Sunday, 24 June 2018
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संगीत मनीषी डॉ. जयचन्द्र शर्मा स्मृति 'संगीतोत्सव सम्पन्न

प्रो. राजेन्द्र वैष्णव, वास्तुविद् शंभूदयाल गोस्वामी का सम्मान

बीकानेर, संगीत मनीषी डॉ. जयचन्द्र शर्मा स्मृति तीन दिवसीय 'संगीतोत्सव सोमवार की शाम हंशा गेस्ट हाउस में शास्त्रीय गायन एवं कलाकार सम्मान के साथ सम्पन्न हुआ। संगीत भारती एवं तोलाराम हंसराज डागा चेरिटेबल ट्रस्ट गंगाशहर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समापन पर शास्त्रीय गायक प्रो. राजेन्द्र वैष्णव (जोधपुर), वास्तुविद् शंभूदयाल गोस्वामी को संगीत मनीषी डॉ. जयचन्द्र शर्मा अवार्ड से सम्मानित किया गया।
समापन पर भातखण्डे संगीत समारोह में जयपुर-अतरौली ग्वालियर घराने के शास्त्रीय गायक प्रो. राजेन्द्र वैष्णव  (जोधपुर) ने अपने शास्त्रीय गायन में राग मारवा प्रस्तुत किया। जिसमें विलंबित के बोल 'सुधर बना मिल गावो विकट ताल तथा द्रुत के बोल 'चल हट जाओ तुम मुरारी थे। वैष्णव ने परम्परागत शास्त्रीय रचनाएं सुनाकर भजन से प्रस्तुति पूर्ण की। इनके साथ तबले पर उस्ताद गुलाम हुसैन, हारमोनियम पर पुखराज शर्मा ने संगत की। बीकानेर के कलाकारों ने प्रो. राजेन्द्र वैष्णव का भव्य स्वागत किया।
संगीत भारती के निदेशक डॉ. मुरारी शर्मा ने सम्मानित जनों की उपलब्धियों को प्रेरणादायक बताया।


