Thursday, 23 November 2017
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सहित्य समाज को संस्कारित करता है: आचार्य

कहानी संग्रह कथारंग पर पाठकीय चर्चा का आयोजन

बीकानेर। नवयुवक कला मण्डल और सूर्य प्रकाशन मन्दिर के संयुक्त तत्वावधान में चल रही पाठक पीठ 2015 की आठवी कडी में रविवार को धरणीधर रंगमंच पर हरीश बी. शर्मा द्धारा सम्पादित 75 कहानीकारों के कहानी संग्रह कथारंग पर पाठकीय चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुवे सामाजिक कार्यकर्ता रामकिशन आचार्य ने कहा कि सहित्य समाज को संस्कारित करने का महत्ती कार्य करता है तथा बीकानेर इस क्षेत्र में सदेव अग्रणी रहा है। उन्होने कथा रंग के प्रयास को साहित्य में मील का पत्थर बताया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कथाकार एव वरिष्ठ रगकर्मी मधु आचार्य आशावादी ने कहा कि कहानी में विचार तत्व एक महत्वपूर्ण घटक है जो कथा को पाठकों के अन्तर्मन तक ले जाता है। उन्होंने कथारग की कहानियों को समकालीन हिन्दी कहानियों की श्रेष्ठ कहानियों में बताया। सम्पादक हरीश बी. शर्मा ने कहा कि कथारंग की सफलता का श्रेय कहानीकारों की सकारात्मक सोच को है जो इस कहानी संग्रह को महत्वपूर्ण बनाने में मददगार रही।
इससे पूर्व संग्रह की 75 कहानियों पर पांच आलोचकों ने अपनी मुख्य पाठकीय टिप्पणी की। वरिष्ठ आलोचक ब्रजरतन जोशी ने संग्रह की कहानियों को तत्व, शिल्प ओर दृष्टि के स्तर पर परिपक्व कहानिया बताते हुवे कहा कि ये कहानियों साहित्य की समृद्ध पर परा का निर्वाह करती नजर आती है। आलोचक मूलचन्द बोहरा ने कहा कि कथारंग की कहानियां जीवन के यथार्थ की पड़ताल करती नजर आती है और वे आधुनिक जीवन की त्रासदी को पूरी तीव्रता के साथ प्रस्तुत करती है। आलोचक अविनाश जोधा ने कहा कि कथारंग की कहानियां पाठक के अन्र्तमन को झकझोरती है। उन्होंने कहा कि ये कहानिया अतिरेक से बचती हुई मूल्यों की स्थापना के लिये प्रतिबद्ध नजर आती है। आलोचक डॉ. मोहमद हुसैन ने कहा कि कथारंग की कहानियों आधुनिक समाज में हो रहे गलत की ओर संकेत करती है तथा उस गलत के प्रतिकार के लिये भी पाठक को प्रेरित करती है। वरिष्ठ आलोचक भवानीशंकर व्यास विनोद ने कहा कि ये कहानियां नि न वर्ग, दलित वर्ग और स्त्री विमर्श के जीवन्त दस्तावेज है। उन्होने इन कहानियों के मार्मिक तत्वों का भी उल्लेख किया। कथारंग का परिचय युवा रंगकर्मी जयकिशन केशवानी ने दिया।
इससे पूर्व सूर्यप्रकाशन मन्दिर के प्रशांत बिस्सा तथा धरणीधर रंगमंच के आनंद जोशी ने  आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुवे बीकानेर की साहित्य पर परा का उल्लेख किया। आभार रमेश भोजक समीर ने ज्ञापित किया।
 
अतिथियों का सम्मान
इस अवसर पर हरीश बी शर्मा, चित्रकार धर्मा सहित अतिथियों का स मान शशि शर्मा, कमल रंगा, असित गोस्वामी, इन्द्र कुमार जोशी, आर.के.सुतार, नवल किशोर व्यास, राजाराम स्वर्णकार आदि ने किया।
 
अगली पाठक पीठ डॉ. मेधना शर्मा के काव्य संग्रह पर
कार्यक्रम का संचालन करते हुवे रंगकर्मी सुरेश हिन्दुस्तानी ने बताया कि पाठक पीठ की नवीं कडी में डॉ. मेधना शर्मा के कविता संग्रह मां होती हूं जब पर पाठकीय चर्चा का आयोजन किया जायेगा।
 
इनकी भी रही उपस्थिति
महादेव बालानी, कवियत्रि मोनिका गोड, सीमा भाटी, चित्रकार मुरली मनोह माथुर वत्सला पान्डे, राजेन्द्र जोशी, बुलाकी शर्मा सहित बडी सं या में साहत्यकार उपस्थित थे।

हरीश बी. शर्मा का सम्मान
Harish B Sharma - Katharang
बीकानेर। शब्दरंग साहित्य एवं कला संस्थान द्वारा युवा पत्रकार एवं साहित्यकार हरीश बी. शर्मा के 43वें जन्मदिवस पर रविवार को सम्मान किया गया। धरणीधर महादेव मंदिर में 'कथारंग समीक्षा कार्यक्रम में मु य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी एवं पत्रकार मधु आचार्य आशावादी, कार्यक्रम अध्यक्ष रामकिशन आचार्य के सान्निध्य में हुए स मान में वरिष्ठ साहित्यकार भवानी शंकर व्यास विनोद एवं वरिष्ठ चित्रकार मुरली मनोहर के. माथुर ने हरीश को शॉल ओढाकर सम्मान पत्र भेंट किया। संस्थान के संयोजक अशफाक कादरी, सचिव राजाराम स्वर्णकार ने हरीश को स मान पट्ट पहनाया। श्री संगीत भारती के निदेशक डॉ. मुरारी शर्मा, वरिष्ठ रंगकर्मी बी एल नवीन, मुंबई के फिल्मकार मंजूर अली चंदवानी, कवि बाबूलाल छंगाणी ने हरीश को माल्यार्पण कर हरीश की साहित्य साधना की सराहना की। 

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