Monday, 23 October 2017

डॉक्टर रहे सामुहिक अवकाश पर

अवकाश निरस्त कारवाई होगी | डॉक्टरों ने मुठ्ठियाँ तानी

बीकानेर, पीबीएम अस्पताल को छोडकर जिले के सभी सरकारी चिकित्सक गुरूवार को सामुहिक अवकाश पर रहें। समयबद्व पदोन्नति, एनपीए देने, वेतनमान बढानें आदि मांगो को लेकर डॉक्टरों के  चरणबद्व आंदोलन के क्रम में सामुहिक अवकाश पर रहने से चिकित्सा एंव स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव दिखाई दिया। जिला अस्पताल सहित शहरी क्षेत्र की समस्त डिस्पेंसरियों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर हालंकि पीबीएम के चिकित्सक, इंटर्न व आयुष चिकित्सकों को तौनात किया मगर आऊटडोर में मरीजों की लम्बी कतारे लगी। वैकल्पिक व्यवस्थाओंे के अर्न्तगत सभी अस्पतालों एंव डिस्पेसरियों में मरीजों की सामान्य जांच एंव उपचार ही किया गया। आवश्यक होने पर पीबीएम रैफर किया गया। हालांकि चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग से संबधित चिकित्या अधिकारीयों ने सभी व्यवस्थाओं के चुस्त-दुरस्त होने के दावे किये मगर शहरी क्षेत्रों की डिस्पेंसरियों में अव्यवस्थाऐं भी देखने को मिली। मरीजों ने आयुष चिकित्सको से अपना ईलाज करवाने में थोडी हिचक दिखाई जिसके कारण मरीज निजी अस्पताल की और जाते दिखे। डिस्पेंसरियों में आऊटडोर प्रतिदिन की अपेक्षा काफी कम रहा हमेशा चहल-पहल सी दिखने वाली सिटी डिस्पेंसरी नः 1 अणचा बाई, सिटी डिस्पेंसरी नः 6 नत्थुसर गेट के बाहर, गंगाशहर डिस्पेंसरी आदि में मरीजों की संख्या कम रही।


डॉक्टरों ने मुठ्ठियाँ तानी 
एक और जहा जिला अस्पताल, डिस्पेंसरियों, सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टरों के अवकाश पर चले जाने से मरीज परेशान दिखाई दियें, वही त्यागी वाटिका क्षेत्र स्थित एक सामुदायिक भवन में सरकारी चिकित्सकों ने बैठक कर सामुहिक अवकाश को सफल बताया। अखिल राजस्थान राज्य सेवारत चिकित्सक संघ के जिला डॉ  राहुल हर्ष ने बताया कि चिकित्सक सरकार की हठधार्मिता के कारण आज सामुहिक अवकाश पर है। अगर सरकार ने अपनी हठधर्मिता नही छोडी तो आने वाले समय में जायज मांगों को लेकर आंदोलन को तेज किया जाएगा।


अवकाश निरस्त, कारवाई होगी 
राज्य सरकार द्वारा सामुहिक अवकाश पर रोक लगाने के बाद भी गुरूवार को आकस्मिक अवकाश पर रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ राजस्थान सेवा नियम के तहत कारवाई हेतु प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रेम रतन वाल्मिकी के अनुसार जिले में चिकित्सकों के 139 पद स्वीकृत है। 55 पद किन्ही कारणों से रिक्त चल रहें है। पोस्टेड 84 चिकित्सकों में से 71 चिकित्सकों के अवकाश प्रार्थना पत्र उन्हे प्राप्त हुए है। प्राप्त आकस्मिक अवकाश प्रार्थना पत्रों को निरस्त कर दिया गया ह। अवकाश निरस्त होने के बाद भी ड्यूटी से अनुपस्थ्ति रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कारवाई हेतु प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
 

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