Monday, 18 November 2019
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चन्द्रपक्ष कुण्डात्मक पञ्चामृत महोत्सव

महायज्ञ में आहूतियां, भैरव प्रतिमा का औषधियों से अभिषेक

महायज्ञ में आहूतियां, भैरव प्रतिमा का औषधियों से अभिषेक
बीकानेर। प्राकृतिक प्रकोप, पञ्चतत्व पञ्चमहामूत की शांति के लिए ओझा सत्संग भवन में चल रहे आठ दिवसीय चन्द्रपक्ष कुण्डात्मक पञ्चामृत महोत्सव के चौथे दिन रविवार को भैरव महायज्ञ में आहूतियां देने का क्रम जारी रहा। वहीं सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा होने वाली स्वर्णाकर्षण श्री सियाणा भैरव प्रतिमा का १०१ औषधियों से अभिषेक किया गया। याज्ञिक सम्राट पण्डित बंशीधर ओझा के सानिध्य एवं यज्ञाचार्य पण्डित अशोक ओझा के आचार्यत्व में २१ वेदपाठी ब्राह्मणों के सामूहिक मंत्रोच्चारण के बीच भैरव प्रतिमा का धान्यादिवास, जलाधिवास, औषधिवास कार्यक्रम सम्पन्न हुए। महायज्ञ के यजमानों द्वारा सपत्नीक भैरव प्रतिमा का औषधि मिश्रित जल से अभिषेक किया गया। आयोजन समिति के एस.एन.बोहरा ने बताया कि पञ्चामृत महोत्सव के अन्तर्गत अतिवृष्टि, अनावृष्टि, महामारी शमनार्थ एवं धन-धान्यवृद्वि के लिए चन्द्र पक्ष कुण्डात्मक श्री स्वर्णाकर्षण सियाणा भैरव महायज्ञ में वेदमंत्रों के उच्चारण के बीच आहूतियां देने का क्रम जारी रहा। २१ हवन कुण्डों में यजमानों द्वारा सपत्नीक महायज्ञ में आहूतियां दी। इससे पूर्व यज्ञाचार्य के सानिध्य में वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, षोडश मातृका पूजन, वेदि पूजन, पुण्याह वाचन, मण्डपस्थ देवता पूजन के साथ प्रधान पीठ पर भैरव का अनावरण पूजन कर भैरव महामंत्र के बीच आहूतियां दी गई। महायज्ञ एवं भैरव प्रतिमा के औषधि अभिषेक के दौरान बड़ी संख्या में पुरुष व महिला श्रद्धालु उपस्थित हुए। श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

सियाणा भैरव प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा आज
नत्थुसर गेट के बाहर स्थित ओझा सत्संग भवन में चल रहे चन्द्रपक्ष कुण्डात्मक पञ्चामृत महोत्सव के पांचवें दिन सोमवार को ओझा सत्संग परिसर में स्वर्णाकर्षण श्री सियाणा भैरव की नूतन प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। आयोजन समिति के भंवरलाल ओझा के अनुसार यज्ञाचार्य पं. अशोक ओझा के आचार्यत्व में २१ वेदपाठी ब्राह्मणों के सामूहिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि विधानपूर्वक भैरव प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। भैरव महायज्ञ के यजमानों बसंत ओझा, शंकर लाल, विजय ओझा, भंवरलाल ओझा द्वारा भैरव प्रतिमा का अभिषेक, पूजन, शृंगार कर महाआरती की जाएगी। पं.ललित ओझा के सानिध्य में राजा ओझा, कालीचरण, नमामी शंकर ओझा, नील रतन, बसंत ओझा, काचिया महाराज, किशन ओझा द्वारा भैरव स्त्रोत के पाठ का वाचन किया जाएगा।

भागवत कथा में कृष्ण की बाल-लीलाओं का वर्णन
चन्द्रपक्ष कुण्डात्मक पञ्चामृत महोत्सव के अन्तर्गत चल रहे भागवत कथा के अन्तर्गत रविवार को भागवत कृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं की सप्रसंग व्याख्या कथा वाचक कपिल देव श्रीजी महाराज ने की। कथा वाचक ने कहा कि भगवान का जन्म पृथ्वी पर बढ़े अत्याचार अनाचार, पाप को समाप्त करने के लिए हुआ। उन्होंने धर्म की स्थापना कर सत्य, धर्म की पताका को फहराया। कथा के दौरान भगवान कृष्ण के जन्म को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कृष्ण जन्म पर श्रद्धालुओं ने बधाईयां व मिठाईयां बांटी। भंवरलाल ओझा ने नंदबाबा, कान्हा ने बाल कृष्ण की भूमिकाएं निभाई। भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं के वर्णन के दौरान संचेतन झांकिया सजाई गई। इससे पूर्व नरेन्द्र छंगाणी, मनोज व्यास, भैंरु रतन ओझा ने सपत्नीक भागवत कथा का पूजन कर महाआरती की। कथा श्रवण के दौरान उद्योगपति राजेश चूरा, समाज सेवी पुजारी बाबा, सूरज रतन ओझा, रतन लाल ओझा, किशन लाल ओझा सहित बड़ी संख्या में पुरुष व महिला श्रद्धालु उपस्थित हुए।

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