Friday, 19 July 2019
khabarexpress:Local to Global NEWS
  2001 view   Add Comment

घर -घर व मंदिरों में हुआ कन्याओं का पूजन

दुर्गाष्टमी पर देवी मंदिरों में उमडा श्रद्धालुओं का सैलाब

बीकानेर, वासंतीय नवरात्रा के आठवे दिन शनिवार को दुर्गाष्टमी पर्व विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन के साथ मनाया गया। घरों व मंदिरों में मां भगवती का पूजन, श्रृगांर व महाआरती कर लापसी का विशेष रूप से भोग लगाया गया। घर-घर में दुर्गाष्टमी के अवसर पर शक्ति स्वरूपा मां भगवती का तेल, सिन्दूर, बर्ग, पुष्पमाला, श्रीफल, ऋतुफल, धूप, दीप, नैवेध, कुमकुम, अक्षत, चदंन इत्यादि पूजन सामग्रियों के साथ पूजन कर महाआरती की गई व परिवार में सुखमय व मंगलमय जीवन की कामना की गई। प्रथम नवरात्रा से चल रहे नवरात्रा पूजन नवरात्रा को बोए गऐ गेंहू की बाडी के ज्वारे भी मां भगवती को समर्पित कर सुखमय जीवन की कामनाऐ की गई। 
मंदिरों में उमडे श्रद्धालु
दुर्गाष्टमी के अवसर पर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अल सुबह मंदिर के द्वार खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की लम्बी कतारे लग गई व मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंजने लग गऐ। दिन भर देवी मंदिरों में मां भगवती के पूजन, श्रृगांर, दर्शन व प्रतिमा प्रदक्षिणा का क्रम चलता रहा। सुबह व शाम को हुई महाआरती में बडी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित हुए। देशनोक स्थित मां करणी, पवनपुरी स्थित नागणेचेजी, जयपुर रोड स्थित वैष्णो धाम, जूनागढ के समक्ष स्थित मां करणी, विजय भवन स्थित गायत्री भवन, करमसीर रोड स्थित मां सच्चियाय, त्रिपुरा बाला सुदंरी सहित देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड पडा। 
कन्याओं का किया पूजन 
दुर्गाष्टमी पर्व के अवसर पर देवी भक्तों ने शक्ति स्वरूप के बीज रूप कन्याओं का पूजन कर उनसे आर्शीवाद प्राप्त किया। दुर्गाष्टमी पर घर-घर व मंदिरों में कन्याओं का पूजन किया गया। कन्या पूजन में कन्याओं के चरण धोकर उनकों भोजन करवाया गया व कुमकुम अक्षत तिलक कर मेहन्दी, ऋतुफल, वस्त्र, दक्षिणा, श्रृगांर सामग्री कन्याओं को दी गई। नत्थुसर गेट स्थित आशापुरा मंदिर में पडिंत विष्णु दत्त बिस्सा के नेतृत्व में कन्या पूजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। वैष्णोधाम मंदिर मे 10 कन्याओं का पूजन एवं माता की चौकी कार्यक्रम आयोजित हुआ। पटेल नगर स्थित गायत्री मंदिर में 108 कन्याओं का पूजन, हवन एवं भक्ति संगीत कार्यक्रम का आयोजन हुआ। देवी मंदिरों के साथ-साथ घर-घर  में देवी स्वरूपा ९ कन्याओं व क्षेत्रपाल के रूप में एक लडके पूजन किया जाता है। 

Share this news

Post your comment