Saturday, 16 October 2021

KhabarExpress.com : Local To Global News
  2856 view   Add Comment

वेटरनरी विश्वविद्यालय में अनूठे पांरपरिक ईलाज

वेटरनरी छात्रावास का उद्घाटन मंगलवार को

बीकानेर। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने सोमवार को राज्य में अपनी किस्म के पहले इथ्नों वेटरनरी प्रेक्टिसेज और वैकल्पिक औषधि केन्द्र के नए भवन का उद्घाटन किया। प्रो. गहलोत ने विश्वविद्यालय के भेषज और विष विज्ञान विभाग की नवनिर्मित प्रयोगशाला और भवन का भी शुभारंभ किया। राज्य सरकार द्वारा राजस्थान कृषि विकास योजना मद में स्वीकृत राशि से नए भवनों का निर्माण किया गया है। कुलपति प्रो. गहलोत ने अपने विद्यार्थी जीवन की याद ताजा करते हुए भेषज और विष विज्ञान प्रयोगशाला में सल्फर ओइन्टमेन्ट बनाई जिसका छात्र/छात्राओं ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। इस प्रयोगशाला में दवाईयों के उपयोग की विधियों उनके प्रभाव और उपचार के तौर-तरीकों का अध्ययन किया जाता है। कुलपति प्रो. गहलोत ने कहा कि वेटरनरी विश्वविद्यालय की नई पहल से राज्य में पारम्पारिक पशु चिकित्सा पद्वतियों का उपयोग करके कम लागत की उपचार विधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस केन्द्र में पुरातन पशु चिकित्सा विधियों की वैज्ञानिक व्याख्या की जा सकेगी। प्राचीन काल में हाथी, घोड़े, खच्चर और ऊँट आदि पशुओं का उपयोग युद्ध में होता रहा और उनके उपचार की पांरपारिक विधियों भी प्रचलित थी। इनके लिखित और मौखिक विवरणों को वैज्ञानिक परीक्षण के उपरांत प्रचलित करने की जरूरत है। विश्वविद्यालय इन कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेगा। देश में पाई जाने वाली विभिन्न वनस्पति की प्रजातियों में अद्भुत औषधीय क्षमताएं और गुण है। वेदों में भी इसका उल्लेख है। ऐसे पौधों के औषधीय गुणों की पहचान कर पुरातन चिकित्सा विधियों का उपयोग पशु स्वास्थ्य और उत्पादन बढ़ाने में किया जा सकता है। सस्ती चिकित्सा पद्वतियों और मंहगी दवाइयों के विकल्प तैयार करने में यह केन्द्र अपनी भूमिका अदा करेगा। ओषधीय पेड़-पौधों का उपयोग पशुधन स्वास्थ्य और उत्पादन के कार्यों में किए जाने की संभावनाएं प्रबल है इसमे भी वेटनरी संस्थान कार्य कर सकते है। इस कार्य में पशु चिकित्सालयों तथा अनुसंधान संस्थानों में पेड़-पौधों की रोग उपचार क्षमताओं और घटकों का पशुओं के संदर्भ में सत्यापन किया जाना शामिल है। केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक प्रो. ए.पी. सिंह ने प्रयोगशाला में स्थापित उपकरणों की जानकारी दी। कुलपति प्रो. गहलोत ने विभागाध्यक्ष प्रो. नलिनी कटारिया द्वारा तैयार "प्रेक्टिकल मैन्यूल" पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. बी.के. बेनीवाल, कुलसचिव प्रो. राकेश राव, निदेशक (कार्य) इंजिनियर बंसत आचार्य सहित डीन-डायरेक्टर, अधिकारी तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद थे। 

 वेटरनरी छात्रावास का उद्घाटन मंगलवार  को 
वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत मंगलवार 17 सितम्बर को पशु चारा संसाधन प्रबन्धन एवं तकनीक केन्द्र तथा वेटरनरी छात्रावास के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रात: 11:30 बजे करेगें। पशु चारा संसाधन प्रबन्धन एवं तकनीक केन्द्र के भवन का निर्माण राज्य सरकार द्वारा राज्यमद में स्वीकृत राशि से करवाया गया है तथा वेटरनरी छात्रावास का निर्माण आई.सी.ए.आर. ग्रान्ट से किया गया है। 
 

Tag

Share this news

Post your comment