Tuesday, 12 December 2017

शिवराज छंगाणी का हुआ सम्मान

51000 नकद शाॅल साफा व श्रीफल देकर किया सम्मानित

शिवराज छंगाणी का हुआ सम्मान

बीकानेर, बीकानेर शहर के वरिष्ठ नागरिकों एवं सुधीजनों द्वारा आज नत्थूसर गेट के बाहर स्थित मारूति व्यायामशाला में राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार एवं पुष्करणा स्कूल के पूर्व प्राचार्य  शिवराज छंगाणी को 51000 रूपये नकद, शाॅल, साफा, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण रंगा ने शिवराज छंगाणी के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। रंगा ने कहा कि छंगाणी एक सज्जन एवं बुद्धिसम्मपन्न सामाजिक व्यक्ति और साहित्यकार है। रंगा ने याद कि किस तरह प्रकृति की गोद में बैठकर अपने भावों के साथ शिवराज छंगाणी अपनी रचनाएं रचते हैं जिनमें वास्तविकता बोलती है।

इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार भवानीशंकर व्यास विनोद ने कहा कि शिवराज छंगाणी की रचनाएं अपने आप में मिसाल है और ज्ञान का भण्डार है। भवानीशंकर व्यास ने शिवराज छंगाणी की लिखी रचनाओं को समाज की धरोहर बताया और कहा कि छंगाणी जी जैसा व्यक्तित्व इस शहर में बार बार नहीं आता। व्यास ने राजस्थानी साहित्य में शिवराज छंगाणी के दिए योगदान को अतुलनीय बताते हुए कहा कि जब भी मायड़ भाषा की बात आएगी तो शिवराज छंगाणी का नाम श्रद्धा से लिया जाएगा। व्यास ने कहा कि छंगाणी के साहित्य में आसपास के व्यक्तित्व बोलते है और उनका साहित्य जनता से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम में शिवराज छंगाणी के बारे में विस्तार से बताते हुए श्याम नारायण रंगा ने कहा कि शिवराज छंगाणी का जन्म पुष्करणा ब्राह्मण परिवार में एडवोकेट  ग्वालदास छंगाणी के घर में 21 नवम्बर 1938 को बीकानेर में हुआ। आप राजस्थानी साहित्य के प्रसिद्ध हस्ताक्षर है। शिवराज छंगाणी का नाम राजस्थानी साहित्य में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आपने एम.ए., बी.एड तक की शिक्षा प्राप्त की है। जीण विध राखै राम, उणियारा, मिनखां री मायां और उजला आखर सहित ले संभाल थारो कवि करम आपकी प्रमुख कृतियां है। आपको अपनी कृति इक्क्ड़ बिक्कड के लिए राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा प्रसिद्ध सूर्यमल्ल मिश्रण शिखर पुरूस्कार भी प्राप्त हो चुका है। आपनने कविताओं के साथ साथ कहानियां, संस्करण और गजलें भी लिखी है। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जनार्दन कल्ला ने सभी आगुंतकों का आभार और धन्यवाद ज्ञापित किया। सम्मान समारोह का संचालन मालचंद तिवाड़ी ने किया। 
इससे पूर्व शिवराज छंगाणी को भवानीशंकर व्यास विनोद ने माल्यार्पण किया, लक्ष्मीनारायण रंगा ने शाॅल ओढ़ाया और जनार्दन कल्ला ने 51000 रूपये नकद भेंट करके सम्मानित किया। इस अवसर पर पत्रकार आनंद आचार्य, अंतर्राष्ट्रीय पहलवान नृसिंह लाल किराड़ू, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जुगल किशोर आचार्य, चिंरजी गुरू श्रीमाली, मौहम्मद हारून, इंटक नेता रमेश व्यास, जानकी नारायण श्रीमाली, विशन मतवाला, समाजसेवी मूलचंद रंगा, पूनम व्यास, राष्ट्रीय फुटबाॅल खिलाड़ी संतोष रंगा, कर्मचारी नेता शिवजी व्यास, पहलवान नू महाराज छंगाणी, पहलवान भोजराज पुरोहित, डाॅ दाऊलाल हर्ष, एडवोकेट राजेन्द्र बिस्सा, रामस्वरूप सोनी, समाजसेवी भंवरलाल पुरोहित, श्याम नारायण रंगा सहित बीकानेर शहर के कईं गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां उपस्थित थी।

Shivraj Chhangani   Janardan Kalla   Rajasthani Sahitya   Cash Prize Award