Monday, 20 November 2017
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धको देवे रात रे अंधेरे ने मन रो उजास

डा. राजेश व्यास की एकल काव्य प्रस्तुति

बीकानेर। संवाद संस्था द्वारा रविवार को अजित फाऊण्डेशन सभागार में हिन्दी एंव राजस्थानी भाषा के कवि डा. राजेश कुमार व्यास की एकल कविताओं के काव्य पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायाधीश नरसिंह दास व्यास थे। अध्यक्षता साहित्यकार मालचंद तिवाडी ने की। एकल काव्य पाठ के दौरान डा. राजेश कुमार व्यास ने मां, सूरज सरीखा रोज उगै सुपना, बैवे झरनो, सोनलिया धोरा, जाग्योडी आंख, गुमग्या सगला ही सबद, धको देवे रात रे अंधेरे ने, दोरो है इण बखत कैरे बारे में सोचणो, चांद इक बार फिर गिगनार चढग्यों, डरू-फरू हुयोडो जंगल, लूकमिचणी करती, चमकै बैरण बिजली, कविता खोले आस रा किवाड, जुग री पीड, बालपने री ओली, सियालै मांय, जाग्योडी आंख रे सुपना आदि कविताओं के माध्यम से शमा बांधा। श्रोताओं ने डा. व्यास की लघु कविताओं की तारीफ कर शब्द रचना की प्रशंषा की। संचालन कमल रंगा ने किया। आभार अविनाश आचार्य ने व्यक्त किया।

 

Rajesh Vyas