चित्रकला-निबंध प्रतियोगिता
संगीतोत्सव के अंतर्गत दोपहर चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में बालक बालिकाओं ने प्राकृतिक चित्रण, संगीत के सुरों, ग्रामीण जीवन आदि के चित्रों में अभिव्यक्ति दी।
राष्ट्रीय कला उपनिषद्
संगीतोत्सव के तहत हंशा गेस्ट हाउस में राष्ट्रीय कला उपनिषद का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय 'शास्त्रीय संगीत के सिद्धांत और व्यवहार में बढ़ती दूरियां : समस्या और समाधान पर वक्ताओं ने आज के बदलते दौर में शास्त्रीय संगीत के बदलते रूप पर चिन्ता व्यक्त की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. श्रीलाल मोहता ने कहा कि डॉ. जयचन्द्र शर्मा जैसे संगीत मनीषियों की आवश्यकता है जो संगीत को समर्पित थे। विषय प्रवर्तन डॉ. मुरारी शर्मा ने किया। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. ओम कुवेरा ने शास्त्रीय संगीत के श्रेष्ठ रूप को आम अवाम तक पहुंचाने का आह्वान किया। डॉ. किन्शुक श्रीवास्तव (वनस्थली), महेश जोशी, संगीत कला केन्द्र भीलवाड़ा की प्राचार्य रमा पच्चीसिया, लेखक अशफाक कादरी, चंद्रशेखर जोशी, डॉ. सत्यनारायण स्वामी, मोहनलाल मारु, श्रीमती राजकुमारी मारु, भगवानदास पडि़हार, राजाराम स्वर्णकार शामिल थे। संगीत भारती के उपाध्यक्ष लूणकरण छाजेड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रतियोगिता परिणाम
संगीतोत्सव के अंतर्गत आयोजित नवम् अखिल भारतीय संगीत-कला प्रतियोगिता के घोषित परिणामों के अनुसार कथक नृत्य में सब जूनियर वर्ग में मनस्वी पच्चीसिया (भीलवाड़ा)-प्रथम, ट्विशा मोदी-द्वितीय तथा मोनिका प्रजापत तृतीय स्थान पर रहे। सौम्या गहलोत, प्राची मोदी को प्रोत्साहन पुरस्कार मिला। जूनियर वर्ग में सपना कत्थक (भीलवाड़ा) तथा अन्नपूर्णा मोदी संयुक्त रूप से प्रथम रहे तथा अर्पिता दास-द्वितीय, कनिका पांडे तृतीय रहे। कथक का सीनियर वर्ग जूही मित्तल ने जीता। लोक नृत्य प्रतियोगिता के सब जूनियर वर्ग में नन्ही बालिकाएं प्रगति मारू-प्रथम, सरगम शर्मा-द्वितीय, अमृता राणा-तृतीय रही। जूनियर वर्ग में अन्नपूर्णा मोदी-प्रथम, ऋचा-द्वितीय तथा श्यामा उपाध्याय तीसरे स्थान पर रही। लोकनृत्य के वरिष्ठ वर्ग में स्वाति करनाणी-प्रथम, पूजा करनाणी द्वितीय, ज्योति भट्टड़-तृतीय रही। ताल वाद्य प्रतियोगिता में नन्हे तबलावादकों की धूम रही। सब जूनियर वर्ग में शुभम गहलोत, जूनियर में तिलक प्रथम रहे तथा सीनियर वर्ग में भरत झा- प्रथम एवं प्रशांत द्वितीय रहे। उपशास्त्रीय गायन में सब जूनियर वर्ग में मोनिका प्रजापत ने बाजी मारी। जूनियर वर्ग में हरमनदीप कौर (हनुमानगढ़)-प्रथम, डेनिस फ्रेंकलिन (अजमेर)-द्वितीय एवं पूजा दाधीच तृतीय रहे। सीनियर वर्ग में मुकेश चांवरिया-प्रथम, ऋचा राठौड़-द्वितीय, देवेन्द्र कुमार उपाध्याय-तृतीय स्थान पर रहे। स्वर वाद्य प्रतियोगिता में सब जूनियर वर्ग में सरगम शर्मा-प्रथम, भव्य शर्मा-द्वितीय रहे। जूनियर वर्ग में गौरव मूंधड़ा-प्रथम, कुशाग्र शर्मा-द्वितीय रहे। सीनियर वर्ग में महेन्द्र ने बाजी जीती।
चित्रकला प्रतियोगिता में सब जूनियर वर्ग में चंद्रिका जैन-प्रथम, जया चांडक द्वितीय, यशवद्र्धन सारड़ा तृतीय स्थान पर रहे। अनुष्का तिवारी, चेतना चांडक को प्रोत्साहन पुरस्कार मिला। जूनियर वर्ग में जयकरनाणी प्रथम, अदिति सैन-द्वितीय, साक्षी करनाणी तृतीय रहे। वरिष्ठ वर्ग में श्रीवल्लभ पुरोहित प्रथम, किशोर भंसाली-द्वितीय तथा रितिका बोथरा तृतीय रहे।
चित्रकला प्रतियोगिता के निर्णायक वरिष्ठ चित्रकार मुरली मनोहर के माथुर तथा सुलोचना गोठवाल ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर गुरुजनों गुलशन अरोड़ा (हनुमानगढ़), रेणुका (अजमेर), किशोर कुमार कत्थक (भीलवाड़ा), नारायण रंगा, पुखराज शर्मा, गोविंद राजपुरोहित, ललित रतावा का सम्मान किया गया। डॉ. सीताराम गोठवाल, चित्रकार सुलोचना, राजकुमारी मारू, मोहनलाल मारू ने यह सम्मान प्रदान किये।
कार्यक्रम के समापन पर तोलाराम हंसराज डागा चेरिटेबल ट्रस्ट गंगाशहर के निदेशक हंसराज डागा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संयोजन अशफाक कादरी ने किया। 

Musician Jaychandra Sharma   Bikaner Music   Sambhu Dayal Goswami   Rajendra Vaishnav