Tuesday, 24 October 2017

गणगौर मण्डल का गणगौर महोत्सव

पुस्तक गवरजा रा गीत का लोकार्पण किया गया ।

बीकानेर कासीदासोत भादाणी पुरोहित समाज का गणगौर महोत्सव सेवगों की गली मूलसा-फूलसा कोटडी में सम्पन्न हुआ, जिसमें पुस्तक “गवरजा रा गीत” का लोकार्पण किया गया ।
 कार्यक्रम में समाज के बुजुर्ग बद्रीदास भादाणी, रामदेव भादाणी उर्फ ढोला महाराज, सत्यनारायण भादाणी, सीन महाराज, पार्षद दुर्गादास छंगाणी, हरिकिषन भादाणी, श्रीलाल भादाणी ने पुस्तक ”गवरजा रा गीत“ का लोकार्पण किया । स्व0 श्रीमती आषादेवी-स्व0 श्री अणतलाल भादाणी ”उस्तादजी“ की स्मृति में प्रकाषित इस पुस्तक के संपादक रामदेव भादाणी तथा उप संपादक सत्यनारायण भादाणी “सत्तू महाराज” है । सह संपादक कु0 आरती छंगाणी ने बताया कि पुस्तक में समाज में सदियों से गाये जा रहे गणगौर के गीतों को पुखराज भादाणी द्वारा संग्रहीत किया गया है,जिसे प्रथम बार आमजन के लिए प्रकाषित किया गया है । पुस्तक के सहयोगी संपादक बाबूलाल छंगाणी ने बताया कि पुस्तक में समाज के जुगल किषोर ओझा पुजारी बाबा तथा घेटड महाराज के संदेष भी षामिल किये गये है । पुस्तक में बारहमासे के व्रत की विधि, तीज चोथ की गवर, बारहमासी गणगौर, धीना गवर, भादाणीयों की गवर की जानकारी दी भी गयी है । कार्यक्रम में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक  कार्यक्रम में महिलाओं ने गणगौर के पारंपरिक गीत गाये तथा नृत्य कर अपनी श्रद्वा प्रकट की । कार्यक्रम में पुजारी बाबा गणगौर मण्डली के नमामी षंकर ओझा ने रचना “गढन हें कोटो सु गवरल उतरी“ प्रस्तुत की । कार्यक्रम में आत्माराम व्यास ने ”चलो बुलावा आया है- माता ने बुलाया है“ सुनाकर कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया । मुन्ना हिन्दुस्तानी ने “तूने मुझे बुलाया षेरांवालिये” सहित अनेक भक्ति रचनाएं सुनाई । देर रात तक चले इस कार्यक्रम में मरूनायक मंच द्वारा डांडिया नृत्य का प्रदर्षन किया गया, जिसमें महिलाओं ने भी हिस्सा लिया । कार्यक्रम में महाप्रसादी का आयोजन कियागया ।