Monday, 11 December 2017

नानी बाई के मायरे का प्रथम दिन

नौखा में चल रहे दिव्य नानी बाई के माहेरे के प्रथम दिन की कथा

 नौखा में चल रहे दिव्य नानी बाई के माहेरे के प्रथम दिन की  कथा में भागवत कथाकार रमतेराम जी महाराज ने भक्त नरसीमेहता के जन्म की कथा सुनाकर कहा कि नरसी मेहता जन्म से गूंगे व बहरे थे! एक संत की कृपा से उन्हें वाणी व श्रृवण षक्ति प्राप्त  हुई! और भगवान कर की कृपा से उन्हें गौलोक में भगवान श्री कृश्ण के दर्षन हुए ! आयोजक समिति के सन्तोश जी चांडक,बाल चन्द जी बाहेती,भंवरलाल चांडक ने सपत्निक पूजन करवाया!