Monday, 23 October 2017

राज्यपाल का जीवन परिचय

राजस्थान के नये राज्यपाल श्री शिलेन्द्र कुमार सिंह ने गुरूवार ६ सितम्बर, ०७ को राजस्थान के १८वें राज्यपाल के रूप में राजभवन में शपथ ग्रहण की। श्री सिंह इससे पूर्व अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल थे।

जयपुर, ६ सितम्बर। श्री शिलेन्द्र कुमार सिंह का जीवन परिचय इस प्रकार है -
राज्यपाल श्री सिंह का जन्म २४ जनवरी, १९३२ में हुआ था। उन्होंने आगरा के सेंट जॉन्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री एवं आगरा विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर तथा एल.एल.बी. की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से फारसी एवं अन्तर्राष्ट्रीय कानून की पढाई की।
श्री सिंह १९५४ में भारतीय विदेश सेवा में चुने गये। वर्ष १९५६ से १९५९ तक वे तेहरान में ’’थर्ड सैक्रेट्री’’ थे और इसी दौरान उन्होंने तेहरान विश्वविद्यालय से जुडकर फारसी भाषा का अध्ययन किया। वर्ष १९५९ से १९६२ तक उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्राालय में विभिन्न पदों पर कार्य किया तथा १९६२ से १९६८ तक वे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ में ’’परमानेन्ट मिशन ऑफ इंडिया’’ के सदस्य रहे।
श्री शिलेन्द्र सिंह फरवरी, १९८९ में भारत के विदेश सचिव नियुक्त किये गये। उन्हें भारतीय विदेश सेवा की सर्वोच्च श्रेणी-ग्रेड-१ राजदूत का दर्जा प्राप्त है। विदेश सचिव बनने से पूर्व, व सबसे लम्बे समय १९८५ से १९८९ तक पाकिस्तान में भारत के राजदूत रहे। वे १९८२ से १९८५ तक ऑस्ट्रिया के राजदूत, १९७९ से १९८२ तक अतिरिक्त विदेश सचिव, १९७७ से १९७९ तक अफगानिस्तान के राजदूत तथा १९७४ से १९७७ तक जॉर्डन, लेबनान तथा साइप्रस के राजदूत के पद पर भी रहे। वे १९६९ से १९७४ तक भारत सरकार के सरकारी प्रवक्ता भी रहे। उन्होंने १९६८-६९ में वाणिज्य मंत्रालय में निदेशक (विदेश व्यापार) के पद पर अपनी सेवाएं दी।
श्री सिंह वर्ष १९९५ से दिसम्बर २००४ तक दिल्ली के महत्वपूर्ण संस्थान ’’यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवानिया इंस्टीट्यूट फॉर दी एडवान्स स्टडी ऑफ इंडिया’’ के महासचिव भी रहे।
राज्यपाल श्री सिंह ने राष्ट्रमण्डल एवं संयुक्त राष्ट्र संघ के लिए दक्षिण अफ्रीका , कीनिया, अलजीरिया, लेसोथ, मालावी, सिएरा, लीओन म आम चुनावों एवं श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनावों का पर्यवेक्षण भी किया है। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा को भेजे जाने वाले उन्नीस भारतीय प्रतिनिधिमण्डलों और मानवाधिकार आयोग के सदस्य रहे हैं। वे जी-७७ के अध्यक्ष भी रहे और उन्होंने इन्टरनेशनल एटोमिक एनर्जी एजेन्सी, वियाना के बोर्ड ऑफ गवर्नरस में भारतीय गर्वनर के पद पर भी अपनी सेवाएं दी हैं।
श्री सिंह ने आगरा यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य भी किया। वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की एकेडमिक कॉन्सिल के सदस्य एवं विजिटिंग प्रोफेसर भी रहे। वे अनेक सांस्कृतिक, अकादमिक तथा औद्योगिक संस्थानों के निदेशक मण्डल के सदस्य भी हैं। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों, भौगोलिक, राजनीति एवं सामयिक घटनाओं पर देश एवं विदेश के अखबारों एवं पत्रिकाओं में अनेक लेख लिखे हैं। इसके साथ ही वे अक्सर दूरदर्शन पर सम सामयिक घटनाओं पर अपनी व्याख्या देते रहे हैं। वे फारसी, उर्दू, संस्कृत एवं हिन्दी भाषा के ज्ञाता हैं।
श्री सिंह की पत्नी का नाम श्रीमती मंजू सिंह है और शशांक और कनिष्क उनके दो पुत्रा ह ।