Monday, 11 December 2017

महत्वपूर्ण शहरों की फेहरिश्त में शामिल बीकानेर

हर समय यहां अवांछनीय गतिविधियों का डर लगा रहता है

 बीकानेर। सीमावर्ती शहर होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बीकानेर का नाम  सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों की फेहरिश्त में शामिल है और यहां सैन्य गतिविधियां भी लगातार चलती रहती है ऐसे में हर समय  यहां अवांछनीय गतिविधियों का डर लगा रहता है। मगर विडम्बना है कि इसके बावजूद भी बीकानेर शहर संदिग्ध तत्वों का ठिकाना बना हुआ है जिनकी छानबीन करने की फुर्सत तो ना यहां स्थानीय पुलिस को है और ना ही खुफियां  ऐजेंसियां इस मामले में गंभीर है। मजे कि बात यह है कि संदिग्ध किस्म के तत्व यहां होटलों, धर्मशालाओं में ठहरने के अलावा घरों में किरायेदार बनकर रहते है और अपनी संदिग्ध गतिविधियो को अंजाम देकर निकल जाते है, इनके बारे में पुलिस और खुफियां ऐजेंसियों को कुछ पता ही नहीं चल पाता। इसी पोलपट्टी के चलते पड़ौसी प्रांतों के अपराधी तत्वों ने भी बीकानेर शहर को अपनी वारदातों का ठिकाना बना रखा है जो यहां आते है ठहरतें और वारदातों को अंजाम देने के बाद निकल जाते है। हालांकि रैंज पुलिस महानिरीक्षक गोविन्द गुप्ता ने यहां सुरक्षा के लिहाज से संदिग्ध लोगों पर कड़ी निगरानी रखने और किरायेदारों के वैरिफिकेशन, होटलों, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में ठहरने वाले बाहरी लोगों की पहचार के लिये उनके पहचान पत्र व अन्य दस्तावेज  रखने के निर्देश दे रखे है मगर विडम्बना है कि स्थानीय पुलिस यहां रैंज महानिरीक्ष के आदेश की पालना में गंभीरता नहीं दिखा रही है। बीकानेर में रहने वाले बाहरी लोगों के वैरीफिकेशन का मुद्दा तो कई दफा उठ चुका है और मगर वैरिफीकेशन की प्रक्रिया आज तक शुरू नहीं हुई। मजे कि बात यह भी है कि शहर में आने वाले विदेशी व देशी लोगों का पुलिस के पास किसी प्रकार का कोई ब्यौरा नहीं है। इसके साथ ही शहर की होटलों व गेस्ट हाउस में रहने वाले लोगों का भी किसी प्रकार का कोई विवरण नहीं है। जिसके चलते कभी भी किसी अवांछनीय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

 

Bikaner    Police