Monday, 18 November 2019
khabarexpress:Local to Global NEWS
  2829 view   Add Comment

होलिका दहन आधी रात के बाद

प्रदोषकाल में पूर्णिमा 26 मार्च को ही होने से होली पर्व इस दिन मनाया जाएगा

बीकानेर(का.स.), होलिका दहन गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी आधी रात बाद ही होगा। वहीं, तिथियों की घटत-बढ़त के चलते संवत्त 2069 में दीपावली के बाद अब होली का त्योहार भी चतुर्दशीयुक्त मनाया जाएगा। होली पर शुक्र एवं शनि अपनी उच्चराशि में भ्रमण करेंगे। इस कारण होली का त्योहार आम लोगों के लिए खुशहाली व उन्नतिदायक होगा। जिस प्रकार 13 नवम्बर को दीपावली पर सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि होने और शाम को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या होने से चतुर्दशीयुक्त दीपावली मनाई गई थी। उसी प्रकार 26 मार्च को होली के दिन सूर्योदय के समय चतुर्दशी और प्रदोषकाल पूर्णिमायुक्त होने से होली भी चतुर्दशीयुक्त ही मनाई जाएगी। संयोग से ये दोनों त्योहार मंगलवार को ही आए हैं। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार इस वर्ष फाल्गुन शुक्ला चतुर्दशी मंगलवार 26 मार्च को दोपहर बाद 4.26 बजे पूर्णिमा शुरू होकर अगले दिन दोपहर 2.58 बजे तक रहेगी। प्रदोषकाल में पूर्णिमा 26 मार्च को ही होने से होली पर्व इस दिन मनाया जाएगा, किन्तु इस दिन भद्रा दोपहर बाद 4.26 बजे से अर्द्धरात्रि बाद 3.45 बजे तक रहेगी। शासत्रानुसार होलिका दहन भद्रा पश्चात ही किया जाना चाहिए। इसलिए 26 मार्च को अर्द्धरात्रि बाद 3.46 बजे ही होलिका दहन करना श्रेष्ठ रहेगा। वर्ष 2012 में भी सायं 5.54 बजे पूर्णिमा आने के बाद इसी दिन अर्द्धरात्रि बाद होलिका दहन हुआ था। इससे पूर्व 4 मार्च 1996 में दोपहर 2.11 बजे पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ होने के बाद चतुर्दशीयुक्त होली मनाई गई थी। अब आगे 22 मार्च 2016 में दोपहर 2.56 बजे पूर्णिमा आने के बाद चतुर्दशीयुक्त होली मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य भैरव रतन बोहरा केअनुसार 26 मार्च को सुबह 6.28 बजे चतुर्दशी तिथि रहेगी। यह दोपहर बाद 4.26 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जाएगी, जो 27 मार्च को दोपहर बाद 2.58 बजे तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा शुरू होगी, जो 28 मार्च को दोपहर 1.06 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारम्भ होगी, जो 29 मार्च को प्रात: 10.56 बजे तक रहेगी।

Share this news

Post your comment