Wednesday, 13 December 2017

धूमधाम से मनाया गया सरस्वती जन्मोत्सव

भिन्न -भिन्न बिस्कुटों से मनोहारी श्रृंगार

धूमधाम से मनाया गया सरस्वती जन्मोत्सव

बीकानेर - वाणी की देवी सरस्वती जिसे माता ,वागेश्वरी ,संगीत की देवी , माँ  शारदा आदि नामो से जाना जाता है! माँ सरस्वती का जन्मोत्सव पुराणो के अनुसार भगवन श्रीकृष्ण ने माता सरस्वती से प्रसन्न हो कर वरदान दिया था कि देवी  तुम्हारी आराधना, जन्मोत्सव बसंत पंचमी के दिन मनाया जाएगा, ये उदगार थे मरुनायक चैक स्थित गज्जाणी फरसे में मनाये गए सरस्वती महोत्सव के संचालक रमेश बाबू गज्जाणी का।

इस अवसर कोलकता प्रवासी रमेश बाबू ने कहा कि हर वर्ष यह कार्यक्रम कोलकता मे आयोजित किया जाता रहा है और इस इस बार बीकानेर मे यह उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। गज्जाणी ने पौराणिक प्रसंग बंसत पंचमी की कथा बताते हुए कहाँ की पुराणो के अनुसार जब ब्रह्मा जी ने विष्णु भगवान की आज्ञा पाकर अपने कमंडल से पृथ्वी पर जल छिड़का, जल छिडकने पृथ्वी कम्पन करने लगी और चतुर्मुखी रूप में एक अनुपम सौंदर्य लिए एक स्त्री प्रकट हुई जिसके एक हाथ में वीणा और दूसरे हाथ आशीर्वाद मुद्रा में था तथा एक हाथ में पुस्तक एवं एक माला धारण थी , फिर जब देवी ने अपनी वीणा का मधुर वादन किया तो पृथ्वी के पूरे प्राणियों को वाणी प्राप्त हो गयी और वाणी की देवी ये देख, उनका ब्रह्मा जी ने नामकरण किया।

आज के कार्यक्रम मे गज्जाणी फरसे में माता सरस्वती की प्रतिमा को एक ऊचे मंच पर विराजमान कर पिंकी गज्जाणी , सोनू गज्जाणी एवं उनके साथियों ने मंडप का भिन्न -भिन्न बिस्कुटों से मनोहारी श्रृंगार किया गया ।

गज्जाणी फरसे में धूमधाम से मनाए गए सरस्वती जन्मोत्सव को सफल बनाने तथा फरसे को सुसज्जित करने में शिव कुमार गज्जाणी , दीपक गज्जाणी , मोहित गज्जाणी , नारायण दास गज्जाणी , बजरंग गज्जाणी , सत्य नारायण जोशी आदि ने अपना कुशल ने सहयोग किया।