Monday, 19 August 2019
khabarexpress:Local to Global NEWS
  8619 view   Add Comment

एमसीआई टीम ने किया शिशु अस्पताल का निरीक्षण

पीजी की दो सीटे बढाने के लिए किया निरीक्षण

बीकानेर, मेडिकल कांउसिल ऑफ इण्डिया की टीम ने शुक्रवार को शिशु अस्पताल का निरीक्षण कर उपलब्ध स्टाफ, सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पीजी की दो सीटे बढाने के लिए एमसीआई के प्रतिनिधि एपी दूबे ने शिशु अस्पताल के आउटडोर, आपातकालीन कक्ष, टीकाकरण कक्ष, दवा वितरण कक्ष, विभिन्न वार्डो, जांच उपकारणों आदि सुविधओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सीके चाहर सहित शिशु अस्पताल के चिकित्सक भी उपस्थित थे। एपी दुबे ने डॉ चाहर व डॉ रेणु अग्रवाल से अस्पताल मे दी जा रही सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर एपी दुबे ने पत्रकारों को बताया कि पीजी की दो सीटे बढाने के लिए निरीक्षण हेतु आये है। दुबे से जब खबरएक्सप्रेस.कॉम के पत्रकार ने पूछा कि जब भी कोई ऐसा निरीक्षण होता है तभी अस्पताल प्रशासन जोड तोड करके व्यवस्था करता है और फिर निरीक्षण के बाद सब अव्यस्थित हो जाता है इस स्थिति मे आप क्या कहेंगें? जवाब देने से बच रहे निरीक्षक दुबे ने कहा कि अभी कुछ नही कहा जा सकता है सबकुछ देखकर ही रिर्पोट तैयार कि जाएगी।


बीमार बच्चों के परिजनो को दूर करने पर आक्रोशित
शिशु अस्पताल मे एमसीआई के निरीक्षण के दौरान अपने बीमार बच्चों से घण्टों दूर रखने पर परिजन परेशान होकर आक्रोशित हो गए। एमसीआई के निरीक्षण को देखते हुए सुबह से बच्चों के परिजनों को वार्डों से बाहर निकाल दिया गया। बीमार बच्चों के माता - पिता व परिवारजन बच्चों को संभालने व उनको चाय, दुग्ध व भोजन के लिए उनके पास जाने की सुरक्षा कर्मियों से विनती करते रहे। लेकिन अस्पताल प्रशासन के आदेशों के चलते किसी को भी अन्दर आने जाने के लिए सख्ती से रोकते रहे। इस व्यवस्था से भर्ती हुए बच्चों के परिवारजनों को धैर्य टूट गया और सुरक्षा कर्मियों से उलझते पडे। परिवारजनों के अत्यधिक दबाव को देखते हुए कुछ परिजनों को अन्दर जाने दिया।


बार बार सफाई व स्टाफ भी तैनात
एमसीआई के निरीक्षण को देखते हुए शिशु अस्पताल की सफाई व्यवस्था मे शुक्रवार को चार चांद लग गये। बार बार होती सफाई से शिशु अस्पताल की रौनक निजी अस्पताल सी नजर आई। वहीं सभी कक्षों व वार्डों मे भी सभी डॉक्टर्स, स्टॉफ भी नजर आते रहे। मरीजों के परिवारजनों से हमेशा असहयोग करने के आरोपों को झेलने वाले चिकित्सक इस बार उनके हितैषी व मृदुभाषी जैसा बर्ताव करते नजर आये। 

Share this news

Post your comment