिल-2011 का किया विरोध

बीकानेर, राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत बीकानेर बार एसोसियेशन से समबद्ध वकीलों ने केन्द्र सरकार के हायर एज्यूकेशन एवं रिसर्च बिल-2011 के विरोध में न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। बार एसोयिशन के अध्यक्ष सुरेन्द्रपाल शर्मा के नेतृत्व मे वकीलो ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन मे बताया कि भारत सरकार द्वारा हायर एज्यूकेशन एवं रिसर्च बिल-2011 अपने मंत्रीमण्डल के द्वारा स्वीकृति करवाया गया है। जिसमे बार कौसिल ऑफ इण्डिया व अन्य प्रदेशो की बार कौंसिल से कोई भी राय-मशविरा नही किया गया है। ज्ञापन में बताया कि इस बिल के पास होने से वकीलों की लोकतांत्रिक तरीको से चुनी गई संवैधानिक संस्थाओ की महत्ता व उनके कार्य-कलाप पर विपरित असर पडेगा। ज्ञापन में राष्ट्रपति से इस हायर एज्यूकेशन एवं रिसर्च बिल-2011 को वापस लेने के निर्देश भारत सरकार को देने की मांग की गई। बार एसोसियेशन बीकानेर के अध्यक्ष सुरेन्द्रपाल शर्मा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा इस बिल को एक तरफा तैयार किया गया है। जिससे सरकार की मंशा प्रतीत होती है। कि वह चुनी हुई संवैधानिक संस्थाओ के अधिकारो पर कटौती करने जा रही है। यह बिल लोकतात्रिक अधिकारों पर कुठाराघात है। भारत सरकार के निर्णय के विरोध में बीकानेर के वकील हडताल पर है व न्यायिक कार्यो का बहिष्कार किया है। उन्होने कहा कि भारत के वकील इस बिल को सहन नही करेंगे व विरोध किया जाएगा।

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