Monday, 23 October 2017

सृजना का मूल्याकंन कार्यक्रम में हुए पत्रवाचन

कवि नाटककार, आलोचक व विचारक डॉ नद किशोर आचार्य की समग्र सृजना पर केन्द्रीय दृष्टि पर्व पांच सृजना का मूल्यांकन कार्यक्रम के दूसरे दिन डॉ आचार्य की सृजना पर आलोचना और विचार तथा रंग का ढंग सत्रों में पत्रवाचन हुए

बीकानेर, कवि नाटककार, आलोचक व विचारक डॉ नद किशोर आचार्य की समग्र सृजना पर केन्द्रीय दृष्टि पर्व पांच सृजना का मूल्यांकन कार्यक्रम के दूसरे दिन डॉ आचार्य की सृजना पर आलोचना और विचार तथा रंग का ढंग सत्रों में पत्रवाचन हुए। अध्यक्षीस अतिथियों ने डॉ आचार्य की सृजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी सृजन विस्तृत है। उन्होने सृजन में हर विद्या के अर्न्तगत स्वर्णिम कार्या कर विहंगम सोच को अपने शब्दो के माध्यम से हमारे सामने रखा है। डॉ आचार्य ने अपने सृजन में किसी व्यक्ति आदि वाद को सामने रखकर सृजन न करते हुए साहित्य का सृजन साहित्यवाद के अनुसार ही किया है। कार्यक्रम में रंग का ढंग में पत्रवाचन देवेन्द्र राज ने किया। अध्यक्षीय मण्डल में पीआर जोशी व कैलाश भारद्वाज थे। आलोचना और विचार सत्र में अध्यक्षीय मण्डल में शीन काफ निजाम व डॉ श्रीलाल मोहता थे। संचालन मालचंद तिवाडी व अविनाश व्यास ने किया। 

Dr Shree Lal Mohata   Nand Kishore Acharya   Sheen Kaf Nizam