Friday, 18 January 2019
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रचना समाज को साधने का उपक्रमः भारद्वाज

मधु आचार्य आशावादी की चार पुस्तकों का लोकार्पण

बीकानेर, रचना अपने आप को जांचने का एक उपक्रम है जो शब्दों के आलोक में अपने साथ साथ समाज को भी साधता है। यह कहना था वरिष्ठ आलोचक नंद भारद्धाज का। वे धरणीधर रंगमंच पर नट साहित्य संस्कृति संस्थान की ओर से वरिष्ठ कवि कथाकार मधु आचार्य की चार कृतियों उपन्यास अपने हिस्से का रिश्ता, कहानी संग्रह अनछुआ अहसास, कविता संग्रह देह नही जिंदगी और बाल उपन्यास अपना होता सपना के लोकापर्ण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होने कहा कि एक रचनाकार के लिये यह आवश्यक है कि वह स्वंय से निरंतर प्रश्न करता रहे तथा उसके जिम्मेदार उत्तर को तलाशने का उपक्रम भी करता रहे।

कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि व्यंगकार फारूक आफरीदी ने कहा कि मधु आचार्य का रचना संसार सामाजिक विसंगतियों एव विदू्रपताओं पर व्यंग्य करता हुआ आधुनिक युग के साथ साथ परम्पराओं को भी सामने रखता है। प्रकाशित तीन कृतियों पर पत्र वाचन करते हुवे आलोचक डा. नीरज दैया ने कहा कि मधु आचार्य का रचना संसार प्रेम तथा संघर्ष की विभिन्न मन स्थितियां पाठकों के समक्ष रख्ता है। उन्होने कहा कि प्रकाशित कृतियों में पात्र विभिन्न जीवन के विभिन्न सोपानों के घटित होनें को सार्थक करते हुवे मानवता का संदेश देतें है। कविता संग्रह पर पाठकीय टिप्पणी रखते हुवे रंगकर्मी कवि सुरेश हिन्दुस्तानी ने कहा कि कविताओं के शब्द न तो भ्रामक हैं और न ही अतिरेक । उन्होने कहा कि संग्रह की कवितायें हमारी उस सामाजिक चेतना का अंग हैं जंहा मानव का मानव होना पहली शर्त है।

लेखकीय वक्तव्य में मधु आचार्य ने कहा कि निरंतन लिखना उनका कर्म है तथा मूल्यांकन का दायित्व वे पाठकों एवं आलोचकों पर रख देते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुवे समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच रामकिशन आचार्य ने नगर में साहित्य निर्माण के लिये धरणीधर में एक पुस्तकालय के निर्माण की घोषणा की ।

अतिथयों का स्वागत सूर्य प्रकाशन मंदिर के प्रशांत बिस्सा ने किया तथा आभार अनुराग हर्ष ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन हरीश बी.शर्मा ने किया। इस अवसर पर मधुरिमा पत्रिका का भी विमोचन किया गया। 

कार्यक्रम में सखा संगम,शिक्षक संघ शेखावत, शिक्षक संध लोकत्रांतिक,सखा संगम द्धारा मधु आचार्य का सम्मान किया गया। बाल कलाकार इमरोज नदीम ने मधु आचार्य का स्केच उन्हें भेंट किया।
कार्यक्रम में डा. नंद किशोर आचार्य, मालचंद तिवाडी, डा. मेधना शर्मा, सीमा भाटी, संजय आचार्य वरूण, बुलाकी शर्मा, राजेन्द्र जोशी, आनंद वी आचार्य सहित बडी संख्या में रचनाकार उपस्थित थे।
 

Dr Nand Bhardwaj, Faruq Afirdi, Madhu Acharya, Dr Nand Kishore Acharya, Malchand Tiwari,

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